Notice: Function _load_textdomain_just_in_time was called incorrectly. Translation loading for the astra-sites domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home/u423053031/domains/99bihar.xyz/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131
Select इस नन्ही dancer की Post आपकी सोच बदल देगी | Bhumika @BhumikaTiwari.official | Hindi इस नन्ही dancer की Post आपकी सोच बदल देगी | Bhumika

इस नन्ही dancer की Post आपकी सोच बदल देगी | Bhumika @BhumikaTiwari.official | Hindi

मैं भूमिका तिवारी, जो एक मशहूर यूट्यूबर हैं, अपने जीवन की कहानी को अपने शब्दों में बयान करती हैं। अपने सफर, चुनौतियों और उनके सामने आए मुश्किलों का जिक्र किया है और कैसे उन्हें सबका सामना किया है। वीडियो में वो अपने अनुभवों और सफलता के रास्ते पर चली कथिन यात्रा के बारे में बताते हैं अपने दर्शकों को प्रेरणा देते हैं। ये वीडियो उन सब लोगों के लिए प्रेरणादायक है जो सोशल मीडिया या यूट्यूब पर अपना करियर बनाना चाहते हैं और वास्तविक जीवन की चुनौतियों और चुनौतियों को समझना चाहते हैं।

मैं 12 साल की हूं और आज मुझे सोशल मीडिया पे लाखों लोग फॉलो करते सब्सक्राइब करते हैं अब आप लोगों को लग रहा होगा कि इस लड़की की लाइफ तो सेटल हो गई बिल्कुल सब बढ़िया चल रहा है !

उस दिन मेरी मम्मी का कॉल आया मैम के पास और उन्होंने घर घबराती हुई आवाज में बोला कि भूमी जल्दी से घर आ जा और उस समय मेरा शरीर जैसे एक सेकंड के लिए जमसा गया था बिल्कुल कहते हैं कि अगर आप किसी चीज को दिल से चाहे तो पूरी कायनात तुम्हें उससे मिलाने की कोशिश में लग जाती है !

एक छोटे से गांव की वह 8 साल की लड़की की भी यही सोच थी जब वह छोटी थी तो लोगों ने उे रोकने की कोशिश की क्यों क्योंकि वह एक लड़की थी जब वह बड़ी हुई तो उसके हालातों ने उसे रोकने की कोशिश की क्यों क्योंकि वो एक लड़की थी नमस्ते एवरीवन मैं मेरा नाम है!

भूमिका तिवारी मैं 12 साल की हूं और मुझे सोशल मीडिया पे 18 लाख से भी ज्यादा लोग जानते हैं और मैं एक इन्फ्लुएंस हूं डांस की और एक्टिंग की आज मैं जोश टॉक के प्लेटफार्म पर बताने आई हूं कि कैसे यूपी की वो आठ साल की लड़की गांव से हैदराबाद आई अपने सपने को पूरा करने के लिए तो चलिए मैं बताती हूं !

अपनी कहानी मैं उत्तर प्रदेश में इटावा के पास एक बहुत ही छोटे से गांव बहवा से आती हूं मेरे परिवार में मेरे मम्मी पापा और मेरे दो छोटे भाई हैं मेरे पापा एक बहुत ही मेहनती किसान है और जिनकी मंथली इनकम कुछ दो या 3 हज तक ही है और मेरी मम्मी एक हाउसवाइफ है !

जो हमारे परिवार का बहुत अच्छे से ख्याल रखती है वैसे मैं बता दूं कि हमारा परिवार शुरुआत से ही फाइनेंशियल उतना अच्छा नहीं था और हमारे परिवार में टीवी या कूलर भी एक बहुत ही बड़ी लगजरी आइटम होता था फिर मैं पैदा हुई खुश थे मम्मी पापा लेकिन कहीं ना कहीं उनको लोगों के ताने सुनने पड़ते थे !

और कहीं ना कहीं उन तानों की वजह थी मैं क्योंकि पहला बच्चा ही एक लड़की पैदा हो गई थी लेकिन मेरे मम्मी पापा ने कभी भी इस चीज का एहसास नहीं होने दिया मुझे और हमेशा मुझे प्यार से रखा कुछ साल बीतने के बाद मेरा एक छोटा भाई हुआ और जैसे कि आपको पता है!

