बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर सीएम नीतीश कुमार और उनके दौरे पर जोरदार हमला बोला है. तेजस्वी ने सीएम के 23 दिसंबर से प्रस्तावित दौरे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नीतीश अपना चेहरा चमकाने के लिए जिले-जिले घूमते हैं. उन्होंने पहले भी कई दौरे किए हैं, लेकिन फिर भी वे यह पता नहीं लगा पाए कि राज्य में कितने बेरोजगार हैं?
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर एक के बाद एक 13 सवाल दागे और कहा कि दौरे पर जाने से पहले नीतीश को बिहार की जनता से माफी मांगनी चाहिए. क्योंकि 20 सालों में कई दौरे निकालने के बाद भी वे हकीकत नहीं जान और समझ पाए. तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर कर सीएम नीतीश के बिहार दौरे पर हमला बोला.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री 225 करोड़ रुपये खर्च कर दौरे पर जा रहे हैं. इससे पहले उन्हें जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए. नीतीश बताएं कि 20 साल तक सीएम रहने के बाद भी बिहार की प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे कम क्यों है? पांच हजार से अधिक सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है। मानव विकास सूचकांक और सतत विकास सूचकांक में बिहार अन्य राज्यों से पीछे है।
इसके अलावा तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बार-बार बिहार की यात्रा करते हैं। इसके बावजूद उन्हें नहीं पता कि सदर अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अनुमंडल अस्पतालों की हालत इतनी खराब क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के थानों और सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी और अफसरशाही चरम पर है। बिहार की चीनी मिलें बंद हैं।
उन्होंने कहा कि इतनी यात्रा करने के बाद भी सीएम नीतीश यह पता नहीं लगा पाए कि बिहार के हर दूसरे घर से लोग काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को क्यों मजबूर हैं। हर साल बाढ़ या सूखे के कारण बिहार में परेशानी होती है। तेजस्वी ने दावा किया कि एनडीए की डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद इतनी गंभीर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।