Home Blog Page 35

भारत-पाक मैच से पहले बुरी खबर…रोहित शर्मा कंधे पर गेंद लगने से रिटायर्ड हर्ट हुए, कितनी गंभीर है चोट?

0

हिटमैन पुल शॉट मारने के प्रयास में चूक गए

टीम इंडिया ने आयरलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2024 के अपने पहले मैच में भले ही जीत के साथ शुरुआत की हो, लेकिन इसके साथ ही बुधवार को फैंस के लिए एक बुरी खबर भी आई।

मैच में अर्धशतक लगाने वाले कप्तान रोहित शर्मा के कंधे में चोट लग गई। जिसके बाद वह अपनी पारी भी पूरी नहीं कर पाए और बल्लेबाजी के बीच में ही मैदान छोड़कर डगआउट लौट गए। टीवी स्क्रीन पर हिटमैन टीम इंडिया के फिजियो के साथ लौटते नजर आए। पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच से पहले टीम इंडिया के लिए इसे बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

रोहित शर्मा की चोट कितनी गंभीर है,

इसकी जानकारी खुद हिटमैन ने प्रेजेंटेशन सेरेमनी के दौरान दी। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह बस हल्का सा दर्द है। वह प्रेजेंटेशन के दौरान काफी कूल नजर आए, जिसे देखकर समझा जा सकता है कि उनकी चोट ज्यादा गंभीर नहीं है। टीवी रिप्ले में देखा गया कि हिटमैन पुल शॉट मारने के प्रयास में चूक गए, जिसके बाद गेंद उनके कंधे पर लगी। आगामी भारत-पाकिस्तान मैच को देखते हुए रोहित शर्मा की मौजूदगी टीम के लिए काफी अहम है।

हिटमैन की आतिशी बल्लेबाजी

रोहित शर्मा 97 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली के साथ मैदान पर उतरे। विराट महज एक रन के स्कोर पर कैच आउट हो गए। इसके बाद रोहित शर्मा ने ऋषभ पंत के साथ मिलकर रन बनाने की जिम्मेदारी संभाली। दोनों ने मिलकर 54 रन जोड़े। रोहित ने बैक टू बैक दो पुल शॉट लगाकर छक्के लगाए, बाद में दूसरा पुल शॉट लगाने की कोशिश में वह चोटिल हो गए। आउट होने से पहले उनके बल्ले से अर्धशतक निकल चुका था। उन्होंने 37 गेंदों में चार चौकों और तीन छक्कों की मदद से 52 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 140 से ज्यादा का रहा।

अगर बिहार के नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू या चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी दोनों भी अगर बीजेपी का साथ छोड़ देना तो भी आसानी से मोदी सरकार बन पाएगी वो कैसे समझिए 2024

दोस्तों अगर बिहार के नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू या चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी दोनों भी अगर बीजेपी का साथ छोड़ देना तो भी आसानी से मोदी सरकार बन पाएगी वो कैसे समझिए इसका समीकरण एक्सपर्ट की तरफ से मैं आपको पूरी गणित समझाऊ कि नीतीश और नायडू के बिना आखिर बीजेपी कैसे सरकार बना पाएगी

क्योंकि दोनों के जाने के बाद तो इनके गठबंधन में बहुमत से भी कम हो जाएगी सीटें हा ना फिर कैसे इनकी सरकार बन पाएगी तो यह गणित समझकर आप भी चौक जाओगे अभी नरेंद्र मोदी की बीजेपी नीतीश कुमार और नायडू ये तीनों ही ऐसी शख्सियत हैं!

जो एक साथ मिल कर ही सरकार बना सकती हैं क्योंकि गठबंधन इनका है और इनमें से अगर ये दोनों इधर छोड़कर इंडी गठबंधन की तरफ चले जाएं ना तो आपको लग रहा होगा कि फिर बीजेपी के सरकार बनना मुश्किल होगा लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है!