अगर परिवार में एक सदस्य बढ़ जाता है तो उसके हिसाब से खर्चे भी बढ़ जाते हैं तो पापा उसके लिए और दिन रात कड़ी मेहनत करने लगे फिर मेरा एक और भाई हुआ जब मैं 6 साल की हुई तो मेरा एक और लला पैदा हुआ लला मतलब गांव में भाई को छोटे बच्चों को लला कहते हैं!

सब अच्छा था लेकिन मेरी मम्मी बीमार हो गई थी क्योंकि खाने के अभाव में उनकी बॉडी के अंदर बहुत स डेफिशियेंसी तो घर की सारी जिम्मेदारियां अब मुझ पर आ गई थी भाइयों का ख्याल रखना मम्मी का ख्याल रखना क्योंकि बीमार थी सारी जिम्मेदारी मुझ पर थी स्टार्टिंग में तो पड़ोसियों ने मुझे खाना हमेशा दिया खुशी खुशी दिया !

लेकिन फिर कुछ दिनों बाद उन्होंने बातें करना शुरू कर दिया कि यह तो रोज रोज आ जाती है खाना लेने तो मम्मी ने कहा कि कब तक लोगों के घर पर हम लोग खाना खाएंगे तो उन्होंने मुझे बताया खाना कैसे बनाते हैं ट्रेन किया उन्होने जितना वो कर पाई अब आप लोग सोच रहे होंगे कि इतनी छोटी बच्ची खाना कैसे बनाती होगी !

मैं आपको एक बात बताना चाहूंगी कि हालात ना कुछ भी करवा लेते हैं अब मैंने उस समय जैसे भी रोटी बनाना सीखा कच्ची पक्की एक बार हाथ भी जल गया था जो कॉमन है क्योंकि बनाना आता नहीं था उस समय तो हाथ भी जला कई बार लेकिन मैंने उस समय हार नहीं मानी मैंने अपने भाइयों के लिए मम्मी के लिए यह सब काम किया उसी बीच मैंने स्कूल में भी एडमिशन लिया क्योंकि मेरे पापा चाहते थे कि मैं अच्छे से पढ़ाई करूं स्कूल जाऊं पापा ने जैसे तैसे करके मुझे स्कूल में एडमिशन दिलाया !

मुझे अभी भी याद है कि जब भी पापा सुबह सुबह खेत पर जाते थे तो मैं एकदम से उनका हाथ पकड़ लेती थी और कहती थी पापा पहले तुम हमें स्कूल छोड़ के आओ तब तुम अपने काम पर जाया तो पापा कहते थे चल चरैया तुझे कंधे पर बैठा के ले जाते हैं स्कूल छोड़ छड़ने के बाद तब कहीं पापा का दूसरा काम होता था !

अब आप लोग सोच रहे होंगे कि ये कौन सी भाषा है आगे सब पता चल जाएगा खैर आगे बढ़ते हैं इन सब बीच में एक चीज थी जो मुझे बहुत खुशी देती थी और मुझे बहुत अच्छा फील कराती थी वो था मेरा डांस कहीं भी अगर दूर म्यूजिक बज रहा होता था !

ना तो अपने आप मेरे पैर थिरकने लगते थे और जब भी कोई घर का काम कर रही होती थी तो मेरे पैर अपने अपथ रखने लगते थे और डांस करती रहती थी मैं और जैसे शाम को जब मैं पूरा काम खत्म करके छत प जाती थी ठंडी हवा लेने के लिए तो पड़ोस में एक भैया थे !

जो शाम को काम करते थे अपना और स्पीकर पर गाना चलाते थे तो मुझे जो भी गाना सुनाई देता था मैं उस परे डांस करना शुरू कर देती थी और मैं तब तक डांस करती थी जब तक मैं लुड़क के गिर ना जाऊं और या फिर मेरी मम्मी ना बुलाए भूमि नीचे नहीं आया हो क्या कब तक डांस कर रहे हो सोना नहीं सुबह उठना तुम्हें मम्मी मतलब की गांव की लैंग्वेज है!

