Home Blog Page 4

हत्या के मामले में ससुर और दामाद को आजीवन कारावास, संपत्ति के लिए छोटे भाई की पीट-पीटकर कर दी थी हत्या

0

मुंगेर में 14 वर्ष पूर्व हुए मो. कल्लू उर्फ ​​कलीम हत्याकांड मामले में एडीजे पंचम धीरज कुमार मिश्रा की अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए हत्यारे भाई और उसके दामाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

दरअसल, मुंगेर के मुर्गियाचक निवासी मो. कल्लू उर्फ ​​कलीम की 14 वर्ष पूर्व हुई हत्या के मामले में एडीजे पंचम धीरज कुमार मिश्रा की अदालत में सत्र वाद संख्या 846/2010 में सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई. जिसमें बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के वकील की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने हत्यारे बड़े भाई मो. बरकत अली और उसके दामाद मो. जावेद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

सजा सुनाए जाने के बाद जावेद की पत्नी कई बार बेहोश हो गई। इस संबंध में एपीपी को सुरक्षा भी मुहैया कराई गई थी। इस मामले में मृतक के चार रिश्तेदारों में से मझले भाई, भाभी, दीदी और जीजा के साथ तीन अन्य गवाह मुकर गए थे। एपीपी सुशील कुमार ने बताया कि पिछले कई वर्षों से यह मामला फैसले के लिए लंबित था लेकिन सभी गवाहों और जांच पूरी होने के बाद दोषियों को सजा दी गई।

बता दें कि 18 मार्च 2010 को मकान के बंटवारे को लेकर छोटे भाई मो. कल्लू उर्फ ​​कलीम और बड़े भाई मो. बरकत के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान मो. बरकत अली का दामाद मो. जावेद वहां पहुंचा तो ससुर और दामाद ने मो. कल्लू के सिर पर लाठी और लोहे की रॉड से वार कर दिया, जिससे इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इसी को लेकर कोर्ट ने यह सजा सुनाई है।

मुख्यमंत्री अपने होश में नहीं हैं, सब कुछ भूल गए हैं’ तेजस्वी ने सीएम नीतीश को याद दिलाया पुराना वादा, और भी कई बातें कही

0

कटिहार पहुंचे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ी बात कही है. तेजस्वी ने कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने होश में नहीं हैं और सब कुछ भूल गए हैं. इस दौरान तेजस्वी ने मुख्यमंत्री को उनके पुराने वादे की याद दिलाते हुए पूछा कि अगर वह अब उस वादे को पूरा नहीं करेंगे तो कब करेंगे? इसके साथ ही उन्होंने सीएम नीतीश को और भी कई बातें बताईं.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी पुरानी मांग थी कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए. जब से देश में एनडीए की सरकार आई है, तब से नरेंद्र मोदी बिहार के वोट के बल पर प्रधानमंत्री बने हुए हैं. हमारे चाचा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की बात भूल गए हैं. अब वह चाहें तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिला सकते हैं क्योंकि वह केंद्र सरकार का हिस्सा हैं.

तेजस्वी ने कहा कि आज केंद्र में सरकार नीतीश कुमार की वजह से ही चल रही है. ऐसे में अगर उन्हें विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल सकता तो फिर कब मिलेगा? नरेंद्र मोदी एक बार नहीं बल्कि तीन बार प्रधानमंत्री बने। जब वे पहली बार प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के साथ-साथ विशेष पैकेज देने का वादा किया था लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। जब बिहार में बाढ़ आई तो उसके लिए भी उन्होंने मदद नहीं की, देखने भी नहीं आए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008-09 में जब कोसी में बाढ़ आई थी तो तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बिहार आए थे। तत्कालीन यूपीए सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिया था।

