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What is credit card क्या आप भी लेना चाहते है? Reality and Facts | Debit card vs Credit Card

What is credit card क्या आप भी लेना चाहते है? Reality and Facts | Debit card vs Credit Card

बैंक अकाउंट में पैसे ना हो फिर भी सामान खरीद सकते हैं तो यह सिर्फ और सिर्फ क्रेडिट कार्ड से पॉसिबल है कहीं फोन पे google पे बेनिफिट भी देता है तो एक तरफ कुछ नुकसान भी होता है क्रेडिट कार्ड एक तरफ से बहुत ज्यादा फायदा भी पहुंचाता है तो बहुत ज्यादा नुकसान भी करता है ऐसे में समझना ये जरूरी है कि आखिर क्रेडिट कार्ड क्या होता है और डेबिट कार्ड से ये कैसे अलग होता है दोस्तों मैंने शुरुआत में बोला ना कि अगर आपके बैंक अकाउंट में पैसा नहीं है।

फिर भी खरीददारी करना है तो ये सिर्फ और सिर्फ क्रेडिट कार्ड से पॉसिबल है अदर वाइज कोई चीज फोन पे पर लेंगे तभी पॉसिबल है दूसरा कोई ऑप्शन नहीं होता है या कोई आपका जान पहचान है तो दे दे लेकिन कभी फोन पे पर कोई चीज जानते हैं मार्केट में ट्रांसफर करने की जरूरत पड़ जाती है।

आपके बैंक अकाउंट में पैसा नहीं है जिससे लिंक्ड है तो ऐसे में सोचेंगे यार अब क्या करें तो यह भी पॉसिबल है कि क्रेडिट कार्ड अगर आपके पास है तो अगले को ट्रांसफर कर सकते हैं तो मन में एक आता है ना कि आखिर कैसे हो जाता है ।

यह आप सभी को ऑलरेडी पहले से क्रेडिट कार्ड के बारे में थोड़ा बहुत तो जरूर मालूम होगा किसी का आप सुने होंगे कि अरे फलाने के पास क्रेडिट कार्ड है लेकिन असल में जानते हैं कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल क्या होता है और इसकी एक आदत खराब होने के कारण जो है।

लोग इसका बहुत ज्यादा खम याज भी भुगत होता है तो दोस्तों क्रेडिट कार्ड कुछ नहीं है बैंक के द्वारा या किसी एन वी एफसी के द्वारा जो है एक ऐसा कार्ड इशू किया जाता है जिसमें एक लिमिट तय किया जाता है कि आप उतने तक का खर्च जो है बिना पैसे आपके पास रहते हुए भी कर सकते हैं और ये पैसा देगा कौन तो क्रेडिट कार्ड इशू करने ने वाली कंपनी देगी ।

यह कंपनी कहती है कि आपको मैं एक क्रेडिट कार्ड देता हूं जिसको मतलब एक कार्ड देता हूं इसको क्रेडिट कार्ड कहते हैं और इसमें आपको एक लिमिट तय करता हूं जैसे कि हर चीज का एक लिमिट होता है ना जैसे बैंक अकाउंट है तो आप में जितना पैसा होता है उतना तक तो स्पेंड कर सकते हैं।

ना जैसे अगर आपके अकाउंट में ₹1 लाख है तो आप कहीं जाते हैं कोई भी चीज खरीदारी करने के लिए तो ₹1 लाख तक तो खर्च कर ही सकते हैं लेकिन अगर अकाउंट में जीरो बैलेंस है तो कुछ नहीं खर्च कर सकते इसी तरह से जब आपको क्रेडिट कार्ड इशू किया जाता है ।

जो क्रेडिट कार्ड कंपनी आपको देती है चाहे वह बैंक हो या दूसरी कंपनी हो तो यह लोग जो है आपके जो है बहुत सारे डाटा के बेस पे बहुत सारे रिक्वायरमेंट और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के बेस पे यह तय करते हैं कि आपकी क्रेडिट कार्ड का लिमिट कितना होना चाहिए।

जैसे कि किसी को 15000 भी हो सकता है किसी को 50000 भी हो सकता है किसी को 1 लाख हो जाएगा किसी को 5 लाख 2 लाख 3 लाख जैसे भी हो आपके जो है जितने भी डाटा है उस डटा को एनालाइज करने के बाद यह लिमिट तय किया जाता है कि इतना तक अगर आपको दिया जाए तो इतने लिमिट तक के पैसे को आप कहीं भी ऑनलाइन खर्च कर सकते हैं।