इंडिया गठबंधन फिर भी सरकार नहीं बना पाएगा जबकि बहुमत का आंकड़ा उनकी तरफ ज्यादा हो जाएगा तो भी वो कैसे हैं मैं आपको तीन सीन समझाऊं सबसे पहला कि अगर नायडू बीजेपी का साथ छोड़कर चले गए एनडीए का तो क्या होगा

दूसरा अगर बिहार के नीतीश कुमार एनडीए को छोड़ गए तो क्या होगा और तीसरा अगर दोनों साथ छोड़ गए तो क्या होगा और इस पर विश्लेषक क्या कहते हैं आइए समझते हैं चुनाव के रिजल्ट आने के बाद आज एनडीए गठबंधन को लेकर बैठक हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एनडीए का नेता चुना गया !

इस बैठक में अलग-अलग तरह की 15 पार्टियों के 21 लीडर शामिल हुए हैं इस बैठक के बाद देश के राष्ट्रपति द्रोपदी मुरमू ने लोकसभा भंग की क्योंकि आज सुबह ऑलरेडी दोपहर में 2:00 बजे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुरमू को इस्तीफा सौंप दिया था! 

मंत्रिमंडल भंग करने की भी सिफारिश की थी तो बैठक के बाद यह आज का प्रोग्राम हुआ इधर एनडीए गठबंधन में तो ठीक है वहीं इधर इंडि गठबंधन विपक्षी भी सरकार बनाने के पूरे गणित जोड़ तोड़ समीकरण लगाने में जुटे हुए हैं देखिए आप इंडिया गठबंधन ब्लॉक खड़गे के घर बैठक हुई!

इसमें कांग्रेस अध्यक्ष बोले कि यह जनादेश मोदी के खिलाफ हैं गठबंधन में सभी का स्वागत है इन्होंने दूसरी छोटी-बड़ी सभी राजनीतिक पार्टियों को इनवाइट किया अपने गठबंधन में शामिल होने के लिए इंडिया ब्लॉक की बैठक में आज खड़गे बोले कि फासिस्ट ताकतों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी !

सही समय पर सही कदम उठाएंगे देखा जाए तो अभी कांग्रेस और इंडिया गठबंधन उधर टीएमसी पश्चिम बंगाल वगैरह सभी मिलकर के बीजेपी सरकार को हटाने की पूरी फिराक में है क्योंकि इस बार बीजेपी को अकेले को बहुमत नहीं मिल पाया तो सरकार बनाना थोड़ा मुश्किल जरूर होगा !

लेकिन फिर भी सरकार बन पाएगी इस बार दोस्तों भाजपा ने हिंदी बेल्ट में ही तकरीबन 71 सीटें गवाई उत्तर प्रदेश राजस्थान और महाराष्ट्र में बीजेपी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ यूपी में तो आपको पता ही होगा !

बीजेपी के लिए चुनावी नतीजे उम्मीद से बिल्कुल परे निकले हैं 2019 के मुकाबले बीजेपी की सीटें 20 पर तक घटी और ऐसे में अभी सबसे ज्यादा अहमियत जो सरकार बनाने के लिए जिन पार्टियों की समझी जा रही है!

उनमें है दोस्तों नीतीश कुमार की जेडीयू और चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी क्योंकि ये दोनों हर गठबंधन के साथ बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे क्योंकि दोनों के पास अच्छी खासी सीटें भी हैं !

सबसे पहले सिनेरियो वन की बात करें तो आपको पता होगा दोस्तों 240 सीटों पर जीत के साथ अभी भारतीय जनता पार्टी यानी कि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है इस बार के लोकसभा चुनाव में और 99 सीटों के साथ कांग्रेस भी देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है!

हालांकि पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार कांग्रेस ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया तकरीबन दुगुनी सीटें हासिल की हैं राहुल गांधी की मेहनत और चुनावी समज रणनीति उनकी काम आई और ऐसे में इन दोनों ही बड़ी पार्टियों के गठबंधन की अगर बात करें !

अभी एनडीए के खाते में 209 में सीटें जाती हैं जिसमें बीजेपी जुड़ी हुई है और इधर इंडिया विपक्षी का जो गठबंधन है उसके खाते में टोटल सभी पार्टियों को मिलाकर 232 सीटें आई हैं राइट और ऐसे में जो जादूई आंकड़ा है !

