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देवघर में मुंडन संस्कार के बाद ट्रैक्टर पर सवार होकर घर लौट रहा था परिवार, ट्रक की टक्कर से 3 महिलाओं की मौत

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खगड़िया में सड़क हादसा हुआ है। हादसा मुंडन संस्कार के बाद देवघर से लौटते वक्त हुआ।

इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि चार लोग घायल हो गए हैं। सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बंदेहरा गांव का पूरा परिवार मुंडन संस्कार के बाद ट्रैक्टर पर सवार होकर देवघर से घर लौट रहा था। इसी दौरान महेशखूंटा थाना क्षेत्र के बन्नी गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।

मृतकों के परिजनों ने बताया कि सभी लोग ट्रैक्टर पर सवार होकर देवघर से मुंडन संस्कार कराकर पसराहा के बंदेहरा स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान खगड़िया के महेशखूंटा थाना क्षेत्र के एनएच-31 पर चैधा बन्नी गांव के पास ट्रक ने ट्रैक्टर को पीछे से टक्कर मार दी। जिससे ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आधा दर्जन लोग मामूली रूप से घायल हो गए।

जमीन विवाद में दो लोगों की गोली मारकर हत्या, इलाके में तनाव

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समस्तीपुर : मोहिउद्दीननगर थाने की करीमनगर पंचायत के हेमनपुल गांव में देर रात दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद के दौरान कई राउंड फायरिंग हुई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल है। मृतकों की पहचान गांव के पूर्व उप सरपंच तपेश्वर सिंह के पुत्र नवीन सिंह और अजय सिंह के पुत्र गौरव कुमार के रूप में हुई है। जबकि घायलों में गौरव का छोटा भाई सौरभ कुमार शामिल है।

बताया गया कि मृतक गौरव और घायल सौरभ एक पक्ष से हैं, जबकि नवीन की मौत दूसरे पक्ष से हुई है। दोनों आपस में रिश्तेदार हैं। दोनों के बीच दुश्मनी काफी पुरानी है। इससे पहले भी 15 साल पहले जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद में दो लोगों की मौत हो चुकी है।

जमीन विवाद को लेकर शनिवार को दिन में भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों के लोगों को शांत कराया। गौरव के घर पर उनकी भतीजी की छठी का कार्यक्रम आयोजित था। इस बीच कार्यक्रम खत्म होने के बाद मामला एक बार फिर भड़क गया। देखते ही देखते दोनों तरफ से गोलियां चलने लगीं। नवीन की तरफ से चली गोली से दोनों भाई सौरभ और गौरव घायल हो गए।

India का इंटरनेट बंद, फूट-फूटकर रोएगा Bangladesh

जिस थाली में खाया उसी में छेद किया जी हां बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार ने हाल ही में भारत के साथ कई महत्त्वपूर्ण डील्स की समीक्षा करने और उन्हें रद्द करने की धमकी दी थी अब यह धमकी हकीकत बन चुकी है बांग्लादेश ने भारत के साथ बैंड विदस समझौते रद्द कर दिए हैं !

जो पूर्वोत्तर राज्यों में इंटरनेट सेवाओं को मजबूत करने के लिए किया गया था इस फैसले से भारत में बड़ा आक्रोश देखा जा रहा देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं डॉक्टर से लेकर व्यापारी और होटल मालिक तक बांग्लादेश के नागरिकों के बहिष्कार की बातें कर रहे हैं दरअसल बांग्लादेश ने भारत के साथ हुआ इंटरनेट बैंडविथ समझौता रद्द कर दिया है !

इस समझौते के तहत बांग्लादेश की दो बड़ी कंपनियां समिट कम्युनिकेशन और फाइबर एट द होम भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को इंटरनेट सेवाएं मुहैया कराती थी यह डील भारत की इस समझौते से उनकी क्षेत्रीय इंटरनेट हब की क्षमता पर असर पड़ रहा था यह फैसला भारत के लिए एक बड़ा झटका है!