लालू प्रसाद रेल मंत्री थे, रेलवे ने भी बिहार को पूरा सहयोग दिया लेकिन वर्तमान सरकार को इससे कोई लेना-देना नहीं है। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री अपने होश में नहीं हैं। इन्वेस्टर्स मीट में जब निवेश की बात आई तो मुख्यमंत्री वहां से गायब थे। मुख्यमंत्री किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर बोलते भी नहीं हैं। वक्फ बोर्ड पर वे चुप रहते हैं। उनके नेता संसद में कुछ कहते हैं और यहां कुछ और कहते हैं। पेपर लीक मामला हो या कोई और महत्वपूर्ण मुद्दा, मुख्यमंत्री नदारद रहते हैं। जब विधानसभा का सत्र चल रहा था, तब पूरे सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने एक भी शब्द नहीं बोला। इसलिए हम कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री थक चुके हैं और रिटायर्ड अफसरों के सहारे बिहार चलाने की कोशिश कर रहे हैं, बिहार डूब रहा है। अब बिहार नीतीश कुमार के हाथों में सुरक्षित नहीं है।

 

‘नीतीश’ को हराने के लिए ‘तेजस्वी’ का मेगा प्लान! हर बूथ पर 62 लोग और 620 रुपये….राजद के खाली खजाने को भरने की जबरदस्त तैयारी 

पीएम मोदी: 43 साल बाद आज कुवैत जाएंगे पीएम नरेंद्र मोदी, होगी नए युग की शुरुआत

‘नीतीश’ को हराने के लिए ‘तेजस्वी’ का मेगा प्लान! हर बूथ पर 62 लोग और 620 रुपये….राजद के खाली खजाने को भरने की जबरदस्त तैयारी

0

लालू यादव की पार्टी राजद नए सदस्य बनाकर अपना खजाना भरेगी। पार्टी का खजाना भरने के लिए नेताओं और विधायकों को बड़ा टास्क दिया गया है। हर मतदान केंद्र से कम से कम 620 रुपये राजद कोष में जमा करने का लक्ष्य दिया गया है। विधानसभा चुनाव से पहले इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पार्टी नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी है।

19 सितंबर से सदस्यता अभियान शुरू

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने 19 सितंबर 2024 से सदस्यता अभियान शुरू किया है। पार्टी ने एक करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। सदस्यता अभियान की शुरुआत के दिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा था कि उनका मानना ​​है कि “राजद बिहार में सबसे ज्यादा सदस्य बनाने वाली पार्टी बनेगी”। 19 सितंबर को उन्होंने कहा था, ”आज हम सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि 20 से ज्यादा राज्यों में सदस्यता अभियान शुरू कर रहे हैं, जहां आरजेडी का संगठन है। हमने एक करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है और यह अभियान आने वाले महीनों तक जारी रहेगा।” तेजस्वी यादव ने कहा था कि ”समाज के सभी वर्गों के लोग आरजेडी के सदस्य बनेंगे।

” हर बूथ पर 62 सदस्य बनाने का लक्ष्य

आरजेडी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सफलता के लिए पूरी प्लानिंग कर ली है। बूथ स्तर पर पार्टी कैसे आक्रामक हो सकती है, इस पर काम किया जा रहा है। नेताओं और कार्यकर्ताओं को इसका जिम्मा दिया गया है। पार्टी नेतृत्व ने अपने नेताओं-विधायकों-एमएलसी, पूर्व विधायकों, पार्षदों, पराजित उम्मीदवारों को लक्ष्य हासिल करने के लिए काम करने को कहा है। पार्टी के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि हर बूथ पर कम से कम 62 लोगों को आरजेडी की सदस्यता दिलाने को कहा गया है। पार्टी का मानना ​​है कि अगर राज्य के सभी बूथों पर कम से कम 62 सदस्य हो गए तो हमें सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता। नेताओं को साफ तौर पर कहा गया है कि इस लक्ष्य को हर कीमत पर हासिल करना है। हर बूथ से 62 लोग और 620 रुपये इकट्ठा करने की जिम्मेदारी

दरअसल, आरजेडी का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाना है. इससे न सिर्फ पार्टी मजबूत होगी, बल्कि पैसे भी आएंगे. पार्टी का खजाना भरेगा. आरजेडी की सदस्यता लेने पर 10 रुपये की रसीद कटवानी होगी. यानी 10 रुपये देकर आप आरजेडी के सदस्य बन सकते हैं. हर बूथ पर 62 लोगों को सदस्य बनाना है. इसलिए हर बूथ से कम से कम 620 रुपये सदस्यता शुल्क के तौर पर खजाने में जमा होंगे.

