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Chhath Special: क्या रिश्ता है छठी मैया और सूर्य देव का ।Relation Between Chhathi Maiya and Surya Dev

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Chhath Special: क्या रिश्ता है छठी मैया और सूर्य देव का। Relation Between Chhathi Maiya and

Chhath  पर्व भारत के बिहार राज्य में मनाए जाने वाला सबसे बड़ा त्यौहार है जिसकी शुरुआत दिवाली के छ दिन बाद कार्तिक शुक्ल को मनाई जाती है यही वजह है कि इसे छट कहा जाता है चार दिनों के इस अनोखे त्यौहार में दोस्तों लोग साफ सफाई का खास ध्यान रखते हैं यहां गलती की थोड़ी सी भी कोई गुंजाइश नहीं होती इस व्रत को करने के नियम इतने मुश्किल हैं जिसे पूरा करना हर एक इंसान की बस की बात नहीं है लेकिन सोचने वाली बात यह है कि आखिर छट पूजा करते क्यों हैं?

छठी मैया कौन है

इसके पीछे की वजह क्या है मानी तो है कि छटी मैया सूर्यदेव की बहन है और उन्हीं को खुश करने के लिए जीवन के अहम भाग में सूर्य और जल की इंपॉर्टेंस को मानते हुए इन्हें साक्षी मानकर भगवान सूर्य की पूजा और उनका धन बात करते हुए देवी गंगा यमुना या किसी भी पवित्र नदी तालाब के किनारे यह पूजा की जाती है पष्ट माता यानी छटी मैया को सभी बच्चों की रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है उनकी पूजा और व्रत करने वाले लोगों के संतान की लंबी उम्र होती है मार्कंडेय पुराण में इस बात का जिक्र मिलता है कि छटी मैया प्रकृति की अधिष्ठात्री माता हैं!

जिन्होंने अपने आप को छह भागों में विभाजित किया इनके छठे अंश को सर्वश्रेष्ठ मातृ देवी के रूप में



पूजा जाता है उनको संतान सुख संतान का सौभाग्य प्रदान करने वाली देवी माना गया है जब बच्चे के जन्म के छठे दिन उसका छटी मनाई जाती है तब इन्हीं देवी का स्मरण किया जाता है इनकी कृपा से ना सिर्फ बच्चों को हर तरह की सुख सुविधा मिलती है बल्कि उसके जीवन में आने वाली परेशानियों का अपने आप ही निवारण हो जाता है कहते हैं पुराणों में इन्हीं देवी का नाम कात्यायनी बताया गया है !

बहुत समय पहले की बात है प्रियव्रत नाम के एक राजा हुआ करते थे उनकी पत्नी का नाम मालिनी था राजा रानी को धन दौलत किसी भी चीज की कोई भी कमी नहीं थी लेकिन दुख था तो सिर्फ एक बात का कि दोनों की कोई संतान नहीं थी संतान प्राप्ति की इच्छा से राजा रानी ने महर्षि कश्यप की मदद से पुत्रे यज्ञ करवाया सच्चे मन से किया गया यज्ञ के फल स्वरूप रानी कुछ समय बाद गर्भवती हो गई 9 महीने बाद संतान सुख को प्राप्त करने का समय आया तो रानी की कोख से मरे हुए बेटे ने जन्म लिया इस बात का पता चलने पर रानी तो बेहोश हो गई!

साथ ही राजा को बहुत दुख हुआ संतान शोक में उन्होंने आत्महत्या का मन बना लिया लेकिन जैसे ही राजा ने अपने प्राण त्यागने की कोशिश की वैसे ही उनके सामने एक सुंदर देवी मां प्रकट हुई देवी ने राजा प्रियव्रत को कहा कि मैं पष्ट देवी हूं मैं सभी लोगों को पुत्र का सौभाग्य प्रदान करती हूं इसके साथ ही जो सच्चे मन से मेरी पूजा करता है मैं उसके सभी तरह की इच्छाएं पूरी कर देती हूं अगर तुम मेरी पूजा करोगे तो मैं तुम्हें पुत्र रत्न का वरदान दूंगी देवी की बातें सुनकर राजा ने उनकी आज्ञा का पालन किया जिसके बाद राजा और उनकी पत्नी ने कार्तिक शुक्ल की पष्ट तिथि के दिन ही देवी छटी की पूरे विधि विधान से पूजा की इस पूजा से फल स्वरूप उन्हें एक सुंदर पुत्र की प्राप्ति हुई तभी से हर कोई पुत्र पाने के लिए यह का पावन त्यौहार मनाता है !