क्योंकि इस समझौते से पूर्वोत्तर राज्यों के इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाना था बांग्लादेश के इस फैसले ने भारतीय नागरिकों को गुस्से से भर दिया पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक क्लीनिक ने बांग्लादेशी मरीजों का इलाज करने से मना कर दिया क्लीनिक के बाहर एक पोस्टर लगाया गया जिसमें लिखा था कि बांग्लादेशी नागरिक भारत के तिरंगे को प्रणाम करने के बाद ही एंट्री पा सकेंगे डॉक्टर का कहना था !

जो भारत का सम्मान नहीं कर सकते उनका इलाज भारत में क्यों हो असम के बराक घाटी में होटल और रेस्टोरेंट्स ने बांग्लादेशी नागरिकों को एंट्री देने से मना कर दिया बराक वैली होटल और रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबुल राय ने कहा कि जब तक बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार बंद नहीं होते तब तक हम बांग्लादेशियों का बहिष्कार करेंगे !

तो वहीं बजरंग दल ने सिलचर में एक एक्सपो में बांग्लादेशी प्रोडक्ट बेचने वाले स्टॉल बंद करवाए उन्होंने बांग्लादेश के वीजा केंद्र से बांग्लादेश नाम हटाने की मांग भी कर डाली चलिए अब जानते हैं कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की सच्चाई क्या है !

दरअसल बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमले बढ़ते जा रहे हैं मंदिरों और घरों को निशाना बनाया जा रहा हिंसा और भेदभाव की घटनाएं आम हो गई कई जगहों पर हिंदू परिवारों को बांग्लादेश छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा भारत में इसका सीधा असर पड़ा लोग अब बांग्लादेशी नागरिकों और उनके प्रोडक्ट्स का बहिष्कार कर रहे हैं जहां बांग्लादेश भारत के साथ समझौते को रद्द कर रहा वहीं पाकिस्तान के साथ उसके रिश्ते मधुर होते जा हैं !

बांग्लादेश ने पाकिस्तान के नागरिकों के लिए वीजा मंजूरी की नियमों को आसान कर दिया बांग्लादेश ने कराची से चटगांव आने वाले पाकिस्तानी मालवाहक जहाजों को अनुमति दी पाकिस्तान के उचा आयुग की बांग्लादेश यात्रा के दौरान यह कदम उठाए गए खैर यह साफ दिख रहा है कि बांग्लादेश भारत के बजाय पाकिस्तान के साथ दोस्ती बढ़ाने की कोशिश कर रहा !

जहां एक तरफ बांग्लादेश के साथ तनाव बढ़ रहा वहीं दूसरी तरफ भारत के टेक्सटाइल हब को इसका फायदा भी हो रहा बांग्लादेश में अस्थिरता और श्रमिकों के प्रदर्शन के कारण रेडी टू वियर कपड़ों की की मांग भारत में बढ़ती जा रही बांग्लादेश का पाकिस्तान के करीब जाना उसकी नियत पर सवाल खड़े करता है !

देखना तो यह होगा कि भारत इस पर क्या कदम उठाता है आपका क्या कुछ कहना है जिस तरीके से अब बांग्लादेश ने इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है उसे लेकर भारत को क्या करना चाहिए आप भी कमेंट करक जरूर  बताएं !

बिहार के शिक्षकों को बड़ी राहत, जानें 2025 में कितने दिन की मिलेगी छुट्टी

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बिहार के शिक्षकों के लिए खुशखबरी है. शिक्षा विभाग ने अगले एक साल के लिए छुट्टियों का कैलेंडर जारी कर दिया है. इसमें शिक्षकों को 72 दिन की छुट्टी मिलेगी. इसमें तीज, जितिया और छठ जैसे त्योहारों पर भी छुट्टियां शामिल हैं. यह फैसला पूर्व एसीएस केके पाठक के कार्यकाल के बाद आया है, जिनके कड़े फैसलों से शिक्षकों में काफी असंतोष था. नए एसीएस एस सिद्धार्थ ने शिक्षकों के हित में कई फैसले लिए हैं. चुनाव नजदीक होने की वजह से सरकार शिक्षकों को नाराज नहीं करना चाहती है.