राजद को होगी 5 करोड़ की आय

बिहार में कुल मतदान केंद्रों की बात करें तो विधानसभा चुनाव 2015 में इनकी संख्या 65367 थी। विधानसभा चुनाव 2020 में कोरोना के कारण मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 1 लाख 6 हजार 526 हो गई। हालांकि, लोकसभा चुनाव 2024 में बिहार में कुल बूथों की संख्या 77462 थी। अगर लोकसभा चुनाव 2024 में बूथों की संख्या के आधार पर गणना करें तो प्रति बूथ 62 सदस्य बनाने पर संख्या 48 लाख 2 हजार 644 होगी। सदस्यता शुल्क की बात करें तो 48 लाख 2 हजार 644 सदस्यों के सदस्य बनने पर पार्टी के खजाने में 4 करोड़ 80 लाख, 26 हजार, 440 रुपये जमा होंगे। यह सामान्य सदस्य बनने पर ही पार्टी की आय का हिसाब है। सक्रिय सदस्य बनने पर शुल्क अधिक है।

पीएम मोदी: 43 साल बाद आज कुवैत जाएंगे पीएम नरेंद्र मोदी, होगी नए युग की शुरुआत 

 

पीएम मोदी: 43 साल बाद आज कुवैत जाएंगे पीएम नरेंद्र मोदी, होगी नए युग की शुरुआत

दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कुवैत की यात्रा पर जा रहे हैं। 43 साल बाद किसी भारतीय पीएम की यह पहली यात्रा होगी। इससे दोनों देशों के रिश्तों में नए युग की शुरुआत होगी। 22 दिसंबर को मोदी कुवैत के अमीर, क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री से अलग-अलग बातचीत करेंगे। उसी दिन शाम को वे स्वदेश लौट जाएंगे। इस दौरान मोदी कुवैत में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे।

दरअसल, कुवैत में 10 लाख भारतीय रहते हैं, जिनकी संख्या वहां रहने वाले विदेशी नागरिकों में सबसे ज्यादा है। 43 साल बाद किसी भारतीय पीएम की यह कुवैत यात्रा होगी और इससे दोनों देशों के रिश्तों में नई गर्मजोशी आएगी। साल 1990 में जब इराक ने कुवैत पर हमला किया था, तब भारत ने इसकी निंदा नहीं की थी। इससे कुवैत के साथ रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी। इसके चलते दोनों देशों के बीच लंबे समय तक राजनीतिक संवादहीनता की स्थिति बनी रही।

लेकिन अब पीएम मोदी आज कुवैत जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया है कि पीएम मोदी की यात्रा के दौरान ऊर्जा, हाइड्रोकार्बन और कारोबारी संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। स्थानीय मुद्रा में कारोबार करना भी एक बड़ा मुद्दा होगा। पीएम मोदी की यह यात्रा इसलिए भी अहम है क्योंकि कुवैत अब खाड़ी देशों की परिषद का अध्यक्ष बनने जा रहा है। भारत उनके साथ मुक्त व्यापार समझौता करने की बात कर रहा है।

अमित शाह बीजेपी नेताओं को नया टास्क देने बिहार आ रहे हैं, सख्त तेवरों के साथ लेंगे क्लास 

अमित शाह बीजेपी नेताओं को नया टास्क देने बिहार आ रहे हैं, सख्त तेवरों के साथ लेंगे क्लास

0

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे हैं. बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज है. सभी पार्टियों की अपनी-अपनी तैयारियां हैं. इस बीच बिहार बीजेपी के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह बिहार के दौरे पर आ सकते हैं. अमित शाह का यह दौरा नए साल में होगा. इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो गई हैं.

बीजेपी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नए साल में दो दिवसीय दौरे पर बिहार आएंगे. जनवरी में अमित शाह के इस दौरे के दौरान वे पटना साहिब गुरुद्वारा जाएंगे. वे नेताओं से मुलाकात करेंगे और संगठन चुनाव समेत तमाम राजनीतिक गतिविधियों पर प्लान भी तैयार करेंगे और इसी प्लान के मुताबिक बीजेपी आगे काम करेगी.