जैसा कि सब जानते हैं कि महाभारत काल में कुंती पुत्र कण को दानवीर कहा चाहता था कर्ण केवल देवी कुंती के ही नहीं बल्कि सूर्यदेव के भी पुत्र थे सूर्यदेव की अपने पुत्र कर्ण पर खास कृपा थी और कण भी हर रोज प्रातः काल उठकर अपने पिता सूर्यदेव को अघर दिया करते थे तभी से एक त्यौहार के रूप में सूर्य अघर की परंपरा की शुरुआत हुई थी इसके साथ ही कुंती और द्रौपदी के व्रत को भी रखने का जिक्र ग्रंथों में मिलता है ऐसा कहा जाता है कि जब पांडव अपना सारा राजपाट कौरवों से जुए में हार गए!

तब द्रौपदी ने छट व्रत रखा जिसकी वजह से उन्हें सारा हारा हुआ राजपाट वापस मिल गया  था देखिए वाल्मीकि रामायण के अनुसार जब भगवान श्री राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे तो रावण वध के पाप से आजाद होने के लिए ऋषि मुनियों के कहने पर राज यज्ञ सूर्य करने का फैसला किया जिसके लिए मुदगल ऋषियों को मत्रित किया गया था लेकिन मुदगल ऋषि ने प्रभु राम और देवी सीता को अपने ही आश्रम में आने का आदेश दिया ऋषि के आदेश पर वो दोनों स्वयं ही आश्रम जा पहुंचे और उन्होंने छट की पूजा के बारे में ऋषिवर को बताया जिसके बाद मुद्गल ऋषि ने देवी सीता को गंगाजल छिड़क कर पवित्र किया और कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पष्ट तिथि को सूर्यदेव की पूजा करने का आदेश दिया यहीं रहकर देवी सीता ने छ दिनों तक भगवान सूर्य की पूजा की थी!

और ऐसी मान्यता है कि माता ने जहां छह दिनों तक रुककर छट पूजा पूरी की वहां आज भी उनके पद चिन्ह मौजूद हैं बता दें कि वह जगह बिहार के मुंगेर में है कालांतर में रा क्षेत्र के लोगों ने मंदिर का निर्माण करवाया था यह मंदिर सीता चरण मंदिर के नाम से जाना जाता है यह मंदिर हर साल गंगा की वाल में डूबता है इसके साथ ही देवी सीता के पद चिन्हों वाला पत्थर भी गंगा के पानी में डूबा रहता है इतने साल गुजर जाने के बाद भी उनके पद चिन्ह आज तक धूमिल नहीं पड़े भक्तों की इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था है और लोग दूर-दूर से छट पूजा के समय यहां मत्था टेकने आते हैं कहा जाता है यहां आने वाले भक्तों की हर इच्छा पूरी होती है इसके अलावा कहा तो यह भी जाता है कि भगवान श्री राम सूर्यवंशी कुल के राजा थे और उनके आराध्य एवं कुल देवता भगवान सूर्य ही थे इसी वजह से रामराज्य की स्थापना से पहले प्रभु श्री राम ने देवी सीता के साथ कार्तिक शुक्ल पष्ट के दिन छठ का त्यौहार मनाते हुए सूर्यदेव की पूजा पूरे विधि विधान के साथ की थी !

जैसा कि आप सबने देखा है कि छठ पूजा के इस महा पर्व में बांस से बने सूप और दौरा की परंपरा काफी सालों से चली आ रही है जो हर वर्ग के लोगों के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण मानी जाती है वहीं छट पूजा में सूर्यदेव की पूजा होती है इसलिए उनकी पूजा में पीतल के बर्तन का इस्तेमाल खास तौर से किया जाता है पीतल के बर्तन पूजा के लिए बहुत ही शुभ माने जाते हैं और छट पूजा में तो खासकर शुद्धता का ध्यान रखा जाता है यही वजह है कि छट पूजा में पीतल के बर्तन का इस्तेमाल किया जाता है कहते हैं छट पूजा में भगवान सूर्य को प्रसन्न करने के लिए पीतल के बर्तन को उपयोग में जाता है ऐसा करने से भक्तों की सारी मनोकामना पूरी हो जाती है और मान सम्मान बना रहता है ज्योतिष शास्त्र की माने तो पीपल के बर्तन का संबंध बृहस्पति ग्रह से है!