बिहार में शिक्षकों की छुट्टियों को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था. केके पाठक के एसीएस रहते हुए शिक्षकों को छुट्टियां मिलना मुश्किल हो गया था. उनके फैसलों की वजह से सरकार की काफी आलोचना भी हुई थी. इसके बाद सरकार ने एस सिद्धार्थ को नया एसीएस बनाया. एस सिद्धार्थ ने आते ही केके पाठक के कई फैसलों को बदल दिया है. शिक्षा विभाग अब शिक्षक हितैषी फैसले ले रहा है, जिससे शिक्षकों को राहत मिली है. हाल ही में दशहरा और छठ की छुट्टियों को लेकर भी विवाद हुआ था। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था।

शिक्षक संघों ने भी अपनी नाराजगी जताई थी। खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और शिक्षकों की मांगें मान ली गईं। छुट्टियों की संख्या बढ़ा दी गई। अब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। बिहार सरकार शिक्षकों को नाराज नहीं करना चाहती। राज्य में करीब 6 लाख शिक्षक हैं। सरकार चुनाव से पहले शिक्षकों की सारी शिकायतें दूर करना चाहती है। इसीलिए अगले एक साल के लिए इतनी छुट्टियां दी गई हैं। सरकार को उम्मीद है कि इसका फायदा चुनाव में मिलेगा।

मोहन भागवत के तीन बच्चे पैदा करने के बयान पर बोले संतोष सुमन, हमें कितने बच्चे चाहिए, यह तय करने की आजादी है

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बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन भी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सीधे तौर पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन सूक्ष्म तरीके से ऐसी टिप्पणियों से बचने की सलाह दी।

संतोष कुमार सुमन ने कहा कि बच्चे पैदा करने जैसी बातें निजी मामला है। हर व्यक्ति की अपनी विचारधारा, अलग सोच होती है। 20 साल पहले भी हमने देखा है कि बेटी हो तो भी कई लोग एक बच्चे से ही संतुष्ट हो जाते थे। यह पूरी तरह से निजी मामला है। मोहन भागवत जी का आशय कुछ और है, लेकिन यह निजी मामला है और इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।

संतोष सुमन ने कहा कि उनके कहने का मतलब यह था कि अगर हम परिवार नियोजन अपना रहे हैं तो हमारी संख्या घटेगी और किसी की बढ़ेगी। लेकिन हमें यह तय करने की आजादी है कि हमें कितने बच्चे चाहिए। लोग अपनी आर्थिक स्थिति के हिसाब से बच्चे पैदा करते हैं। बच्चों की संख्या इस बात पर निर्भर करती है कि उन्हें अच्छी शिक्षा दी जा सकती है या नहीं। ऐसे में लोगों को फैसला लेने देना चाहिए।

मंत्री संतोष सुमन ने भी तेजस्वी यादव के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव किसी भी दौरे से कोई लाभ नहीं उठा पाएंगे चाहे वो कोई भी दौरा कर लें. इससे पहले भी उन्होंने कार्यकर्ता संवाद यात्रा की थी और उसके बाद बिहार में चार सीटों पर उपचुनाव हुए थे. उसका नतीजा क्या निकला, ये सबने देखा है. जनता ने राष्ट्रीय जनता दल को पूरी तरह से नकार दिया है.