बताया जा रहा है कि अमित शाह ने पिछले कुछ दिनों में जिस तरह के बयान दिए हैं, उसका डैमेज कंट्रोल करने के लिए वे बिहार आएंगे. माना जाता है कि बिहार की राजनीति में अगर कुछ कहा जाता है तो उसका असर बहुत व्यापक स्तर पर होता है. इसकी वजह बिहार का लोकतंत्र की जननी होना भी है। इसके अलावा बिहार भाजपा में गुटबाजी इन दिनों चरम पर है। नेताओं में समन्वय का घोर अभाव है। ऐसे में संभव है कि अमित शाह बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इन नेताओं को सख्त निर्देश देने आ रहे हों। भाजपा सूत्रों के मुताबिक भाजपा में विधानसभा की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। चरणबद्ध तरीके से कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जा रहा है।

पार्टी विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। कार्यकर्ताओं और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की विशेष बैठक होने जा रही है। बिहार में लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। केंद्रीय नेतृत्व इसके बाद से ही प्रदेश नेतृत्व पर एक अलग तरह का दबाव बना रहा है। राज्य में पार्टी की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े प्रयास करने की तैयारी है। शाह विधानसभा उपचुनाव के परिणाम को 2025 में दोहराते देखना चाहते हैं। अमित शाह भाजपा नेताओं को खास राजनीतिक टास्क देने आ रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो भाजपा के कई नेता सिर्फ सोशल मीडिया पर ही सक्रिय नजर आ रहे हैं। वह पटना से बाहर नहीं निकलते। ऐसे नेताओं को उनके क्षेत्र में भेजने का निर्देश दिया जा रहा है। कई नेताओं को अपने क्षेत्र की देखभाल करने का निर्देश दिया जाएगा, ताकि भाजपा का काम आसान हो सके।

दूसरी ओर, केंद्रीय नेतृत्व की ओर से प्रदेश भाजपा को अपना एजेंडा दुरुस्त करने को कहा गया है। भाजपा विधायकों के कामकाज का लेखा-जोखा, भाजपा नेताओं के क्षेत्र में दौरे का रिकॉर्ड, भाजपा कोटे के मंत्रियों के कामकाज की फाइल तैयार करने को कहा गया है। इन सभी बिंदुओं पर अमित शाह विचार करेंगे। इसके अलावा बिहार भाजपा नेताओं को कुछ नए टास्क भी दिए जा सकते हैं। अमित शाह इस बार सख्त तेवर के साथ बिहार आने वाले हैं।

 बिहार में पवित्र रिश्ता तार-तार हुआ, भाई ने ही बहन को मोबाइल दिखाने का लालच देकर बनाया हवस का शिकार

 बिहार में पवित्र रिश्ता तार-तार हुआ, भाई ने ही बहन को मोबाइल दिखाने का लालच देकर बनाया हवस का शिकार

0

सुपौल: भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर देने वाली घटना सुपौल से सामने आई है, जहां एक भाई ने ही अपनी बहन को हवस का शिकार बनाया है. त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. पीड़िता अपने जन्म के दो महीने बाद से ही अपनी मौसी के घर रह रही है.

जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक जो पीड़िता का भाई है, उसने मोबाइल दिखाने का लालच देकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है. इतना ही नहीं, घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने नाबालिग को धमकाते हुए कहा कि अगर उसने किसी को बताया तो वह उसे पकड़कर सड़क पर चलती ट्रक के सामने फेंक देगा.

घटना के बाद दो दिनों तक ग्रामीणों के बीच पंचायत कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया. इसी बीच किसी ग्रामीण द्वारा त्रिवेणीगंज पुलिस को घटना की जानकारी दी गई. जिसके बाद आज पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है.

फिलहाल आरोपी युवक फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है. पीड़िता की मौसी ने बताया कि बुधवार की शाम जब पीड़िता घर में पूजा कर रही थी तो उसके शरीर से खून गिर रहा था. पूछने पर पीड़िता ने बताया कि आरोपी अखिलेश ने अपना मोबाइल उसे इस्तेमाल करने के लिए दिया और कंबल के नीचे उसके साथ गंदी हरकत की.

घटना की जानकारी जब समाज के प्रबुद्ध लोगों को हुई तो पिछले दो दिनों से सामाजिक स्तर पर पंचायत भी हुई. पंचों ने आरोपी के परिजनों को 10 साल बाद भी अपने बेटे की शादी लड़की से कराने की बात कही. लेकिन तभी पुलिस को इसकी भनक लग गई. पुलिस पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है.