तो मैं तुरंत भाग के जाती थी नीचे क्योंकि अब सुबह उठना है चिंता तो रहती थी ना परिवार की ऐसे करते करते मैं 8 साल की हो गई एक दिन क्या हुआ मेरे कजिन विकास भैया की मैम आई गांव में क्योंकि अ वोह उनकी बिजनेस पार्टनर थी तो गांव में आई और जनरली वो बच्चों के लिए किताब पेंसिल और अपनी बेटी के के कपड़े भेजती रहती थी!

तो इत्तेफाक से उस दिन मैं उन्हीं की बेटी का एक स्वेटर पहने हुए थी और अपना काम कर रही थी और डांस कर रही थी उन्होंने मुझे देखा वह मेरी तरफ अट्रैक्ट हुई मेरे पास आई फिर बोला तुम्हें डांस पसंद है मैंने कहा हां मैं बहुत नीको लगा डांस अपने गांव की भाषा में फिर उन्होंने पूछा कि तुम्हें डांसर बनना है !

मैंने हां कह दिया यहां तक मुझे याद है मुझे उस समय डांसर का मतलब भी नहीं पता था पर इतना पता था कि यह डांस रिलेटेड है तो मेरे लिए अच्छा ही होगा मैंने हा कर दिया उस समय फिर उन्होंने कहा अगर तुम्हें डांसर बनना है और डांस सीखना है तो उसके लिए तुम्हारे तुम्हें हमारे साथ हैदराबाद आना पड़ेगा !

मैंने हा कर दिया क्योंकि मुझे लगा मजाक कर रही होंगी क बड़े लोग बच्चों से मजाक करते हैं तो मुझे लगा मजाक कर रही होंगी मैंने हां कर लिया उन्होंने कहा ठीक है फिर शाम को जब मेरे पापा वापस आए थे खेत से काम करके तो मैम जो है सामने गली में खड़ी थी उन्होने देखा मेरे पापा को और उनसे बातचीत की कि भूमिका को हैदराबाद लेकर जा सकते हैं !

पढ़ाई के लिए डांस के लिए पापा ने कहा सोच के बताते हैं मैं अपना काम करर थी एस यूजुअल पापा मेरे पास आए बुलाया मुझे उन्होंने पूछा रे चरैया तुम्हें डांस बनना है हां तक कि मुझे मुझे याद है मैंने उस समय कुछ नहीं बोला था मैं शांत रही थी पापा ने कुछ भी नहीं बोला फिर लेकिन मैम ने विकास भैया ने मेरे कजन भाई ने पापा मम्मी से बात की उन्होने मनाया अब मनाने में समय तो बहुत लगा !

क्योंकि ऑफकोर्स अपना बच्चा कौन किसी को ऐसे देना चाहेगा मनाने में टाइम लगा लेकिन मना ही लिया आखिर में फिर जब जाने की बारी आई तो कहीं ना कहीं मैं खुश भी थी थ चिंतित भी थी क्योंकि मुझे लग रहा था परिवार का ल कौन रखेगा मेरे दो छोटे छोटे भाई है खाना कौन बना के देगा उन्हें लेकिन फिर मैंने सोचा कि अगर तुम वहां पर जाकर कुछ बन गई तो तुम अपने भाइयों का ख्याल भी रख पाओगी !

मम्मी का अच्छा ट्रीटमेंट करवा पाओगी मेरे भाइयों को अच्छे स्कूल में पढ़ा पाओगी मैंने यह सोच के कहा कि मैं ठीक कर रही हूं मुझे चलना चाहिए हैदराबाद मैं मैम के साथ गांव से हैदराबाद गई सबसे पहली चीज जो बहुत सरप्राइजिंग मुझे बहुत ही ज्यादा फ्लाइट जो एयरप्लेन था!

बहुत बड़ा था मैंने सपने में भी इतना बड़ा एयरप्लेन कभी सोचा ही नहीं था मैंने देखा मैं बहुत सरप्राइज हो गई थी फिर मैं फ्लाइट में बैठी और जब व फ्लाइट उड़ी तो मैंने देखा कि नीचे छोटी छोटी लाइट्स थी मेरे दिमाग में आया कि जब मैं जमीन गांव से ऊपर देखती थी आसमान में तो एरोप्लेन इतना छोटा दिखता था !