मोदी के हनुमान चिराग पासवान ने दिया बड़ा बयान, दुनिया की कोई ताकत संविधान को नहीं बचा सकती… 

 

Credit Card Ke Nuskan | मत लेना क्रेडिट कार्ड बिना ये जाने

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क्रेडिट कार्ड लेने के बाद रोने की नौबत नहीं आए इसके लिए जरूरी है कि कुछ मिनट का ये वीडियो देख लीजिए दोस्तों बात ये है कि क्रेडिट कार्ड के फायदे तो हैं लेकिन इसके साथ-साथ बहुत ज्यादा नुकसान भी है ।

और नुकसान इतना ज्यादा खतरनाक है कि आपको नुकसान के बारे में जान कर के थोड़ी देर मजबूर हो जाइए कि हां यार मुझे फायदा ज्यादा नजर आ रहा है या नुकसान ज्यादा नजर आ रहा है इसलिए मैं आपसे रिक्वेस्ट करना चाहूंगा कि पहले जान लीजिए कि इसके नुकसान क्या हो सकते हैं फिर जाके डिसाइड करिएगा कि आपको क्रेडिट कार्ड लेना चाहिए या नहीं लेना चाहिए।

भले ही प्री अप्रूव्ड हो या अप्लाई कर कि आपको क्रेडिट कार्ड मिले सबसे पहला नुकसान समझते हैं क्रेडिट कार्ड अगर लिए और जो लास्ट डेट होता है पेमेंट करने का अगर लास्ट डेट तक आप पेमेंट नहीं कर पाते हैं मतलब कि पेमेंट अगर मिस कर दिए तो सबसे बड़ा नुकसान है कि हैवी पेनल्टी है और उसका जो पेनल्टी और चार्जेज है।

वो बहुत ज्यादा रेट ऑफ परसेंटेज के मामले में अगर करेंगे तो वो रेट बहुत ज्यादा हो जाता है डिपेंड करता है कार्ड टू कार्ड और कंपनी टू कंपनी लेकिन आपको मैक्सिमम पेनल्टी देना पड़ेगा ऐसे में आप पहली बार पेनल्टी देंगे या पेनल्टी जैसे ही लगेगा आपको लगेगा यार यह कौन सा गलती कर लिया क्रेडिट कार्ड क्यों ले लिया ।

दूसरा अगर आपको पेनल्टी लगा मतलब आपने क्रेडिट कार्ड का पेमेंट मिस कर दिया तो इसके बाद दूसरा नुकसान है कि आपका सिविल स्कोर बर्बाद हो जाएगा और जैसे ही सिविल स्कोर बर्बाद होगा तो बाद में जो है सिविल स्कोर को रिकवर करने में आपको परेशानी होगी दूसरी बात कि सही से लोन नहीं मिलेगा तीसरी बात लोन जब भी अगर मिलेगा तो रेट ऑफ इंटरेस्ट उसका ज्यादा रहेगा कम नहीं रहेगा ।

ज्यादा चांस तो यह बनता है कि आपको जल्दी लोन ही नहीं मिलेगा मतलब कि आपको सिविल स्कोर खराब हुआ और समझिए कि पूरा फाइनेंसियल वर्ल्ड में जो है सामान देना मतलब आपका इमेज जो है बर्बाद हो जाएगा और कुछ भी नहीं कर पाएंगे अभी के दौर में डिजिटल जमाने में जहां एक तरफ सरकार पेन 2.0 ला रही है इस जमाने में जो है आपको बहुत सोच समझ कर के सिविल स्कोर को जो है रिस्क पे रखना पड़ेगा इसलिए सिविल स्कोर को हमेशा बढ़िया बना के रखिए ।

ऐसे में क्रेडिट कार्ड का पेमेंट मिस कभी मत करिए अगर मिस कर गए तो समझिए पेनल्टी और सिविल स्कोर बर्बाद तो होगा ही होगा अब तीसरा जो नुकसान है वो है कि ओवर स्पेंडिंग करने का हैबिट बनेगा ओवर स्पेंडिंग का हैबिट बनेगा तो चौथा नुकसान ये हो जाएगा कि जब भी आपके पास जो है पैसा नहीं रहेगा और उधर क्रेडिट कार्ड का बिल ज्यादा आ गया पेड करने की समय आ गया ।