यानी कि बहुमत के लिए आंकड़ा है 272 का 543 लोकसभा सीटों में से 272 जिसके पास होगी वही सरकार बना पाएगी तो यह जादूई आंकड़ा अभी तो बीजेपी के पास है एनडीए गठबंधन के पास मतलब और 272 से भी 20 सीटें ज्यादा हैं!

292 के लगभग लेकिन केवल बीजेपी की बात करें तो केवल बीजेपी 240 के बाद बहुमत से 32 सीटें दूर हैं और ऐसे मिताए कि अगर बीजेपी को सरकार बनानी है गठबंधन की तो टीडीपी जेडीयू जैसे दोनों घटकों की अहम भूमिका होगी राइट और इधर सियासी गलियारों में चर्चाओं में बाजार गर्म है वो ऐसे कि 16 सीटें लाने वाली पार्टी टीडीपी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू एक बार पहले ही बीजेपी का साथ छोड़ चुके हैं!

तो लोग बाग समझ रहे हैं कि उनकी पायदे थोड़ी कम है और वो अभी इंडि गठबंधन के साथ भी जा सकते हैं यह मतलब बाजार में चर्चाएं चल रही है जबकि इधर बात करें 12 सीटें जीतने वाली जेडीयू पार्टी के नीतीश कुमार की तो उनका तो पाला बदलने का रिकॉर्ड ही रहा है वो कभी इसके साथ कभी उसके साथ कभी किसके साथ इनका कोई भरोसा नहीं है! 

इसीलिए लोगों को यूं लग रहा कि बीजेपी का सरकार बनाना थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि नरेंद्र नीतीश और नायडू ट्रिपल एन साथ रहना जरूरी होगा तभी बीजेपी की सरकार बन पाएगी हालांकि अभी तक तो नीतीश और नायडू दोनों ने ही एनडीए का साथ नहीं छोड़ने की बात कही है !

लेकिन राजनीति में सुबह कही हुई बात का शाम को भी कोई भरोसा नहीं होता है राजनीति संभावनाओं और संकेतों पर चलती है ऐसे में दोस्तों सूत्रों के हवाले से यह भी बताया जा रहा है कि नायडू ने बीजेपी के सामने कुछ मांगे भी रखी हैं !

उन्हें लोकसभा स्पीकर की कुर्सी और पांच मंत्री पद भी चाहिए हालांकि इधर नीतीश की ऐसी कोई शर्त सामने नहीं आई है लेकिन आगे क्या होगा यह कहा नहीं जा सकता है फ्लाइट में तेजस्वी के साथ तस्वीर वायरल होना और तेजस्वी का गोलमाल बयान सब पर इनकी नजर है अब यहां अहम सवाल यह कि क्या नीतीश और नायडू के बिना नरेंद्र मोदी का काम चलेगा या नहीं क्या ये दोनों नेता सच में किंग मेकर साबित होने जा रहे हैं!

क्या ये दोनों साथ छोड़ दें तो बीजेपी वाकई सरकार नहीं बना पाएगी क्या आइए आंकड़ों के जरिए समझने की कोशिश करते हैं सिनेरियो वन बनेगा कि नायडू अगर साथ छोड़ गए तो क्या होगा ठीक है !

तो इसे समझिए जरा अभी चंद्रबाबू नायडू की जो टीडीपी है वो अगर एनडीए का साथ छोड़ भी देती है तो 292 से में से 16 सीटें कम हो जाएगी तो 276 सीटें बच जाएगी जो भी बहुमत से चार ज्यादा ही होगी तो भी आसानी से एनडीए की सरकार बन जाएगी कोई दिक्कत नहीं है!

ठीक है दूसरा सिनेरियो बनेगा कि अगर बिहार के नीतीश साथ छोड़ गए तो क्या होगा अभी 292 सीटें हैं नीतीश की जेडीयू की टोटल 12 सीटों पर जीत है तो 292 – 12 भी कर ले तो भी 280 सीटें एनडीए के पास बचेगी तो भी कोई दिक्कत नहीं है जादुई आंकड़े से आठ ज्यादा ही है ये भी मतलब बहुमत के 272 से आठ ज्यादा है!