मुझे और जब मैं एयरप्लेन से नीचे जमीन देख रहा हं जमीन बहुत छोटी दिख रही है यह सोच के मुझे बहुत अच्छा लगा कि हां कुछ अलग है यह फिर मैं फाइनली हैदराबाद पहुंच गई वहां पर जाके सबसे पहले मैं खाने पर टूट पड़ी क्योंकि आपको पता है कि जिस चीज का आपके पास अभाव होता है आप उसी चीज के लिए ज्यादा चाहते कि हा व मुझे चीज मिल जाए  !

तो इस वजह से  गांव में खाने का अभाव बहुत ज्यादा था इसलिए मैंने खाने पर ज्यादा ध्यान दिया इंस्टेड ऑफ माय मिशन फ मैम ने मुझे समझा कि खाना तुम्हें मिल जाएगा लेकिन पहले तुम्हें अपने मिशन पर ध्यान देना है ।

मैम ने मुझे मोटिवेट किया काफी और उन्होंने काफी सारी क्लासेस भी लगवाई  सिंगिंग की क्लासेस इंग्लिश स्पोकन की क्लासेस और पर्सनालिटी डेवलपमेंट की क्लासेस अब पर्सनालिटी डेवलपमेंट की क्लासेस इसलिए लगवाई क्योंकि मेरा बोलचाल का तरीका बॉडी लैंग्वेज खाना पीना मैं कैसे खाती थी !

पहले स्टार्टिंग में मैं सान के खाती थी तो एक दिन क्या हुआ स्टार्टिंग में मैम ने मुझसे पूछा कि सब्जी रोटी खाना है मैंने सिर नीचे करके कहा हम सिर्फ दाल चावल खाते हैं आई लिटरली यूज टू स्पीक लाइक दिस तो मैम ने उसके लिए काफी सारे मेरे इंप्रूवमेंट्स करवाए मेरे बहुत सारी इंप्रूवमेंट्स करवाई मेरे बॉडी लैंग्वेज में बोलचाल का तरीका और सिंगिंग की क्लासेस इसलिए लगवाई क्योंकि पहले मेरी आवाज में बहुत हाश थी !

क्योंकि मैं गांव की खड़ी भाषा बोलती थी और गांव में क्या होता है ना कि लोग ज्यादा चिल्लाते ही रहते हैं तो चिल्लाने की वजह से मेरा गला थो होश हो गया था उस वजह से मैम ने सिंगिंग की क्लासेस लगवाई इंग्लिश स्पोकन की जिससे मेरी इंग्लिश में सीखू  !

थोड़ी बहुत और उनकी बेटी भी है खुशी दीदी जिन्होंने मुझे बहुत हेल्प की इंग्लिश को इंप्रूव करने में काफी सपोर्ट मिला मुझे डांस की क्लासेस भी लगवाई पढ़ाई की भी क्लासेस लगवाई अब आप लोगों को लग रहा होगा !

इस लड़की की लाइफ तो सेटल हो गई बिल्कुल सब बढ़िया है लेकिन कहते हैं ना जिंदगी में उतार चढ़ाव आना जरूरी होता है और उस दिन मेरी जिंदगी में उतार आया था उस दिन मेरी मम्मी का कॉल आया मैम के पास और उन्होंने घर घबराती हुई आवाज में बोला कि भूमिका जल्दी से घर आ जाओ पापा की तबीयत बिल्कुल ठीक नहीं है !

मैम ने कहा यह बहुत सीरियस मैटर है तुम्हें चलना चाहिए मैं वहां पर गई मैंने देखा कि पापा जो है बिल्कुल भी हिल नहीं पा रहे थे मुझे बस देखे जा रहे थे उनकी आंखों से आंसू टपक रहे थे बस और उस समय मेरा शरीर जैसे एक सेकंड के लिए जमसा गया था बिल्कुल मेरे भाई भी रो रहे थे मेरी मम्मी भी रो रही थी !