अब टाइम पहुंच चुका है आपके पास पैसे नहीं है आपके पास दो ऑप्शन है मिस करिएगा पेनल्टी दीजिएगा और दूसरा ऑप्शन है कि आप उसको ईएमआई में करवा लीजिएगा जैसे ही ईएमआई में कन्वर्ट करवाइए आपको लोन की तरह वहां पे ब्याज भरना पड़ेगा आप जो टाइम पीरियड लीजिएगा और क्रेडिट कार्ड कंपनी यही तो चाहती है क्योंकि क्रेडिट कार्ड कंपनी आपको एक आदत लगाती है।

एक हैबिट लगाती है कि आप ज्यादा से ज्यादा स्पेंड करिए ज्यादा से ज्यादा स्पेंड करेंगे कभी ना कभी कोई ना कोई बहुत इंपॉर्टेंट या जरूरी काम आ जाएगा जिसमें पैसा आपको खर्च करना पड़ जाएगा और इधर क्रेडिट कार्ड का बिल तो बढ़ ही चुका है अब उसको पेमेंट करने के लिए या तो किसी से लोन लीजिए ।

तो किसी से उधार ही लीजिए अदर वाइज सबसे आसान तरीका नजर आएगा कि चलो ई में कन्वर्ट करा लेते हैं थोड़ा ब्याज ही तो यहां पे ले लेगा और जैसे ही एआई में कन्वर्ट कराते हैं तो कंपनी वाले को बेनिफिट होना शुरू हो जाता है तो इसलिए सारी कंपनियां चाहती है कि आप ज्यादा से ज्यादा स्पेंड करिएगा और ज्यादा से ज्यादा स्पेंड करिएगा।

तो ये जो लास्ट जो नुकसान है ना इस बात को बहुत सीरियसली समझिए जहां एक तरफ जो है इनकम उतना तेजी से लोगों का नहीं बढ़ रहा है दूसरी तरफ महंगाई तेजी से बढ़ रही है जिसके कारण से आपके पास जो सेविंग है वह बहुत कम बच रहा है अगर आप जो है बड़े शहर में रह रहे हैं तब तो आपका सैलरी जो है भले ही ज्यादा हो लेकिन सेविंग के नाम पे कुछ नहीं मिल रहा होगा ।

अब यही ओवर स्पेंडिंग का जब हैबिट लगेगा तो एक मजबूरी आपकी यह हो जाएगी कि आपको जो है हर महीने में फ़िज़ूल खर्च करना ही पड़ेगा ये कंपनियां जो है ई-कॉमर्स पोर्टल ई-कॉमर्स वेबसाइट और कंपनी के साथ टाइप किया रहता है और ये कहता है कि बोलिए कस्टमर को कि आप जो है ।

ज्यादा से ज्यादा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करिए तो आपको 10 पर का डिस्काउंट दूंगा 5 पर का डिस्काउंट दूंगा इस डिस्काउंट के चक्कर में कंज्यूमर हम और आप क्या करते हैं ओवर स्पेंडिंग करने लगते हैं ओवर स्पेंडिंग का हैबिट लगा तो जहां एक तरफ मिस किया और पेनल्टी और जुर्माना सिविल स्कोर तो खराब होगा।

नहीं तो लोन देना पड़ेगा और सबसे ज्यादा नुकसान है कि आपका सेविंग नहीं के बराबर रहेगा जब आपके पास सेविंग नहीं रहेगा तो आपको फाइनेंशियल फ्रीडम मिलेगा नहीं और जब फाइनेंशियल फ्रीडम नहीं मिलेगा तो आप रेट रेस में जो वही कंपनी का गुलामी करते रह जाइएगा तो घुमा फिरा करके देखा जाए अगर क्रेडिट कार्ड को सही से मैनेज आप कर रहे हैं।