इसलिए अगर आपकी कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर है तो इसे मजबूत करने के लिए पीतल के बर्तन से ही छट पूजा के समय सूर्यदेव को अर्घ द ताकि इससे आपका लाभ हो इस पूजा में बांस की टोकरी सूप नारियल पानी पत्ते लगे करने अदरक का हरा पौधा अक्षत दीप सिंदूर धूप नए वस्त्र थाली लोटा कुमकुम मौसम के हिसाब से फल मिट्टी या पीतल का कलश पान और सुपारी की जरूरत पड़ती है अगर आपकी छठ पूजा में ये चीजें नहीं है तो वो पूरी नहीं मानी जाएगी वहीं बात अगर इसकी विधि की करें तो छठ पूजा के दिन सबसे पहले सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठे फिर स्नान आदि करके भगवान सूर्य और छटी मैया को याद याद करते हुए व्रत का संकल्प ले याद रखें कि इस दिन व्रत रखने वाली महिला को कुछ भी अन्न नहीं ग्रहण करना है वैसे अगर हो सके तो निर्जला व्रत ही रखें !


वहीं छठ के पहले दिन सूर्यास्त से थोड़ा पहले छठ घाट पर पहुंचे और वहां स्नान करने के बाद ढलते हुए सूरज को पूरी निष्ठा के साथ अ घरे दें ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से सूर्यदेव आपकी इच्छा पूरी करते हैं वहीं सूर्य को अघर देने के लिए सूप का इस्तेमाल करें वैसे अगर आपके पास सूप नहीं है तो आप बांस या पीतल की टोकरी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं अधर देने के लिए आप फल फूल गन्ने या पकवान के साथ-साथ वो सारी पूजन सामग्री रखें जो हमने आपको पहले ही बताइए क्योंकि ऐसा करना बहुत जरूरी होता है और हां सूप या टोकरी पर सिंदूर लगाना बिल्कुल ना भूले इसके साथ ही निर्जला व्रत रखने के बाद अगले दिन सुबह उगते हुए सूर्य को जल अर्पित करें याद रखें !

सुबह सूर्य को अधर देते समय आपको अपनी इच्छा उन्हें मन ही मन बतानी है ताकि आपको उनका आशीर्वाद मिल सके इसके अलावा छट पूजा के पहले दिन को नाई खाए भी होता है जिसमें व्रत रखने वाली महिला गंगा स्नान के बाद कद्दू भात बनाकर उसे खाती है वैसे कुछ लोगों के यहां लौकी भी बनाई जाती है दरअसल इस दौरान व्रत रखने वाली महिलाओं को सात्विक और शुद्ध भोजन करने को कहा जाता है यानी कि ऐसा खाना जिसमें लहसुन प्याज या मिर्च मसाला ना हो छट पूजा के समय वृति के भोजन करने के बाद ही परिवार के बाकी लोग खाना खाते हैं इसके दूसरे दिन खरना करने की मान्यता है जिसमें स्नान ध्यान करने के बाद महिलाएं चावल और गुड़ की खीर बनाकर खरना देवी को अर्पित करती हैं शाम की पूजा के बाद घर के सभी लोग पहले इस प्रसाद को खाते हैं और फिर ही भोजन करते हैं !


आपको बता दें खरना प्रसाद को बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है बता दें कि तीसरे दिन डूबते सूरज और चौथे दिन उगते सूरज को अधर देकर इस त्यौहार का समापन होता है मान्यताओं के अनुसार छठ पर्व के दौरान छटी मैया को प्रसन्न करने के लिए जो महिलाएं इन कठिन नियमों का अच्छे से पालन करती हैं उसे छटी मैया का आशीर्वाद जरूर मिलता है जिसके चल उसे अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान मिलता ही है साथ ही संतान की लंबी उम्र का भी वरदान प्राप्त होता है तो दोस्तों आज की Post में फिलहाल बस इतना ही आपको यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं साथ ही Article को लाइक और शेयर जरूर करें

बिहार समाचार: छठ घाट बनाते समय फिसला युवक, नदी में गिरा और लापता

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खगड़िया: बिहार में छठ घाट बनाते समय एक युवक फिसलकर नदी में चला गया और तब से लापता है. यह घटना खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र के रोहियार पंचायत अंतर्गत बरियाही घाट की बताई जा रही है. यहां गुरुवार की सुबह छठ घाट बनाते समय एक युवक लापता हो गया. लापता युवक बंगलिया गांव निवासी गजेंद्र सिंह का 22 वर्षीय पुत्र विजय कुमार बताया जाता है.