मामले को लेकर त्रिवेणीगंज एसडीपीओ विपिन कुमार ने बताया कि पीड़िता की मौसी की लिखित शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है. पंचायत के मामले पर एसडीपीओ ने कहा कि मामले के हर बारीक पहलू की जांच की जा रही है. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

 

सीएम नीतीश कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ी, आज के सभी कार्यक्रम रद्द, बिजनेस कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे 

सीएम नीतीश कुमार अपना चेहरा चमकाने के लिए जिले-जिले घूमते हैं…’, तेजस्वी यादव ने कहा….20 सालों में हकीकत नहीं जान और समझ पाए

सीएम नीतीश कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ी, आज के सभी कार्यक्रम रद्द, बिजनेस कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे

0

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास यानी सीएम आवास से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. खबर ये है कि सीएम नीतीश कुमार के आज के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं. इसका साफ मतलब है कि आज सीएम किसी भी सरकारी या गैर सरकारी समारोह या बैठक में शामिल नहीं होंगे.

जानकारी के मुताबिक सीएम नीतीश कुमार की आज अचानक तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उनके सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं. सीएम नीतीश कुमार को आज ज्ञान भवन में बिजनेस कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल होना था. लेकिन अब जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक सीएम नीतीश कुमार के आज के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं.

बताया जा रहा है कि मौसम में आए बदलाव की वजह से सीएम नीतीश कुमार की तबीयत में दिक्कत आई थी. गुरुवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में भी उन्होंने अपने मंत्रियों से कहा था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है. इसके बाद मुख्यमंत्री ने सुबह तक इंतजार किया और सोचा कि अगर उनकी तबीयत में सुधार होगा तो वे सुबह में तय कार्यक्रम में शामिल होंगे, लेकिन उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ. इसलिए सीएम नीतीश कुमार के आज के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं, जिसमें सबसे अहम बिजनेस कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल होना था। इसके अलावा राजगीर जाने का भी कार्यक्रम था। सीएम वहां सम्राट जरासंध स्मृति पार्क का उद्घाटन करने वाले थे। साथ ही पार्क में बने सम्राट जरासंध स्मारक की प्रतिमा का अनावरण करने का भी कार्यक्रम था। तबीयत खराब होने के कारण सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। हालांकि सूत्रों की मानें तो अगर उनकी तबीयत ठीक लगती है तो वे बिहार बिजनेस कनेक्ट में शामिल हो सकते हैं।

सीएम नीतीश कुमार अपना चेहरा चमकाने के लिए जिले-जिले घूमते हैं…’, तेजस्वी यादव ने कहा….20 सालों में हकीकत नहीं जान और समझ पाए

 4 बदमाशों ने 2 बच्चों की मां को बगीचे में ले जाकर किया गैंगरेप, एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी फरार

सीएम नीतीश कुमार अपना चेहरा चमकाने के लिए जिले-जिले घूमते हैं…’, तेजस्वी यादव ने कहा….20 सालों में हकीकत नहीं जान और समझ पाए

0

बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर सीएम नीतीश कुमार और उनके दौरे पर जोरदार हमला बोला है. तेजस्वी ने सीएम के 23 दिसंबर से प्रस्तावित दौरे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नीतीश अपना चेहरा चमकाने के लिए जिले-जिले घूमते हैं. उन्होंने पहले भी कई दौरे किए हैं, लेकिन फिर भी वे यह पता नहीं लगा पाए कि राज्य में कितने बेरोजगार हैं?

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर एक के बाद एक 13 सवाल दागे और कहा कि दौरे पर जाने से पहले नीतीश को बिहार की जनता से माफी मांगनी चाहिए. क्योंकि 20 सालों में कई दौरे निकालने के बाद भी वे हकीकत नहीं जान और समझ पाए. तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर कर सीएम नीतीश के बिहार दौरे पर हमला बोला.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री 225 करोड़ रुपये खर्च कर दौरे पर जा रहे हैं. इससे पहले उन्हें जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए. नीतीश बताएं कि 20 साल तक सीएम रहने के बाद भी बिहार की प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे कम क्यों है? पांच हजार से अधिक सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है। मानव विकास सूचकांक और सतत विकास सूचकांक में बिहार अन्य राज्यों से पीछे है।