आप अपने आप पे कंट्रोल रखे हुए हैं कि हां मैं क्रेडिट कार्ड का सिर्फ क्रेडिट पीरियड के लिए जो है मैं इस्तेमाल करूंगा समय से पहले भर दूंगा और ओवर स्पेंडिंग नहीं करूंगा खुद पे कंट्रोल रखूंगा जो ओवर स्पेंडिंग नहीं हो जिसके कारण से जो है कल के डेट में जो है आपको पेनल्टी देना पड़े या emi में कन्वर्ट करवाना पड़े तब तो क्रेडिट कार्ड आपके लिए बेहतर है लेकिन अगर अपने आप पे कंट्रोल नहीं हुआ और लत लग गया।

तब तो समझिए कि आपको क्रेडिट कार्ड लेकर के नुकसान ही होगा ऐसा इसलिए कि मैंने अपने आसपास के जितने लोगों का देखा हूं सबका जो है हैबिट बाद में गड़बड़ हो जाता है शुरुआत में क्रेडिट कार्ड जब लेते हैं तो कहते हैं नहीं नहीं मैं ज्यादा खर्च नहीं करूंगा लेकिन कुछ समय बाद 1 महीने 2 महीने 5 महीने 1 साल होते-होते जो है ।

उनकी हैबिट को मैं ऑब्जर्व किया हूं तो उनको जो है ओवर स्पेंडिंग का हैबिट हो गया है क्योंकि जैसे ही क्रेडिट कार्ड आता है आपके दिमाग में एक चीज बैठ जाता है साइको लॉजिकली कि आपके पास अगर 1 लाख का क्रेडिट कार्ड है तो आपके पास 1 लाख है जैसे अगर आपके सेविंग अकाउंट में अगर ₹1 लाख रहे तो आपके दिमाग में रहता है ।

यानी कि कोई भी काम कोई भी प्रोडक्ट ले लूंगा काम करवा लूंगा क्योंकि मेरे अकाउंट में तो ₹1 लाख है अब आप जो है डेबिट कार्ड मतलब सेविंग अकाउंट से जो है पैसा कटवाते हैं तो कहीं कुछ पेड नहीं करना क्योंकि पहले से आपके पास पैसा रहता है और यहां क्रेडिट कार्ड में क्या है कि दिमाग में भले ही बैठा है लेकिन वो आपका पैसा है नहीं अब आप उसको इस्तेमाल जैसे ही किए आप उसको पैसा देना पड़ेगा ।

आप मेंटली पीस खो दीजिएगा अब आप मुझे बताइए क्रेडिट कार्ड का फायदा ज्यादा नजर आ रहा है या नुकसान नजर आ रहा है आपका क्या ओपिनियन है आप नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करिएगा

मोदी के हनुमान चिराग पासवान ने दिया बड़ा बयान, दुनिया की कोई ताकत संविधान को नहीं बचा सकती…

पीएम नरेंद्र मोदी के हनुमान कहे जाने वाले चिराग पासवान ने कहा है कि कांग्रेस को समझ में नहीं आ रहा है कि वह जनता के सामने कौन सा मुद्दा उठाए। कांग्रेस पार्टी को अब जनता से कोई सरोकार नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले एक साल से हर जगह कह रहे हैं कि देश का संविधान खतरे में है। इसका कोई मतलब नहीं बनता।

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने कहा, ‘जनता जानती है कि दुनिया की कोई ताकत भारत के संविधान को खतरे में नहीं डाल सकती। फिर भी कांग्रेस संविधान बचाने की बात करती है, जबकि हकीकत में कांग्रेस ने ही संविधान को खतरे में डाला है और जब भी मौका मिला लोकतंत्र को कमजोर किया है। कांग्रेस के शासनकाल में कांग्रेस के प्रधानमंत्री ने 1975 में देश में आपातकाल लगाया था। जब कांग्रेस संविधान की बात करती है तो लोग उन पर हंसते हैं। हरियाणा में जहां कांग्रेस ने जीत का दावा किया था, वहां भी लोगों ने कांग्रेस को नकार दिया।