वहीं, घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि गांव के अन्य युवकों के साथ वह घाट बनाने के लिए कोसी नदी के बरियाही घाट पर गया था. नदी के गहरे पानी में फिसलने के कारण वह लापता हो गया. घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई. सूचना पर पहुंचे परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया. घटना के बाद स्थानीय गोताखोरों ने छोटी नाव की मदद से लापता युवक की तलाश शुरू कर दी. इस बीच मानसी थाना प्रभारी शुभम कुमार पांडेय ने बताया कि लापता युवक की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम बुलाई जा रही है। तलाश जारी है। घाट पर आज काफी भीड़ रहने वाली है। इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। हर तरह की जांच की जा रही है। अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

Asus Rog 9 Pro का नया स्मार्टफोन 200MP कैमरा क्वालिटी और 7800mAh बैटरी के साथ लॉन्च हुआ

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Asus Rog 9 Pro का नया स्मार्टफोन 200MP कैमरा क्वालिटी और 7800mAh बैटरी के साथ लॉन्च हुआ स्मार्टफोन की बढ़ती डिमांड को ध्यान में रखते हुए मार्केट में एक नया जबरदस्त 5G स्मार्टफोन लॉन्च होने जा रहा है।

मार्केट में तहलका मचाने के लिए Asus की तरफ से एक नया 5G स्मार्टफोन लॉन्च किया गया है। अब इस स्मार्टफोन में दिया जाने वाला कैमरा बेहद ही कमाल का और जबरदस्त कैमरा होगा। वही स्मार्टफोन में डिस्प्ले स्क्रीन भी बेहद ही जबरदस्त होगी। इस स्मार्टफोन में काफी लंबा बैकअप देने वाली फास्ट चार्जिंग सपोर्टेड बैटरी भी दी जाएगी।

 Asus Rog 9 Pro का new smartphone Display

Asus Rog 9 Pro के नए स्मार्टफोन की डिस्प्ले स्क्रीन की बात करें तो इस फोन में भी आपको काफी दमदार और पावरफुल डिस्प्ले स्क्रीन दी जाएगी। जो कि Asus की तरफ से 6.78 इंच की नए 5G स्मार्टफोन के तौर पर दी जाएगी। इस स्मार्टफोन की डिस्प्ले स्क्रीन का रिफ्रेश रेट 185HZ है और आसुस के इस 5G स्मार्टफोन की डिस्प्ले स्क्रीन 1080×2400 पिक्सल है।

Asus Rog 9 Pro का new smartphone Camera

Asus Rog 9 प्रो नए स्मार्टफोन की कैमरा क्वालिटी की बात करें तो इस फोन में आपको 200 और 62MP और 10MP मेगापिक्सल का कैमरा दिया जाएगा। इस नए 5G स्मार्टफोन के फ्रंट कैमरे की बात करें तो फ्रंट कैमरा और भी ज्यादा पावरफुल दिया जाएगा। अब इस फोन का फ्रंट कैमरा 50MP का दिया जाएगा।

Asus Rog 9 Pro का new smartphone Battery

Asus Rog 9 प्रो नए स्मार्टफोन की पावरफुल बैटरी की बात करें तो इस फोन में आपको 7800mha की बैटरी भी दी जाएगी। इसे चार्ज करने के लिए चार्जर भी दिया गया है। जो तुरंत चार्ज हो जाएगा। वहीं स्मार्टफोन का चार्जर आसुस की तरफ से 220W का दिया जाएगा।