उसम मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था और मैंने उस समय सोचा जिंदगी का सबसे पहला सबसे टफ मुझे डिसीजन लेना था उस समय मैंने सोचा कि अब तो मुझे गांव में ही रहना है मैं सपना तो पूरा कर ही नहीं सकते क्योंकि मेरे लिए परिवार पहले आता है ।

और सपना बाद में तो मैंने मैम से कहा कि मैम आप जाइए और मुझे उनके साथ अपने सारे सपने भी जाते हुए देख रहे थे जो मैंने बनाए थे और मैम ने मेरे साथ बनाए थे काफी टफ डिसीजन था मेरे लिए वह मैंने वही ताने सुनना शुरू कर दिए कि अगर पहला बच्चा लड़का हो जाता तो कम से कम दो पैसे तो कमा लेता खेती करके क्योंकि उस समय जमीन बकुल बंजर पड़ी हुई थी।

और मुझे वह सब कुछ सच लग रहा था क्योंकि मेरे आंखों के सामने मेरे घर का राशन खत्म हो रहा था और उस समय एक दिन क्या हुआ मेरा भाई सबसे छोटा भाई मेरे पास आया और मुझसे कहा दीदी खाना दे दो अब मैं उसे कैसे बताऊं ।

घर में खाना है नहीं मैं उसके सामने रो भी नहीं सकती और ना ही उसे मैं यह बात समझा सकती हूं कि अभी हालात क्या चल रहे हैं हालात बिल्कुल फर्स्ट हो गए थे क्योंकि पहले तो मम्मी बीमार थी अब मेरे पापा भी बीमार हो चुके थे दोनों लोग बेड पर थे  !

उस समय मुझे पता चला कि पापा को पैरालिसिस का अटैक पड़ा था मुझे तो वो चीज मैंने कभी सुनी नहीं थी मेरे लिए बहुत शॉकिंग चीज थी क्योंकि मैंने पापा को हमेशा काम करते हुए देखा है और हमेशा चलते फिरते हुए देखा अभी भी बैठे हुए नहीं देखा ।

मैंने उनको लेकिन एक दिन क्या हुआ मैंने अपने पड़ोस के दोस्त को देखा कि वह फूल माला बना रही थी तो मैं उसके पास गई मैंने उससे पूछा कि तुम यह फूल कहां से लाई हो !

उसने बताया कि बाजार में फूलमाला की दुकान है तो मैं बाजार में गई फूलमाला के दुकान पर फूल पत्ती की दुकान पे तो मैंने वहां से मैंने उनसे कहा कि चाचा तुम हम फूल दे दो तुम्हें जितने पैसे देना हम ले लेंगे उन्होंने मुझे कुछ फूल दिए और मुझसे कहा कि तुम्हे इनकी तीन माला बना बनानी है !

मैंने शाम का सारा काम खत्म करके तीन फूल माला बनाई और आप गेस करिए कि मुझे कितने पैसे मिले उसके वह पहली कमाई मेरे लिए बहुत बड़ी चीज थी कि मुझे लग रहा था कि अब मैं कुछ सही कर सकते हूं परिवार में जो मुझे पैसे मिले सबसे पहले मैंने अपने दोनों भाइयों के लिए कंपट खरीदी एक की चार आती दो रुपए मैंने खर्च कर दिए अब जो रुपए बचे थे ।

उसमें बहुत थोड़ी सब्जी आती थी जितनी भी आई मैं वो लेकर आई बाजार से और पड़ोसी के घर से भी थो सब्जी ले ली मैंने कहा कि मैं आपको बाद में दे दूंगी फिर मैंने उस दिन खाना बनाया मुझे बहुत खुशी मिली कि मुझे सुधार दिख रहा था ।

अपनी फैमिली में कि अब मैं कुछ कर सकती हूं अपनी फैमिली के लिए ऐसे करते करते वहां पर छ महीने रहे और फिर पापा ने पापा की जितनी भी सेविंग थी बहुत कम सेविंग थी और मम्मी की वो पतली सोने की चोरिया जिनकी खनक सुनके मैं बड़ी हुई थी वो मेरे सामने बिक गई थी ।

बिल्कुल और मेरे लिए वह सीन जो था बहुत शॉकिंग था क्योंकि मम्मी चूड़ियां मैंने बचपन से देखी है मेरे सामने बिक रही थी वो तो पापा की जितनी सेविंग्स थी मम्मी की जो चूड़ियां बिकी थी उनसे जितने भी पैसे आए उनसे हम लोग ने दुकान खुली किराने की बहुत छोटी सी और उससे जितना भी पैसा आ रहा था ।