हा ना तो भी बीजेपी आसानी से सरकार बना लेगी लेकिन लेकिन लेकिन तीसरा सिनेरियो बहुत महत्त्वपूर्ण होगा अगर जेडीयू और टीडीपी दोनों साथ छोड़ गए तो क्या होगा क्योंकि 292 सीटों में से -1 किया और – 12 किया तब जादुई आंकड़े से भी कम सीटें रह जाएगी बीजेपी के पास यह आंकड़ा 264 पर पहुंच जाएगा जो कि 272 से आठ सीटें कम होगी और ऐसे में बीजेपी के लिए सरकार बनाना मुश्किल होगा !

राइट लेकिन अब समझिए जरा विश्लेषक क्या कहते हैं एक्सपर्ट इस पर एक्सपर्ट का क्या कहना तो एक पॉलिटिकल कैंपियन फर्म के फाउंडर अमित कुमार यह कहते हैं दोस्तों कि इस परिस्थिति में भी एनडीए बड़ा गठबंधन रहेगा और आठ सीटों का जुगाड़ बीजेपी इधर-उधर से आसानी से कर लेगी !

क्योंकि दोस्तों इस बार के लोकसभा चुनाव में सात तो ऐसे निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं जो किसी भी पार्टी में नहीं जुड़े हुए हैं हालांकि इन सात प्रत्याशियों में पप्पू यादव जैसे नेता हैं जो किसी भी हाल में बीजेपी में नहीं आएंगे और अमृतपाल सिंह जैसे नेताओं को खुद बीजेपी भी नहीं लाना चाहेगी!

  एक अन्य विश्लेषक विनीत कुमार का भी ये कहना है कि बीजेपी के पास कई ऐसे छोटे दलों से भी संपर्क करने का विकल्प है जो ना तो अभी एनडीए के साथ जुड़े हुए हैं ना ही इंडिया गठबंधन के साथ जुड़े हुए हैं !

वो अकेले चुनाव लड़े थे मतलब वो निर्दलीय भी नहीं है लेकिन छोटी-छोटी पार्टियां जैसे राजस्थान में आरएलपी आपने देखा होगा और भी कई हर इलाके में आपको एक दो एक दो छोटी-छोटी पार्टियां मिल जाएगी तो ऐसी पार्टियों के भी कुल 18 उम्मीदवार जीत कर आए हैं !

तो इन में से बीजेपी आराम से आठ उम्मीदवारों को तो ले आएगी कोई दिक्कत वाली बात है ही नहीं है है ना तो कहने का मतलब जेडीयू टीडीपी दोनों भी निकल गई ना तो भी बीजेपी के लिए सरकार बनाना कोई ज्यादा मुश्किल नहीं होगा अभी तक का सिनेरियो तो यह कहता है!

और बाकी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्तीफा दे ही चुके हैं बताया जा रहा है कि 8 तारीख को वो वापस पीएम पद की शपथ लेंगे तब तक ये भी क्लियर हो जाएगा कि किसकी सरकार बनने जा रही है कौन किसका साथ छोड़ता है और कौन किसका साथ निभाता है !

ये तो वक्त ही बताएगा आपको क्या लगता दोस्तों आपके हिसाब से अभी नए भारत का नया प्रधानमंत्री कौन बनना चाहिए पीएम मोदी ही फिर से या फिर कोई और राहुल गांधी आपके क्या मन में इच्छा है जो भी आपके राय विचार में जिसका भी नाम है कमेंट करके बताइए मुझे इस खबर के नीचे कमेंट में जरूर और शेयर करना ना भूलें ! रोजाना ऐसी इंफॉर्मेशन काम की खबरें देखते रहने के लिए धन्यवाद ! जय हिंद जय भारत वंदे मातरम

चुनाव नतीजों के अगले ही दिन कांग्रेस दफ्तर पर जुटी मुस्लिम महिलाओं की लंबी कतार, की ये मांग…

लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने जोरदार वापसी जरूर की है। कांग्रेस की अगुवाई वाली अखिल भारतीय गठबंधन सरकार बनने की भी खूब चर्चा हो रही है। सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में उथल-पुथल मची हुई है।

लेकिन राजनीति से इतर कर्नाटक समेत कई राज्यों में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है। कांग्रेस की जीत के अगले ही दिन कर्नाटक के कई शहरों के डाकघरों में महिलाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लखनऊ में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। खासकर लखनऊ में कांग्रेस दफ्तर के बाहर मुस्लिम महिलाएं बड़ी संख्या में खड़ी नजर आईं।