Asus Rog 9 Pro का new smartphone Memory

Asus Rog 9 Pro के नए स्मार्टफोन की मेमोरी और भी कमाल की होगी। जिसमें आप फोटो और वीडियो स्टोर कर पाएंगे। जिसके लिए आज इस स्मार्टफोन में 128GB मेमोरी दी जाएगी। अब यह स्मार्टफोन और भी दमदार होने वाला है। Asus Rog 9 Pro का नया स्मार्टफोन 200MP कैमरा क्वालिटी और 7800mAh की दमदार बैटरी के साथ लॉन्च

 

गन्ना काटने के विवाद में मारी गोली, युवक अस्पताल में भर्ती 

राजकीय सम्मान के साथ शारदा सिन्हा का अंतिम संस्कार कल, सीएम नीतीश ने दी श्रद्धांजलि

गन्ना काटने के विवाद में मारी गोली, युवक अस्पताल में भर्ती

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रोहतास: धौधांड थाना क्षेत्र के चितावनपुर गांव में गन्ना काटने के विवाद में कुछ बदमाशों ने एक युवक को गोली मारकर घायल कर दिया है। हालांकि घायल युवक खतरे से बाहर बताया जा रहा है और फिलहाल उसका इलाज सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में चल रहा है।

बताया जाता है कि चितावनपुर गांव में एक किसान छठ महापर्व को लेकर अपने खेतों में गन्ना बेच रहा था, तभी कुछ सामाजिक तत्वों ने गन्ना खरीदने के बहाने किसान से झगड़ा किया और इस दौरान वहां मौजूद एक युवक पर गोली चला दी। जिससे करगहर थाना क्षेत्र के कोन्हकार गांव निवासी 25 वर्षीय बबलू कुमार घायल हो गया।

वहां मौजूद लोगों ने उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। जिसके बाद डॉक्टरों ने युवक के पेट से गोली निकाल दी है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है। वहीं घायल युवक के संबंध में डॉक्टर ने बताया कि फायर आर्म्स इंजरी का मामला आया है। जिसमें युवक के दाहिने सीने पर गोली फंसी हुई थी, जिसे निकाल दिया गया है और फिलहाल उसकी हालत बेहतर है।

राजकीय सम्मान के साथ शारदा सिन्हा का अंतिम संस्कार कल, सीएम नीतीश ने दी श्रद्धांजलि 

भारतीय रेलवे में यात्री बुनता है चारपाई, सीट नहीं मिलने पर चलती ट्रेन में बना लेता है झटपट बर्थ

राजकीय सम्मान के साथ शारदा सिन्हा का अंतिम संस्कार कल, सीएम नीतीश ने दी श्रद्धांजलि

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बिहार की संस्कृति को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने वाली लोक गायिका और बिहार कोकिला पद्म भूषण शारदा सिन्हा का पार्थिव शरीर बुधवार को पटना लाया गया। उनका पार्थिव शरीर विमान से पटना एयरपोर्ट पहुंचा, जहां श्रद्धांजलि देने के लिए आम से लेकर खास लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। एयरपोर्ट से उनका पार्थिव शरीर राजेंद्र नगर स्थित उनके आवास पर लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए स्वर कोकिला के चाहने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस बीच सीएम नीतीश कुमार भी उनके आवास पहुंचे और अंतिम दर्शन के साथ ही पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाए।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि स्वर्गीय शारदा सिन्हा के राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली को स्वर्गीय शारदा सिन्हा के परिजनों से समन्वय स्थापित कर उनके पार्थिव शरीर को विमान से पटना भेजने का निर्देश दिया। करीब दस बजे इंडिगो की फ्लाइट से उनका पार्थिव शरीर लेकर परिजन पटना एयरपोर्ट पहुंचे। शारदा सिन्हा को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमान और बेटी वंदना भी उनके पार्थिव शरीर के साथ पहुंचे। इस मौके पर बिहार सरकार के दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के अलावा मंत्री नितिन नवीन, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के महेश्वर हजारी भी मौजूद रहे। इनके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे भी अपने परिवार के साथ पहुंचे। सभी ने बिहार कोकिला को श्रद्धांजलि दी।

पटना एयरपोर्ट पर अंशुमान सिन्हा ने बताया कि उनके रिश्तेदार और परिवार के लोग दूर रहते हैं। उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। तय हुआ है कि उनका अंतिम संस्कार कल (गुरुवार को) आठ बजे किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मां का अंतिम संस्कार भी उसी स्थान पर किया जाएगा, जहां डेढ़ महीने पहले पिता का अंतिम संस्कार किया गया था, ताकि दोनों की आत्मा को शांति मिल सके।