रुपए आ रहे थे जितने भी वह पापा के दवाइयों में खर्च हो रहे थे और घर के खर्च में खर्च हो रहे थे तो धीरे-धीरे उन दवाइयों से मेरे पापा की तबीयत में थोड़ा सा इंप्रूव हुई उनकी तबीयत तो वो थोड़ी सी लड़खड़ाते आवाज में बोलने लगे थे अब मैं वहां प छ महीने रही एक दिन क्या हुआ पापा ने मुझे अपने पास बुलाया अपनी लड़ खरात आवाज में कहा वही क्वेश्चन जो उन्होंने  दस महीने पहले पूछा था रे चरैया तो मैं डांसर नहीं बनने और जो मैंने कहा था कि मैं व उस समय शांत रही थी ।

इस इस बार मैंने बोला कि मुझे बनना है पापा फिर पापा ने कहा कि यहां तो तुम कुछ भी नहीं बन पाओगी क्योंकि यहां पर गांव में अपॉर्चुनिटी है ही नहीं तो अगर तुम्हें कुछ बनना है अपना सपना पूरा करना है मैम के पास वापस जाना पड़ेगा मैंने बिल्कुल मना कर दिया क्योंकि मुझे लग रहा था कि फिर से कोई घटना ना हो जाए दोबारा फिर से बुरा वक्त ना आ जाए ।

वो लेकिन फिर मेरा भाई आया मेरे पास और उसने मुझसे कहा कि जब तुम छ साल की थी तो तुमने सब कुछ संभाल लिया तो मैं क्यों नहीं संभाल सकता हूं तो मुझे मोटिवेशन मिला कि मेरा मेरी पूरी फैमिली मुझे सपोर्ट कर रही थी तो मैं पड़ोस के घर पर जाकर मैम को मैंने मैम को कॉल किया और मैंने मैम से कहा कि मैम मुझे अपना डांस फिर से शुरू करना है।

अपना सपना फिर से फिर से देखना है वो सपना जो मैंने बनाया था आपके साथ मैम ने फिर से मेरी एक बार हेल्प की उन्होंने मुझे दोबारा हैदराबाद बुलाया जब मैं गांव से हैदराबाद आई तो मेरी मुश्किलें तो कम हो गई थी लेकिन मैम की मुश्किलें बढ़ चुकी थी क्योंकि उन्हें लोगों के ताने सुनने पड़ रहे थे कि तुम्हारी खुद की बेटी उस परे ध्यान दो दूसरों का बच्चा पालना बहुत मुश्किल है ।

अपनी बेटी को कुछ बनाओ लेकिन मैम ने उन सब चीजों को साइड रख के मेरे साथ हर मुश्किल में डट के मेरा मेरा साथ दिया तो शुरुआत में तुम मुझे परिवार की बहुत याद आती थी और मुझे डिमोटिवेट भी फील होता था कभी-कभी और इंफिनिटी होता था कभी क्योंकि जब मैं स्कूल में एडमिशन लेने गई तो मुझे लगा कि मैं कैसे कोप अप करूंगी सब बच्चों के साथ फिर मैम ने मुझे जो स्टॉक्स का वीडियो दिखाया मुझे आज तक वो याद है।

उस समय मैं थी 9 साल की और अभी हूं मैं 12 साल की वही समझदारी उस समय भी थी इस समय भी है लब मैं 9 साल में काफी समझदार थी उसमें मैंने एक मैम थी जो आईएएस है ईरा सिंघल मैम है जो उनकी जो टॉक मैंने देखी उससे मुझे सीखने को मिला कि जिंदगी में स्ट्रगल्स कितने भी हो लेकिन अगर आप उस स्ट्रगल का डट के सामना करते हैं तो आपको सक्सेस पाने से कोई रोक नहीं सकता है मैंने वही सीखा उनसे मुझे मोटिवेशन मिला फिर मैम ने मुझसे कहा कि तुम कर सकती हो।

और लोग तुम्हें कुछ भी कहे लेकिन तुम्हें अपने काम पर ध्यान देना है क्योंकि अगर तुम कुछ बन गई ना तो यही लोग तुम्हारे पास आएंगे तुम्हें प्यार देंगे और तुम्हारी तारीफ करेंगे मैंने मैंने मैम की बात सुनी और अपने काम पे फोकस किया।