7 जून को होगा एनडीए संसदीय दल का नेता चुना जाएगा, उसी दिन मोदी पेश करेंगे दावा, 8 को शपथ संभव
डाकघर और कांग्रेस दफ्तर के बाहर लाइन में खड़ी महिलाओं का कहना है कि वे खाता खुलवाने के लिए फॉर्म लेने आई हैं, ताकि कांग्रेस के वादे के मुताबिक हर महीने उनके खाते में 8000 रुपये आने लगें।

कर्नाटक के बेंगलुरु समेत कई शहरों के डाकघरों के बाहर बुधवार सुबह से ही लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। यहां महिलाएं डाकघर में अपना खाता खुलवाने के लिए लाइन में खड़ी थीं। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस की सरकार बन गई है और कांग्रेस ने उन्हें हर महीने 8000 रुपये देने का वादा किया था।

चूंकि वह पैसा सीधे खाते में आएगा, इसलिए वे अपना खाता खुलवाने यहां आई हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं आकर लाइन में लग गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि कांग्रेस पार्टी कार्यालय से उन्हें एक फॉर्म मिलेगा। इस फॉर्म के आधार पर बैंक में खाता खुल जाएगा और फिर उनके खाते में हर महीने 8000 रुपये आने लगेंगे। कांग्रेस कार्यालय पहुंची

जुबैदा नाम की महिला ने कहा, “अब कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। अब राहुल गांधी हमसे किए गए वादे पूरे करेंगे। उन्होंने चुनाव में कहा था कि वे महिलाओं के खातों में हर महीने 8500 रुपये जमा कराएंगे। उनके इसी वादे को लेकर हम कार्यालय आई हैं। इस योजना का लाभ पाने के लिए हमारी तरह कुछ और महिलाएं भी फॉर्म भरकर कल सुबह तक भेज देंगी।”

वट सावित्री पूजा का नियम क्या है, इसमें कौन से फल महत्वपूर्ण हैं, घर में बरगद का पेड़ न हो तो क्या करें!

0

वट सावित्री व्रत और पूजा गुरुवार को है। विवाहित महिलाएं इसका पालन करती हैं। उत्तर भारत में इस व्रत का बहुत महत्व है। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या को रखा जाता है। इस व्रत में आम, लीची, केला, पान, सुपारी फल को विशेष महत्व दिया गया है। इसके साथ ही घी में आटे से बनी बरगद के पत्ते की आकृति वाली डिश प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती है।

वट सावित्री में सिर्फ ये फल ही क्यों

वट सावित्री की पूजा में आम, अंगूर, तरबूज, खीरा, अनानास, संतरा, लीची आदि सबसे अच्छे प्रसाद हैं। पंडित दिलीप ठाकुर कहते हैं कि यह व्रत गर्मियों में रखा जाता है और इसमें रस से भरे सभी फलों को प्रसाद की टहनी में चढ़ाना चाहिए। यह एक मान्यता है और शास्त्रों में भी कहा गया है।

केवल विवाहित महिलाओं का व्रत

पंडित बताते हैं कि यह पूजा न तो कुंवारी कन्याएं करती हैं, न विधवाएं और न ही पुरुष। केवल और केवल सतीत्व वाली महिलाएं ही यह व्रत रखती हैं। विवाहित महिलाएं पूजा करने के बाद ही पानी पीती हैं। हिंदू मान्यता के अनुसार वट सावित्री के दिन बरगद के पेड़ की पूजा करना यमराज की पूजा करने के समान है।

मनुष्य के देवता की पूजा

पंडित बताते हैं कि विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिए यमराज देव को प्रसन्न करती हैं। वे चाहती हैं कि यमराज देव उनके सुहाग की रक्षा करें। विवाहित महिलाएं सुबह स्नान करके नए कपड़े पहनती हैं और इस व्रत की शुरुआत करती हैं।