पटना डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि शारदा सिन्हा का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाए। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। इससे पहले उनके आवास पर सभी तरह की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था कर ली गई है।

 

भारतीय रेलवे में यात्री बुनता है चारपाई, सीट नहीं मिलने पर चलती ट्रेन में बना लेता है झटपट बर्थ 

लोक गायिका शारदा सिन्हा का निधन, दिल्ली एम्स में ली अंतिम सांस

भारतीय रेलवे में यात्री बुनता है चारपाई, सीट नहीं मिलने पर चलती ट्रेन में बना लेता है झटपट बर्थ

भारतीय रेलवे में यात्री बुनता है खाट, सीट नहीं मिलने पर चलती ट्रेन में बना लेता है झटपट चारपाई

ट्रेन में सीट का जुगाड़: वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सीट नहीं मिलने पर यात्री अपने लिए झटपट बर्थ बना लेता है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। यकीन न हो तो खुद ही देख लीजिए

भारतीय रेलवे की ट्रेन में देसी जुगाड़: त्योहारी सीजन में भारतीय रेलवे में सीटों को लेकर काफी माथापच्ची होती है। यात्रा के दौरान भीषण भीड़ के बीच सीट के लिए यात्रियों में काफी मारामारी होती है। ऐसे में कई बार कंफर्म सीट वालों को भी रिजर्वेशन के बावजूद सीट नहीं मिल पाती है।

अक्सर त्योहारी सीजन में जरूरत से ज्यादा बढ़ती भीड़ के बीच लड़ाई-झगड़े के वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते रहते हैं, जिस पर यूजर अपनी आपबीती बताने से नहीं चूकते। हाल ही में सीट से जुड़ा एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आपको भी हंसी आ जाएगी।

इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि, सीट न मिलने पर यात्री अपने लिए झटपट बर्थ बना लेता है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. त्योहार के दिनों में सीट मिलना लगभग नामुमकिन होता है. ऐसे में कुछ यात्री ऐसे भी होते हैं जो ट्रेन में भीड़ से बचने के लिए खुद का देसी जुगाड़ अपनाकर लोगों को हैरान कर देते हैं. हाल ही में एक ऐसे ही यात्री का वीडियो इन दिनों खूब ध्यान खींच रहा है,

जो गजब का देसी जुगाड़ लगाकर खचाखच भरी ट्रेन में भी अपने लिए सीट बना लेता है. आपने सोशल मीडिया पर ‘उड़न खटोला’ से लेकर चादर या तौलिया जैसे मजबूत कपड़े से हवा में झूलते बिस्तर तक देखे होंगे, लेकिन इस वायरल वीडियो में दिखाई गई झटपट बर्थ को देखकर आप जरूर कंफ्यूज हो जाएंगे. इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शख्स दो बर्थ के बीच की जगह में रस्सी से चारपाई बनाता है. यात्री ने किया तगड़ा जुगाड़

वीडियो में देखा जा सकता है कि यात्री बर्थ के अंत में मौजूद लोहे की मदद से रस्सी के सहारे यह चारपाई बनाता है। वहां मौजूद एक व्यक्ति यात्री की इस कलाबाजी को अपने कैमरे में कैद कर लेता है। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को 4 नवंबर को @gaju_gade नाम के अकाउंट से X पर पोस्ट किया गया है। कैप्शन में लिखा है, मंत्री जी ने यात्रियों से वादा करके 7000 ट्रेनें शुरू की हैं और बर्थ की संख्या बढ़ाई है। अब कहीं कोई दिक्कत नहीं है।

 

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लोक गायिका शारदा सिन्हा का निधन, दिल्ली एम्स में ली अंतिम सांस

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लोक गायिका शारदा सिन्हा का दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया। शारदा सिन्हा बिहार के सुपौल की रहने वाली थीं। मशहूर लोक गायिका शारदा सिन्हा का निधन हो गया। उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था। सोमवार शाम को उन्हें गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर रखा गया था।