इसके अलावा तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बार-बार बिहार की यात्रा करते हैं। इसके बावजूद उन्हें नहीं पता कि सदर अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अनुमंडल अस्पतालों की हालत इतनी खराब क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के थानों और सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी और अफसरशाही चरम पर है। बिहार की चीनी मिलें बंद हैं।

उन्होंने कहा कि इतनी यात्रा करने के बाद भी सीएम नीतीश यह पता नहीं लगा पाए कि बिहार के हर दूसरे घर से लोग काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को क्यों मजबूर हैं। हर साल बाढ़ या सूखे के कारण बिहार में परेशानी होती है। तेजस्वी ने दावा किया कि एनडीए की डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद इतनी गंभीर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

 4 बदमाशों ने 2 बच्चों की मां को बगीचे में ले जाकर किया गैंगरेप, एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी फरार

0

पटना: पटना से सटे बिक्रम थाना क्षेत्र में 4 बदमाशों ने मिलकर 2 बच्चों की मां के साथ बारी-बारी से रेप किया. गैंगरेप करने के बाद सभी फरार हो गए. हालांकि, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है.

घटना पटना के बिक्रम थाना क्षेत्र स्थित एक गांव की है. घटना के संबंध में बताया जाता है कि गांव की 30 वर्षीय महिला और 2 बच्चों की मां खेत में काम कर रही थी. तभी 4 युवक वहां पहुंचे और महिला को जबरन उठाकर बगीचे में ले गए और बारी-बारी से उसके साथ गैंगरेप किया. महिला चिल्लाती रही लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया और न ही गांव के किसी व्यक्ति ने महिला की चीख सुनी. घटना को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी फरार हो गए.

पीड़िता ने थाने पहुंचकर घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह एक आरोपी को पहचानती है जो बिक्रम का ही रहने वाला है, जबकि अन्य तीन आरोपियों को वह उनके चेहरे से पहचान सकती है। उसे तीनों के चेहरे याद हैं, लेकिन उसने पहले उन्हें नहीं देखा था। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना के संबंध में पालीगंज डीएसपी-2 उमेश्वर चौधरी ने बताया कि पीड़िता ने एक नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए पटना एम्स भेजा गया है।

सदाकत आश्रम के बाहर भाजपा युवा मोर्चा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, लाठी-डंडे और लात-घूंसे चले

बिहार के जल संसाधन मंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से की मुलाकात, 6650.33 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण योजनाओं को मंजूरी देने का किया अनुरोध

सदाकत आश्रम के बाहर भाजपा युवा मोर्चा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, लाठी-डंडे और लात-घूंसे चले

0

पटना: डॉ. बीआर अंबेडकर पर अमित शाह की टिप्पणी को लेकर विवाद जारी है। विपक्ष देशभर में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है।

इसी क्रम में संसद भवन के बाहर कांग्रेस और भाजपा सांसदों के बीच कथित झड़प हुई। भाजपा सांसद ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया। पटना में भी राजनीतिक माहौल गरम है। कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम के बाहर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई।

भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सदाकत आश्रम के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। वे राहुल गांधी हाय-हाय के नारे लगा रहे थे। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सदाकत आश्रम के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर रहे थे, उसी समय कांग्रेस के दर्जनों कार्यकर्ता सदाकत आश्रम से बाहर निकले और भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को हटाने लगे। दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई। मौके पर मौजूद पुलिस ने मामले को शांत कराया।

दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें आई हैं। जब बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ता कांग्रेस दफ्तर के सामने प्रदर्शन कर रहे थे, तो हालात ऐसे हो गए कि दोनों तरफ से लाठियां चलने लगीं. दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता आपस में उलझ गए. झड़प हिंसक होती जा रही थी. तभी पुलिस ने समझदारी दिखाई. उन्होंने हालात को काबू में करते हुए दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं को अलग किया. इस दौरान दोनों पक्ष एक-दूसरे के नेताओं के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे.

बिहार के जल संसाधन मंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से की मुलाकात, 6650.33 करोड़ रुपये की बाढ़ नियंत्रण योजनाओं को मंजूरी देने का किया अनुरोध