पढ़ाई पे फोकस किया तो एक बार वह मेरे पास आई और मुझसे कहा कि चलो भूमिका कुछ डांस के वीडियोस बनाते हैं एक्टिंग के कुछ वीडियोस बनाते हैं अब डांस का तो मुझे शौक शुरुआत से ही था लेकिन अब एक्टिंग का भी थोड़ा सा डेवलप हो रहा था तो हम लोगों ने वीडियोस बनाए शुरुआत में तो फोन से बनाए थे ।

उससे कोई सक्सेस मिल नहीं रही थी ना व्यूज ना लाइक्स फिर मैम ने सोचा कैसे नहीं आ रहा है फिर मैम ने क्या किया प्रोफेशनल कैमरे से भी वीडियोस बनवाए और उससे भी कोई सक्सेस नहीं मतलब कि इससे  कोई फायदा हो ही नहीं रहा था कुछ फायदा नहीं हो रहा था ।

लेकिन हमने कभी हार नहीं मानी हम लोग वीडियोस डालते गए डेली हार्ड वर्क किया मैम अपने कैमरे पर हार्ड वर्क कर रही थी मैं अपने डांस प हार्ड वर्क कर रही थी कभी-कभी तो वीडियो प बहुत ही कम व्यूज आते थे लेकिन फिर भी हम लोग अपना काम पर ध्यान देते थे डेली व्यू डेली वीडियोस बनाते थे तो एक बार मैं स्कूल जाने के लिए सुबह उठी मैम ने मुझे बताया कि तुम्हारा एक वीडियो रातों रात वायरल हो गया है ।

और उन्होंने बताया कि यह वीडियो श्रीदवी मैम का था कि डायलॉग था तो मैं उससे बहुत ही ज्यादा मोटिवेट हुई फिर मैंने और भी ज्यादा उनके डांस के वीडियोस और श्रीदेवी मैम के और एक्टिंग की वीडियोस बनाना शुरू कर दी और उसकी वजह से मुझे बहुत सारे व्यूज मिलने लगे लाइक्स मिलने लगे और काफी सेलिब्रिटीज तक भी जाने लगे और फिर सब लोगों के प्यार की वजह से और मेरे सपोर्टर की वजह से आज मुझे लोग 18 लाख से भी ज्यादा जानते हैं ।

और 6 करोड़ से भी ज्यादा महीने में मेरे व्यूज जाते हैं वीडियो पे सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी लोग मेरे डांस को देखते हैं और उसे अप्रिशिएट करते हैं यह थी मेरी एक छोटी सी कहानी क्योंकि मैं खुद छोटी हूं लेकिन मेरे सपने बड़े हैं और उन बड़े सपनों में से एक था कि मैं अपने परिवार को सपोर्ट करूं फाइनेंशियली ईएक्सप्रेस छोटे से गांव से आई हूं।

जहां कोई मुझे जानता ही नहीं था और आज मुझे इतने सारे लोग जान रहे हैं मेरे लिए बहुत बड़ी बात है पहली बार मेरे पास जोक स्टॉक्स का इन्विटेशन आया था तो पहले तो मुझे विश्वास नहीं हो रहा था क्योंकि जो स्टॉ ऐसा प्लेटफार्म है जहां पे लाखों लोग आते हैं अपनी कहानी सुनाते लोगों को मोटिवेट करते हैं ।

जिनसे मैं भी मोटिवेट हुई थी तो ये मेरे लिए बहुत ही बड़ी बात थी और ये मेरे लिए एक सपना सपने की तरह था क्योंकि मैंने भी मोटिवेशनल की बहुत सारी कहानियां देखी थी  और उसे कर लोग मोटिवेट होते हैं मेरी तो बहुत बड़ी बात थी यह और आज मैं जो स्टॉक्स के प्लेटफार्म पर खड़ी हूं और मैं इस चीज प प्राउड हूं बस लास्ट में यह चीज कहना चाहूंगी ।

अगर मैं कर सकती हूं तो आप भी कर सकते हैं थैंक यू

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top