यह जानकारी उनके बेटे अंशुमान सिन्हा ने सोशल मीडिया के जरिए दी। शारदा सिन्हा का मंगलवार को दिल्ली एम्स में निधन हो गया। आपको बता दें कि शारदा सिन्हा का 22 अक्टूबर से दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा था। वह विशेष डॉक्टरों की निगरानी में आईसीयू में भर्ती थीं।

शारदा सिन्हा का आखिरी छठ गीत 4 अक्टूबर को यूट्यूब पर रिलीज हुआ था। शारदा सिन्हा का निधन: शारदा सिन्हा की तबीयत खराब थी। उन्हें दिल्ली में वेंटिलेटर पर रखा गया था। कुछ दिन पहले उनकी मुस्कुराती हुई तस्वीर भी वायरल हुई थी। उनके फैंस को लगा कि अब शारदा सिन्हा ठीक होकर वापस आ जाएंगी लेकिन स्वर कोकिला अब इस दुनिया में नहीं रहीं। उनके निधन से संगीत जगत में शोक की लहर है। फैंस भी काफी निराश हैं। सीएम नीतीश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।

अमर गीतों ने उन्हें अमर बना दिया: शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमान सिन्हा मीडिया को उनके स्वास्थ्य की जानकारी देते रहे। शारदा सिन्हा को पद्म भूषण समेत कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले थे। उनका करियर काफी लंबा था। उनके द्वारा गाए गए छठ गीत आज भी अमर हो गए हैं।

पीएम मोदी ने जताया दुख: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शारदा सिन्हा के निधन पर दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर लिखा, प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उनके द्वारा गाए गए मैथिली और भोजपुरी के लोकगीत पिछले कई दशकों से काफी लोकप्रिय रहे हैं।

”आस्था के महापर्व छठ से जुड़े उनके मधुर गीतों की गूंज भी हमेशा बनी रहेगी। उनका जाना संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।” ओम शांति!”- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री


संगीत के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति- सीएम नीतीश: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बिहार कोकिला, पद्मश्री और पद्म भूषण से सम्मानित शारदा सिन्हा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि उनके निधन से संगीत के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने ईश्वर से शारदा सिन्हा की आत्मा की शांति और उनके परिजनों, प्रशंसकों एवं अनुयायियों को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फेसबुक पर लिखा, प्रख्यात लोक गायिका, पद्मभूषण डॉ. शारदा सिन्हा जी का निधन अत्यंत दुखद और संपूर्ण संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं प्रभु श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति!

 

‘शारदा सिन्हा ने अपनी उत्कृष्ट पारंपरिक गायकी के माध्यम से मैथिली, भोजपुरी समेत कई लोक भाषाओं और लोक संस्कृति की सेवा की और उन्हें राष्ट्रीय पटल पर सम्मान दिलाया। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।” – योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

 

‘निकट भविष्य में क्षतिपूर्ति संभव नहीं’: पद्मश्री, पद्मविभूषण से सम्मानित और छठ गीतों से अलग पहचान बनाने वाली लोकगायिका शारदा सिन्हा के निधन पर राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव समेत राजद परिवार के नेताओं ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। कहा कि निकट भविष्य में उनकी क्षतिपूर्ति संभव नहीं है। यह बिहार के लिए दुख की बात है।

कल नहाय खाय के साथ शुरू होगा छठ पर्व, जानें नहाय-खाय से लेकर अर्घ्य तक के बारे में सबकुछ

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छठ पर्व हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है जो खास तौर पर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है. चार दिनों का यह व्रत सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है. धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों ही दृष्टि से इस पर्व का बहुत महत्व है. यह त्योहार दिवाली के कुछ ही दिन बाद आता है. छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय की परंपरा से होती है. यह पर्व 4 दिनों तक चलता है.

दूसरे दिन खरना की रस्म निभाई जाती है. छठ पूजा के तीसरे दिन यानी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पूजा की जाती है. छठ पूजा के चौथे दिन सप्तमी तिथि को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पर्व का समापन होता है. हिंदू धर्म में उगते सूर्य को जल या अर्घ्य दिया जाता है, लेकिन छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते सूर्य को भी अर्घ्य दिया जाता है. ऐसे में आइए इस लेख में आपको बताते हैं कि इस साल छठ पूजा, नहाय खाय और खरना किस दिन किया जाएगा?