पूजा-कथा की प्रक्रिया

पंडित अंत में यह भी बताते हैं कि वैसे तो इस व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। लेकिन जो महिलाएं बरगद के पेड़ के नीचे नहीं जा सकती हैं या ये पेड़ उनके आस-पास नहीं हैं, वे घर पर पेड़ की तस्वीर की भी पूजा कर सकती हैं। चंदन-कुमकुम-अक्षत से पेड़ की पूजा करने के बाद उस पर धागा बांधें। फल-फूल चढ़ाएं और फिर विधि-विधान से कथा सुनाएं।

 

7 जून को होगा एनडीए संसदीय दल का नेता चुना जाएगा, उसी दिन मोदी पेश करेंगे दावा, 8 को शपथ संभव

7 जून को होगा एनडीए संसदीय दल का नेता चुना जाएगा, उसी दिन मोदी पेश करेंगे दावा

अब 7 जून को होगा एनडीए संसदीय दल का नेता चुना जाएगा, उसी दिन नरेंद्र मोदी पेश करेंगे दावा। दरअसल, आज राष्ट्रपति के डिनर के कारण एनडीए संसदीय दल की बैठक 7 जून को होगी, ऐसे में माना जा रहा है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण 8 जून को हो सकता है।

लोकसभा चुनाव के नतीजे साफ होने के बाद अब एनडीए सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। अब सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक वे शाम को राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं और 8 जून को शपथ ले सकते हैं।

दूसरी ओर, भारत गठबंधन ने भी आगे की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार पीएम बनने से रोकने के लिए कांग्रेस पार्टी नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को अपने खेमे में लाने की कोशिश कर सकती है।

NDAकी बैठक में मोदी के नाम पर मुहर, शाम 7.30 बजे राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, सरकार बनाने का करेंगे दावा

एनडीए की बैठक में मोदी के नाम पर मुहर, शाम 7.30 बजे राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, सरकार बनाने का करेंगे दावा

एनडीए की बैठक में मोदी के नाम पर मुहर, शाम 7.30 बजे राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात

, सरकार बनाने का करेंगे दावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को एनडीए की अहम बैठक हुई। पीएम आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू समेत एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के कई नेता भी मौजूद रहे। एनडीए की बैठक में मौजूद सभी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को जीत की बधाई दी और उनके नेतृत्व में आस्था भी जताई। एनडीए के सहयोगी दलों ने पीएम मोदी को समर्थन पत्र सौंपा है।

एक ही फ्लाइट से दिल्ली जा रहे हैं नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव, देर रात पीएम मोदी ने बिहार के सीएम को किया फोन

पीएम ने नीतीश कुमार से की बात, सीएम आज एनडीए की बैठक में होंगे शामिल:

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को दिल्ली में एनडीए की बैठक में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे बात की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन कर बैठक की जानकारी दी है। बैठक में लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी भी शामिल होंगे।

बैठक शाम 4.30 बजे होगी। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिनभर अपने आवास में ही रहे। इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी और सांसद संजय झा से चुनाव नतीजों पर चर्चा की। पार्टी की आठ-नौ सीटें कैसे हारी, इस पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कुछ सहयोगियों से फोन पर बात की। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री पटना लौट आए हैं। पटना लौटने से पहले उन्होंने शाम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी फोन पर बात की।

नीतीश की वापसी ने बिहार में एनडीए की साख बचाई

2024 के लोकसभा चुनाव नतीजों ने फिर साबित कर दिया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही बिहार की राजनीति की धुरी हैं। चुनाव से ठीक पहले विपक्षी गठबंधन का हिस्सा रहे नीतीश कुमार एनडीए में वापस आ गए। उनकी वापसी ने बिहार में एनडीए की साख बचा ली है। पड़ोसी राज्य यूपी में एनडीए को बड़ा झटका लगा है। ऐसे में एनडीए बिहार में दो तिहाई सीटें हासिल कर पूर्ण बहुमत हासिल करने में सफल रहा है।