चिराग पासवान ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में वे कहते थे कि उनका गठबंधन मजबूत है। वहां भी लोगों ने उन्हें नकार दिया। क्योंकि, जनता को उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है। लोकसभा चुनाव में वे कहते रहे कि संविधान खतरे में है। नई सरकार बने छह महीने बीत गए हैं। कांग्रेस मुझे बताए कि क्या संविधान खतरे में है। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में संविधान दिवस नहीं मनाया। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में संविधान दिवस मनाया जाने लगा। संविधान को अलग-अलग भाषाओं में लाया गया है। एक बिहारी होने के नाते मुझे गर्व है कि संविधान को मैथिली भाषा में लाया गया है। संविधान का संस्कृत भाषा में अनुवाद किया गया है। हम संविधान को हर घर तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

मोकामा में जमीन विवाद में हत्या, विरोध में व्यवसायियों ने बंद रखी दुकानें, बहन पर भाई की हत्या का आरोप 

मोकामा में जमीन विवाद में हत्या, विरोध में व्यवसायियों ने बंद रखी दुकानें, बहन पर भाई की हत्या का आरोप

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पटना: बिहार में जमीन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. दानापुर में जहां दो दिन पहले 60 वर्षीय व्यक्ति की उसके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अब उसका सीसीटीवी सामने आया है. इसी तरह पटना से सटे बाढ़ के मोकामा में भी जमीन विवाद में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. हत्या का आरोप मृतक की बहन पर लगा है.

बाढ़ के मोकामा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को जमीन विवाद को लेकर कपड़ा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान बेगूसराय के हरपुरा निवासी 35 वर्षीय चंद्रमोहन राय के रूप में हुई है. हत्या का कारण जमीन विवाद बताया जा रहा है. घटना के विरोध में व्यवसायियों ने आज अपनी दुकानें बंद रखीं और सुरक्षा की मांग की. व्यवसायियों ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग दोहराई.

पुलिस की मानें तो मृतक की बहन ने अपनी पैतृक संपत्ति अपने बेटे के नाम करा ली थी. इस मामले को लेकर मृतक और उसके भतीजे कुणाल सिंह और बहनोई अजय सिंह के बीच विवाद चल रहा था. शुक्रवार को इसी विवाद के चलते दोनों ने मिलकर चंद्रमोहन राय की गोली मारकर हत्या कर दी. इस मामले में मृतक की बहन को गिरफ्तार किया गया है.

हत्या उस वक्त की गई जब चंद्रमोहन राय अपनी दुकानें बंद कर घर लौट रहे थे. इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के विरोध में मोकामा के सभी व्यवसायियों ने आज अपनी दुकानें बंद रखीं और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की. मोकामा के मुख्य पार्षद और कई वार्ड पार्षदों ने भी दुकानें बंद रखने का समर्थन किया है.

एएसपी बाढ़-1 राकेश कुमार ने बताया कि मामला बेगूसराय में 20 डिसमिल जमीन से जुड़ा है. जिसे मृतक की बहन ने अपने बेटे के नाम रजिस्ट्री करा ली थी. इसी को लेकर मृतक से विवाद चल रहा था. 29 नवंबर को चंद्रमोहन का अपने बहनोई अजय सिंह और भतीजे कुणाल से विवाद हुआ था. जिसके बाद इस घटना को अंजाम दिया गया. उन्होंने दावा किया है कि जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा और हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

चाकू की नोंक पर युवती से जबरन दुष्कर्म, गांव के ही अरबाज ने किया गंदा काम 

नीतीश सरकार ने बिहार के लोगों को दी राहत, अब जमीन सर्वे के लिए खतियान जरूरी नहीं, इसी से होगा काम

चाकू की नोंक पर युवती से जबरन दुष्कर्म, गांव के ही अरबाज ने किया गंदा काम

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अररिया में दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शौच के लिए सुनसान इलाके में गई युवती को चाकू दिखाकर उसी गांव के अरबाज नामक युवक ने जबरन दुष्कर्म किया। घटना कुर्साकांटा थाना क्षेत्र के एक गांव की है।