छठ पूजा कब है

पंचांग के अनुसार छठ पूजा का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होता है. वहीं, यह पर्व सप्तमी तिथि को समाप्त होता है. ऐसे में छठ महापर्व 05 नवंबर से 08 नवंबर तक मनाया जाएगा.

1. छठ पूजा के पहले दिन नहाय खाय किया जाता है. इस दिन नहाय खाय और भोजन करने की रस्म होती है. पंचांग के अनुसार इस बार नहाय खाय 05 नवंबर को किया जाएगा.

2. खरना पूजा छठ पूजा का दूसरा दिन होता है. इस दिन महिलाएं नए मिट्टी के चूल्हे पर खीर बनाती हैं. इसके बाद इसे छठी मैया को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है. इस दिन पूजा के बाद व्रत की शुरुआत होती है. इस बार खरना पूजा 06 नवंबर को है. 3. अगले दिन यानी तीसरे दिन निर्जला व्रत रखा जाता है और डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. इस बार 07 नवंबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा.

4. छठ पूजा के आखिरी दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने की प्रथा है. इसके बाद शुभ मुहूर्त में व्रत तोड़ा जाता है. यह पर्व 08 नवंबर को संपन्न होगा.

छठ पूजा के पावन अवसर पर सूर्य देव और उनकी पत्नियों उषा और प्रत्यूषा की पूजा करने का विधान है. मान्यता है कि पूजा करने से व्यक्ति को छठी मैया का आशीर्वाद प्राप्त होता है. सनातन शास्त्रों में छठी मैया को बच्चों की रक्षा करने वाली देवी माना गया है. इसलिए छठ पूजा के दिन छठी मैया की पूजा का विशेष महत्व है.

तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश पर साधा निशाना, कहा- इनका शासन देवराज इंद्र से भी ज्यादा अहंकारी है

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गया: बिहार उपचुनाव के लिए गया पहुंचे विपक्ष के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर साधा निशाना. तेजस्वी यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार भगवान इंद्र से भी ज्यादा अहंकारी हैं. हमें इनका अहंकार तोड़ना है.

तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार भगवान इंद्र से भी ज्यादा अहंकारी हैं. हमें इनका अहंकार तोड़ना है. साथ ही तेजस्वी यादव ने कई मुद्दों पर बीजेपी और जेडीयू को घेरा.

तेजस्वी यादव ने बिहार में डबल इंजन की सरकार पर साधा निशाना. उन्होंने कहा कि पता नहीं ये कैसी डबल इंजन की सरकार है, हम पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमारा कहना है कि इस डबल इंजन की सरकार में एक इंजन भ्रष्टाचार में लिप्त है और दूसरा इंजन अपराध में लिप्त है. बिना चढ़ावे के कोई काम नहीं होता. गरीबों और किसानों की कोई सुनने को तैयार नहीं है.

तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि सरकार में बैठे सभी लोग बेफिक्र हो गए हैं. शराब की होम डिलीवरी हो रही है, लेकिन गरीब जेल जा रहे हैं. गरीब रिश्वत दे रहे हैं. सबसे बड़ा मुद्दा जो बिहार सरकार ने नहीं किया है, वह है बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई को दूर करना, लेकिन राज्य सरकार इन सभी मुद्दों में विफल साबित हो रही है.

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सीतामढ़ी: सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया प्रखंड के भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश निराला को घात लगाए बैठे अपराधियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

बताया जाता है कि भाजपा नेता जयप्रकाश रविवार की रात बैरगनिया बाजार स्थित अपने कपड़े की दुकान से अपने घर परसौनी जा रहे थे। रास्ते में बखरी गांव के पास उन पर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। इस दौरान एक गोली उनके बाएं हाथ में लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा और लोगों में दहशत फैल गई।

भाजपा नेता को गोली लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण और उनके परिजन उन्हें उठाकर इलाज के लिए सीतामढ़ी के डॉ. अरुण कुमार के पास ले गए। बताया जाता है कि हाथ में लगी गोली निकाल दी गई है। और अब वे खतरे से बाहर हैं। घटना की सूचना मिलते ही रीगा विधानसभा क्षेत्र के विधायक मोतीलाल प्रसाद और भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष प्रदीप कुमार इलाजरत जयप्रकाश निराला के पास पहुंचे और उनका हालचाल जाना।