या जहां पे भी क्रेडिट कार्ड एक्सेप्ट किया जाता है वहां खर्च कर सकते हैं आपको कोई नहीं रोकने वाला है आपके बैंक अकाउंट में हो या ना हो लेकिन यह क्रेडिट कार्ड कंपनियां जो है आपके बदले में यह पैसे देगी आपके मन में ये सवाल आएगा अरे वाह बहुत बढ़िया बात है अकाउंट में पैसा नहीं फिर भी खर्च कर सकते हैं।

लेकिन सवाल आएगा कि यार जान पहचान वाले तो जल्दी पैसा नहीं देते हैं ये कंपनी वाले पैसा कैसे दे देते हैं आखिर यह जब भी पैसा ट्रांस ट्रांसफर करेंगे किसी को क्योंकि रूप जो क्रेडिट कार्ड जब से आया है तब से आप फोन पे google पे ट्रांसफर होता है तो वह जो पैसा देगा वह क्रेडिट कार्ड कंपनी देती है ।

अब आपको जब भी क्रेडिट कार्ड कंपनी क्रेडिट कार्ड देगी ना तो बहुत सारे लिमिट दय करेंगे बहुत सारे टर्म एंड कंडीशन होगा और उसी में आपको जो फैसिलिटी मिलेगा वो मिलेगा कि कितने टाइम पीरियड तक जो है आप बिना कोई चार्जेज का बिना कोई मतलब कि ट्रांजैक्शन फी का कुछ भी आपको नहीं देना है ।

बस आप इस्तेमाल कर लीजिए जैसे मेरे केस में 55 दिन का जो है टाइम पीरियड मिला है जहां पे मैं आराम से यूज कर सकता हूं 55 दिन मतलब 54 दिन तक तो इस्तेमाल कर सकता हूं 55 में दिन जो है मुझे हर हाल में जो पैसा मैंने इस्तेमाल किया है उसको अकाउंट में क्रेडिट कार्ड के अकाउंट जो एक अकाउंट नंबर जनरेट होगा उसमें जो कार्ड नंबर होगा उस पे जो है।

पेड कर देना होगा मतलब सीधी से समझ लीजिए कि मैं 55 दिन का उधारी लिया अगर उधारी नहीं दे पाए तो इसके बाद किस्त में कन्वर्ट कर दिया जाता है तो सपोज कि आपके पास अगर क्रेडिट कार्ड रहता है और कहीं इमरजेंसी पर जाता है तो क्या फायदा हो जाएगा ।

फायदा यह हो जाएगा कि आप जो है उतने पैसे जितना जरूरत है जितना लिमिट है उस लिमिट के दायरे में आप इस इस्तेमाल कर लीजिए आपको जो एक महीने डेढ़ महीने जो भी टाइम पीरियड मिलता होगा उस टाइम पीरियड तक में आप टेंशन फ्री रहिए जैसे किसी से उधार लेकर कोई काम कर लिए और इसके बाद पैसे को चुका दिए अगर नहीं चुका पाए।

तब जाकर के ये कंपनियां जो है क्रेडिट कार्ड कंपनी ईम में कन्वर्ट करने का ऑप्शन देगी कि चलो कोई बात नहीं आप पैसा नहीं चुका पाए आपको फाइन देने की जरूरत नहीं है आप जो है पैसे को किस्त में आप जो है एज ए लोन की तरह जो है रेट ऑफ इंटरेस्ट वहां पे लगेगा ।

और जो भी किस्त आप बनाएंगे उस किस्त में पैसे को चुका दीजिए और अगर मिस कर गए तो फिर फाइन लगना शुरू हो जाएगा और हैवी पेनल्टी भी लगेगा तो दोस्तों कहीं ना कहीं एक बेनिफिशियल यह हो जाता है कि आपको जरूरत है और जरूरत के समय जब कोई आपका रिलेटिव दोस्त नहीं देता है।

पैसा तो ऐसे में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके आप काम कर सकते हैं नुकसान यह है कि आपका बिहेवियर हैबिट खराब हो गया तो आपको पेनल्टी भी देना पड़ सकता है तो ये आप पे डिपेंड होता है कि आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कैसे करते हैं डेबिट कार्ड जब तक आपके अकाउंट में पैसा है ।

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