एनडीए की बैठक में शामिल होने दिल्ली जाएंगे सीएम नीतीश, पीएम मोदी से फोन पर की बात
नीतीश कुमार ने ही राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों को एकजुट किया। पटना में विपक्षी दलों की पहली बैठक 23 जून 2023 को मुख्यमंत्री आवास पर हुई थी। बाद में लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस की उपेक्षा और सुस्ती को देखते हुए उन्होंने वहां से बाहर आने का फैसला किया। इस तरह नीतीश कुमार फिर से एनडीए का हिस्सा बन गए। बिहार में एनडीए के तहत बीजेपी ने 17, जेडीयू ने 16, एलजेपी ने पांच और हम और आरएलएमओ ने एक-एक सीट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। जेडीयू उम्मीदवारों की बात करें तो 16 में से 12 निवर्तमान सांसद थे. जेडीयू ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं, जिन चार सीटों पर जेडीयू हारी है, उनमें तीन निवर्तमान सांसद भी शामिल हैं. हारने वाले निवर्तमान सांसदों में जहानाबाद से चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, कटिहार से दुलालचंद गोस्वामी और पूर्णिया से संतोष कुशवाहा शामिल हैं. चौथी सीट किशनगंज थी, जहां 2019 में भी जेडीयू को हार का सामना करना पड़ा था. 2019 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू 17 सीटों पर लड़ी थी और 16 पर जीत दर्ज की थी.

नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में पार्टी उम्मीदवार कौशलेंद्र कुमार लगातार चौथी बार जीते हैं. वहीं, पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह चौथी बार सांसद बने हैं. इस बार जेडीयू के नौ निवर्तमान सांसद जीते हैं. इनमें भागलपुर से अजय मंडल, वाल्मीकिनगर से सुनील कुमार, सुपौल से दिलेश्वर कामत, मधेपुरा से दिनेशचंद्र यादव, गोपालगंज से डॉ. आलोक कुमार सुमन, बांका से गिरिधारी यादव, नालंदा से कौशलेंद्र कुमार, मुंगेर से ललन सिंह और झंझारपुर से रामप्रीत मंडल शामिल हैं। सीतामढ़ी से देवेश चंद्र ठाकुर ने जीत दर्ज की है।

दोनों महिला उम्मीदवार जीतीं

जेडीयू ने शिवहर से लवली आनंद और सीवान से विजयलक्ष्मी देवी को दो महिला उम्मीदवार बनाया था। दोनों ने जीत दर्ज की है। खास बात यह है कि ये दोनों महिला नेता चुनाव से कुछ दिन पहले ही जेडीयू में शामिल हुई थीं। लवली आनंद पहले वैशाली से सांसद भी रह चुकी हैं। विजयलक्ष्मी देवी पहली बार चुनाव लड़ी थीं। विजयलक्ष्मी देवी के पति रमेश कुशवाहा पूर्व विधायक रह चुके हैं।

एनडीए की बैठक में शामिल होने दिल्ली जाएंगे सीएम नीतीश, पीएम मोदी से फोन पर की बात

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार आज दिल्ली में एनडीए की बैठक में शामिल होंगे।

सीएम नीतीश कुमार ने इस संबंध में कल रात पीएम मोदी से बातचीत की थी। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन कर बैठक की जानकारी दी थी। वहीं, लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी भी इस बैठक में शामिल होंगे। यह बैठक आज शाम 4.30 बजे होगी।

दरअसल, लोकसभा चुनाव के नतीजों वाले दिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिनभर अपने आवास में ही रहे। इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी और सांसद संजय झा से चुनाव नतीजों पर चर्चा की। इस दौरान इस बात पर मंथन हुआ कि एनडीए को इस बार कम सीटें क्यों मिलीं? इस बात पर भी चर्चा हुई कि आठ-नौ सीटों पर हार कैसे हुई।

मालूम हो कि इस बार एनडीए को 9 सीटों का नुकसान हुआ है। पिछले चुनाव में उसके खाते में 39 सीटें आई थीं। जेडीयू को चार और बीजेपी को पांच सीटों का नुकसान हुआ है. जेडीयू को किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया और जहानाबाद में हार का सामना करना पड़ा. वहीं, बीजेपी को पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, औरंगाबाद और सासाराम (एससी) में हार का सामना करना पड़ा. एलजेपी (आर) ने अपनी सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज की. आपको बता दें, बिहार में एनडीए को 30 सीटें और भारत गठबंधन को 9 सीटें मिलीं, जबकि बची एक सीट पूर्णिया पर निर्दलीय पप्पू यादव ने जीत दर्ज की. एनडीए में जेडीयू को 12 सीटें, बीजेपी को 12 सीटें, एलजेपी (आर) को 5 सीटें और हम को एक सीट मिली. जबकि, भारत में आरजेडी को 4 सीटें, कांग्रेस को 3 सीटें, सीपीआई (एमएल) को दो सीटें मिलीं.

