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14 अप्रैल से खत्म हो रहा है खरमास, इसके बाद बजेगी शहनाई, मई-जून में हैं विवाह के शुभ योग

14 अप्रैल से खत्म हो रहा है खरमास, इसके बाद बजेगी शहनाई, मई-जून में हैं विवाह के शुभ योग

अप्रैल, मई और जून में सिर्फ इतने दिन बजेगी शहनाई, इस महीने में है सिर्फ एक शुभ मुहूर्त:

सनातन धर्म में लोग अक्सर विवाह, मुंडन और उपनयन जैसे संस्कार शुभ मुहूर्त में ही करते हैं। अगर आप भी इन शुभ समय की तलाश में हैं तो चिंता न करें, यहां आपको इसके बारे में पूरी जानकारी मिलेगी। पूर्णिया के पंडित दयानाथ मिश्र बताते हैं कि अप्रैल, मई और जुलाई माह में विवाह के लिए 10 शुभ मुहूर्त हैं. इसके साथ ही मुंडन और उपनयन के लिए भी शुभ मुहूर्त है।

पंडित जी का कहना है कि मिथिला पंचांग के अनुसार 18 अप्रैल से अगले तीन महीने तक विवाह का शुभ मुहूर्त शुरू हो रहा है. हालाँकि, यह अप्रैल से जुलाई तक चलेगा। उन्होंने बताया कि अप्रैल माह में 18, 19, 21, 25, 27 और 28 तारीख को शुभ मुहूर्त हैं। शादी का शुभ मुहुर्त 1 मई है. वहीं, जुलाई माह में 10, 11 और 12 जुलाई को विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं।

जानिए उपनयन संस्कार का शुभ समय
उपनयन के लिए कुल 4 शुभ मुहूर्त होते हैं। जिसमें 18 और 19 अप्रैल को है. वहीं, जुलाई महीने में 8 और 10 जुलाई को शुभ मुहूर्त है। मुंडन संस्कार कराने का शुभ समय अप्रैल माह में 15 अप्रैल और मई माह में 6, 10, 20 और 27 तारीख को है। जून माह में 7, 10 और 17 जून है। जुलाई माह में मुंडन का शुभ समय 8 जुलाई से 12 जुलाई तक है। इस शुभ मुहूर्त में कोई भी व्यक्ति विवाह, उपनयन, मुंडन आदि अन्य शुभ संस्कार आसानी से कर सकता है।

जानिए गृह प्रवेश का शुभ मुहुर्त
पंडित दयानाथ मिश्र कहते हैं कि घर में प्रवेश करने से पहले लोगों को अपने घर की दिशा देखना जरूरी होता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि दिशा के मुताबिक अगहन, पौष और माघ के तीन महीने कलपूर्ण रहते हैं। जिन लोगों को पूर्व दिशा के घर में प्रवेश करना है वे ऐसा नहीं करेंगे। फाल्गुन, चैत्र और वैशाख में भी दक्षिण दिशा के मकान में प्रवेश वर्जित रहेगा। वैशाख जेठ आषाढ़, जेठ आषाढ़ सावन में उत्तर दिशा की ओर मुख वाले घर में प्रवेश नहीं किया जाएगा। घर में प्रवेश करने से पहले किसी पंडित या जानकर से मिलें।

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