दरअसल, पूरी घटना 28 नवंबर की है। 18 वर्षीय युवती देर शाम शौच के लिए बाहरी इलाके में गई थी। इसी दौरान उसी गांव का रहने वाला अरबाज वहां पहुंचा और युवती का रास्ता रोक लिया। आरोपी की मंशा भांपकर युवती वहां से भागने की कोशिश करने लगी, लेकिन अरबाज ने चाकू निकाल लिया और युवती का मुंह दबाकर सुनसान इलाके में ले गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। किसी तरह पीड़ित युवती घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता के परिजन आरोपी के घर पहुंचे और उसे पकड़कर घर से बाहर ले आए। इसी बीच आरोपी के परिजन वहां पहुंचे और पंचायत में जाने की बात कहकर उसे अपने साथ ले गए।

इस बीच आरोपी और उसके परिजन पंचायत का झांसा देते रहे। अंत में पीड़िता की मां अपनी बेटी के साथ थाने पहुंची और आरोपी अरबाज समेत चार अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया। थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। इस घटना के बाद गांव के लोगों में आरोपी और उसके परिजनों के प्रति गहरा रोष है।

नीतीश सरकार ने बिहार के लोगों को दी राहत, अब जमीन सर्वे के लिए खतियान जरूरी नहीं, इसी से होगा काम 

 

नीतीश सरकार ने बिहार के लोगों को दी राहत, अब जमीन सर्वे के लिए खतियान जरूरी नहीं, इसी से होगा काम

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नीतीश सरकार ने बिहार के लोगों को बड़ी राहत दी है। अब जमीन सर्वे के लिए खतियान कागजात देना अनिवार्य नहीं है। सिर्फ खाता और प्लॉट नंबर से सर्वे के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, गैर खेती वाली जमीन का सर्वे सरकार के नाम पर होगा। अतिक्रमण वाले लोगों को फिलहाल बेदखल नहीं किया जाएगा। भूमि एवं सुधार विभाग के मुताबिक, जमीन के सर्वे के दौरान जमीन का नक्शा और दस्तावेज बनवाना होगा। इस दौरान किसी को बेदखल नहीं करना है। जमीन अपने नाम पर है। इसका सिर्फ सबूत होना चाहिए। इसमें रसीद, खाता और प्लॉट नंबर आदि शामिल हैं। सरकारी जमीन की जानकारी अंचल अधिकारी द्वारा दी जाती है। ऐसी जमीनों का सर्वे सरकार के नाम पर होगा।

विधानसभा में विपक्षी विधायकों ने जमीन सर्वे को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्य में जमीन सर्वे को लेकर बिहार के लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। बिहार सरकार भूमि सर्वेक्षण के नियमों में बदलाव करने जा रही है। सरकार सर्वेक्षण में कुल 13 तरह की छूट देने जा रही है। इसके लिए तैयारी चल रही है। आपको बता दें कि बिहार के अलग-अलग इलाकों में गैरमंजूरा आमद, गैरमंजूरा मालिक, कैसर-ए-हिंद, बकाश्त भूमि, भू-दान, भू-दहबंदी, बासगीत, पर्चा जमीन, बंदोबस्ती पर्चा जमीन, वक्फ बोर्ड और धार्मिक ट्रस्ट की जमीन का सर्वेक्षण बिहार सरकार के नाम पर किया जाएगा। अब तक बिहार में 47 लाख परिवारों ने सर्वेक्षण के लिए खुद ही जमीन के कागजात विभाग को उपलब्ध करा दिए हैं।

पोस्टर पर अपनी तस्वीर नहीं होने पर भड़के जेडीयू विधायक गोपाल मंडल, सांसद को कहा चोर और जेबकतरे, मिला करारा जवाब