‘कल देंगे जवाब कि हम सरकार बनाएंगे या नहीं’ लोकसभा चुनाव की नीतियों पर बोले राहुल गांधी

दिल्ली: लोकसभा चुनाव के नतीजे लगभग आ चुके हैं। चुनाव नतीजों में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। ऐसे में इस बात पर संशय है कि देश में एनडीए की सरकार बनेगी या फिर इंडीज गठबंधन की।

राहुल गांधी ने कहा है कि वह कल जवाब देंगे कि वह सरकार बनाएंगे या नहीं।

उन्होंने केरल की वायनाड सीट और यूपी की रायबरेली सीट से जीत के लिए मतदाताओं का आभार जताया। राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई संविधान बचाने की है। मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूं।

पीएम मोदी ने कहा- मैं एनडीए पर तीसरी बार भरोसा जताने के लिए लोगों को सलाम करता हूं

राहुल गांधी ने कहा कि जब कांग्रेस का खाता बंद हुआ तो मुझे लगा कि जनता अपने संविधान के लिए लड़ेगी और यह सच साबित हुआ। कांग्रेस ने साफ तौर पर देश को रास्ता दिखाया है। कांग्रेस और इंडीज गठबंधन ने यह चुनाव किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं लड़ा बल्कि संविधान बचाने के लिए लड़ा।

उन्होंने कहा कि देश ने साफ कर दिया है कि उसे मोदी और शाह नहीं चाहिए। हमने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करेंगे। भारत की जनता ने लोकतंत्र और संविधान को बचाया है। देश के गरीब और वंचित लोग अपने अधिकारों की रक्षा के लिए भारत के साथ खड़े हैं। आपको बता दें कि राहुल गांधी ने वायनाड और रायबरेली दोनों सीटों पर जीत हासिल की है, हालांकि उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ेगी।

पीएम मोदी ने कहा- मैं एनडीए पर तीसरी बार भरोसा जताने के लिए लोगों को सलाम करता हूं

पीएम मोदी ने कहा- मैं एनडीए पर तीसरी बार भरोसा जताने के लिए लोगों को सलाम करता हूं

पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए बहुमत के आंकड़े को पार कर 290 सीटों पर पहुंच गई है। वहीं, इंडिया एलायंस 235 सीटों पर सिमट गई है। पीएम मोदी ने जनादेश को स्वीकार करते हुए लोगों को सलाम किया है। उन्होंने कहा कि मैं एनडीए पर तीसरी बार भरोसा जताने के लिए लोगों को सलाम करता हूं।

पीएम मोदी ने ओडिशा की जीत पर कार्यकर्ताओं को बधाई दी

पीएम मोदी ने ओडिशा में बीजेपी की सरकार बनने पर ओडिशा की जनता का आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि शुक्रिया ओडिशा! यह सुशासन और ओडिशा की अनूठी संस्कृति का जश्न मनाने की एक बड़ी जीत है। बीजेपी लोगों के सपनों को पूरा करने और ओडिशा को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुझे अपने सभी मेहनती पार्टी कार्यकर्ताओं पर उनके प्रयासों के लिए बहुत गर्व है।

लोकसभा चुनाव परिणाम 2024 नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे, लेकिन गठबंधन सरकार चलेगी
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने लगातार तीसरी बार एनडीए पर भरोसा जताया है। यह भारत के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मैं लोगों के इस स्नेह के लिए उन्हें नमन करता हूं। मैं उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि हम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पिछले दशक में किए गए अच्छे काम को जारी रखेंगे। मैं अपने सभी कार्यकर्ताओं को उनकी कड़ी मेहनत के लिए सलाम करता हूं। उनके असाधारण प्रयासों को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

देश की जनता ने लगातार तीसरी बार एनडीए पर अपना भरोसा जताया है।

यह भारत के इतिहास में एक अभूतपूर्व क्षण है।