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शराब कारोबारी के साथ मिलकर बिहार पुलिस का जवान कर रहा था अवैध कारोबार, पटना SSP ने 7 को किया सस्पेंड

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Published On: December 16, 2023

कुछ दिन पहले शराबबंदी कानून से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए पटना हाई कोर्ट ने बिहार सरकार को आड़े हाथ लिया था. कोर्ट ने कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है. इसके बावजूद भी पटना समेत बिहार के विभिन्न जिलों और ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है. हाईकोर्ट ने सरकार को इस पर विशेष ध्यान देने को कहा था.

इस बीच शराबबंदी मामले को लेकर राजधानी पटना से एक बड़ी खबर आ रही है, जो न सिर्फ चौंकाने वाली है बल्कि चौकाने वाली भी है. दैनिक भास्कर अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, शराब कारोबारियों से मिलीभगत के आरोप में पटना के एसएसपी राजीव मिश्रा ने दीघा थाने के एक मुंशी समेत जवान को सस्पेंड कर दिया है. इन लोगों पर 90 लाख रुपये की शराब की सूची बनाने में शराब कारोबारी की मदद कर खेल करने का आरोप है. आसान भाषा में कहें तो बिहार पुलिस के जवान शराब कारोबारियों के साथ मिलकर अवैध शराब का कारोबार कर रहे थे.

दीघा में ट्रक और गोदाम से 90 लाख रुपये की शराब बरामद पटना. इस मामले में पुलिस की मिलीभगत सामने आई थी. सिटी एसपी और डीएसपी ने जांच की. सूत्रों के मुताबिक इस थाने में तैनात एक मुंशी समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. इनमें दो होम गार्ड के जवान भी हैं. दोनों होम गार्ड जवानों को उनके विभाग में लौटा दिया गया है. इस बड़ी कार्रवाई के बाद शुक्रवार को दीघा थाने में हड़कंप मच गया. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी.

जांच में मिले थे कई साक्ष्य : 25 नवंबर की रात दीघा पुलिस ने ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की थी.
खेप पकड़ी गई. 26 नवंबर को वहां पदस्थापित तत्कालीन इंस्पेक्टर ने थाने से सटे गोदाम में छापेमारी कर विदेशी शराब बरामद की थी. ट्रक और गोदाम में बरामद शराब की कीमत करीब 90 लाख रुपये है. इसकी जब्ती सूची बनाने में बड़ा खेल किया गया. हद तो यह हो गई कि 27 नवंबर को एसएसपी राजीव मिश्रा ने थानेदार समेत पहले से निलंबित 5 पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से बड़ी कार्रवाई कर दी. उन्होंने तत्कालीन थानेदार रामप्रीत पासवान समेत सब इंस्पेक्टर फूल कुमार चौधरी, चालक सिपाही राजेश कुमार, गृह रक्षक जबन सरेंद्र कुमार और फायर ड्राइवर चंदन को निलंबित कर दिया था. साथ ही इन चारों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया. न कुमार चौधरी, न राजेश
गिरफ्तार भी किया गया.

यह शराब बैरक में पहुंचाई गई थी। मामला सामने आने के बाद एसएसपी राजीव मिश्रा ने इसे गंभीरता से लिया और सिटी एसपी सेंट्रल और डीएसपी को जांच का आदेश दिया. दोनों अधिकारियों ने करीब 20 दिनों तक थाने के सीसीटीवी फुटेज, पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन की सीडीआर और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य इकट्ठा करने के बाद एसएसपी को रिपोर्ट दी.

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