अमित शाह ने नीतीश के सामने किया जातीय जनगणना का समर्थन, कहा- दूर की जाएं कमियां

गृह मंत्री ने कहा, बिहार के सर्वे में कमियां पाई गई हैं. जातीय जनगणना के खिलाफ नहीं हैं शाह:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार जाति जनगणना के खिलाफ नहीं है. जब बिहार में बीजेपी सत्ता में थी तो पार्टी ने जाति आधारित सर्वे का समर्थन किया था. लेकिन, राज्य सरकार द्वारा कराए गए सर्वे में कुछ मुद्दे हैं, जिनका समाधान किया जाना चाहिए.

पटना में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार की कभी भी जाति आधारित सर्वेक्षण में बाधा उत्पन्न करने की कोई मंशा नहीं थी. लेकिन, बिहार में हुए जाति आधारित सर्वे की रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं. इसमें कई तरह की गड़बड़ियां उजागर हुई हैं. दावा किया जा रहा है कि सर्वे में कुछ खास जातियों को तवज्जो दी गई है. कुछ छोटी और पिछड़ी जातियों के साथ भेदभाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. इन सभी मुद्दों को तुरंत हल करने की जरूरत है।’

अमित शाह ने कहा कि बीजेपी ने बिहार में जाति आधारित जनगणना का समर्थन किया था. जब सर्वे कराने का फैसला लिया गया तो बीजेपी राज्य सरकार में शामिल थी. जाति आधारित जनगणना रिपोर्ट के आधार पर बनाए गए आरक्षण बढ़ाने के कानून का बीजेपी ने भी समर्थन किया था. लेकिन, ये भी हकीकत है कि सर्वे रिपोर्ट पर अब सवाल उठने लगे हैं. इस संबंध में पिछड़ी जाति का प्रतिनिधिमंडल बीजेपी नेताओं, जेडीयू और राजद नेताओं से भी मिल चुका है.

हर तीन महीने में बच्चों के मुद्दों पर समीक्षा: पूर्वी क्षेत्रीय परिषद के सदस्य राज्यों में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित योजनाओं की हर तीन महीने में उच्च स्तरीय समीक्षा होगी। बैठक में बच्चों में कुपोषण दूर करने, स्कूलों में ड्रॉपआउट कम करने और आयुष्मान भारत योजना में सरकारी अस्पतालों की भागीदारी बढ़ाने पर सहमति बनी. इसके अलावा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बलात्कार के मामलों की त्वरित जांच और त्वरित निपटान के लिए फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों के कार्यान्वयन की हर तीन महीने में समीक्षा करने पर सहमति हुई। यह समीक्षा सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री और मुख्य सचिव के स्तर पर की जायेगी. बैठक में कुल 21 एजेंडों पर चर्चा हुई. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बैठक काफी सार्थक रही

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दे केंद्र : नीतीश

पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठाई. उन्होंने दावा किया कि बिहार विशेष राज्य के दर्जे की सभी शर्तें पूरी करता है. अब जाति आधारित जनगणना में सामने आए गरीबी और पिछड़ेपन के आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, हम चाहते थे कि केंद्र सरकार जाति के आधार पर जनगणना कराये.

मप्र से करोड़ों रुपये मिले, लेकिन गठबंधन चुप है

झारखंड से कांग्रेस सांसद के घर करोड़ों की नकदी मिलने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी गठबंधन पर हमला बोला है. गृह मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर भारतीय गठबंधन की चुप्पी आश्चर्यजनक है. गरीब राज्य झारखंड में इस तरह का भ्रष्टाचार आंखें खोलने वाला है. भाजपा इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगी। शाह ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जायेगी.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top