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बिहार के वैशाली में फिर हुई पकरौया शादी, गांव वालों ने जबरन कराई शादी, लड़की खुश, लड़का नाराज

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बिहार के वैशाली जिले से एक बार फिर पकरोआ विवाह का मामला सामने आया है. लड़के का कहना है कि मेरी मर्जी के बिना सात फेरे लिए गए, जबकि लड़की ने शादी के बाद कहा कि उसका पति मेरा भगवान है और मैं उसके साथ ही जिऊंगी. ग्रामीणों ने बताया कि लड़का और लड़की दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे और उनके बीच 7 साल से रिश्ता था. बाद में लड़का शादी से इंकार कर रहा था। लड़की इसी लड़के के साथ रहना चाहती थी. बाद में गांव वालों ने बैठक कर इस शादी को धूमधाम से कराने का फैसला किया.

ताजा अपडेट के मुताबिक, जबरन शादी का यह मामला वैशाली जिले के महनार का बताया जा रहा है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्टेशन रोड स्थित संगत मंदिर में लड़का-लड़की की शादी धूमधाम से हुई.

शादी के बाद गुस्से में दिख रहे लड़के ने बताया कि उसकी शादी जबरदस्ती कराई गई है. मैं इस लड़की को जानता तक नहीं. मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है. मेरे साथ मारपीट की गई है. यहां तक कि जयमाला स्टेज पर भी पंडित ने मुझे पीटा और जबरदस्ती माला पहना दी.

लड़की के बारे में बताया जा रहा है कि वह महनार नगर परिषद, सब्जी मंडी रोड वार्ड नंबर 11 की रहने वाली है. उसका नाम संगीता कुमारी है और उसकी उम्र 23 साल है. लड़का बुजुर्ग प्रखंड के बाजितपुर कस्तूरी वार्ड नंबर 7 का रहने वाला है. पिता का नाम सुरेंद्र राम और लड़के का नाम अरुण कुमार है.

शादी के बाद लड़की ने कहा कि वह इस शादी से खुश है. अरुण अपनी बहन के घर आता रहता था, इसी दौरान मेरी उससे मुलाकात हुई और हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे। वह मुझसे शादी करने का वादा कर रहा था और बाद में इनकार कर रहा था।

लड़की की मां सुशीला देवी ने बताया कि लड़का हमेशा उनके घर आता था. वह कहता था कि मैं तुम्हारी बेटी से शादी करूंगा। तो मैंने सोचा कि अगर मिया मान जाती है तो दिक्कत क्या है. हमने चावल बेचकर उसे 15 हजार रुपये भी दिये हैं, लेकिन अब वह शादी से इनकार करने लगा है. इसलिए सभी ने मिलकर दोनों की शादी करा दी. लड़की की भाभी ने बताया कि वे दोनों अक्सर साथ में घूमने जाते थे. दोनों ने साथ में तस्वीरें भी खिंचवाईं. दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे. लड़का शादी की बात करता था, अब शादी से इंकार कर रहा है।

दो से ज्यादा बच्चे वालों को नहीं मिलेगी सब्सिडी, तुरंत कन्फर्म होगा रेलवे तत्काल टिकट…बजट पर दिलचस्प सुझाव

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नई दिल्ली: साल 2024 शुरू हो चुका है और इस साल लोकसभा चुनाव होने हैं. चुनाव आयोग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है. लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार अंतरिम बजट पेश करेगी. इस संबंध में केंद्र की मोदी सरकार ने जनता से सुझाव मांगे हैं. सूत्रों की मानें तो चुनावी साल होने के कारण केंद्र की मोदी सरकार कोई बड़ा ऐलान नहीं करने जा रही है. सुझाव मांगे जाने पर हजारों लोगों ने ईमेल के जरिए और वेबसाइट पर जाकर अपने सुझाव दिए हैं. कुछ सुझावों को पढ़ने के बाद यह काफी दिलचस्प लगता है.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, किसी ने कहा है कि जिनके घर में दो से ज्यादा बच्चे हैं उन्हें किसी भी तरह की सरकारी सब्सिडी नहीं दी जानी चाहिए. उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जाना चाहिए. नौकरी नहीं मिलती और प्रमोशन भी नहीं मिलता.

बिहार : बाइक सवार अपराधियों ने पति – पत्नी को गोलियों से किया छलनी, मौके पर गई वाइफ की जान

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सीतामढी: बिहार में संगीत का तांडव जारी है. राज्य में शायद ही कोई ऐसा दिन होगा जब हत्या, लूट और छिनतई की खबरें सामने न आती हों. इसी क्रम में अब एक ताजा मामला सीतामढी से सामने आ रहा है. जहां बेखौफ सीए ने घर में घुसकर पति-पत्नी को गोली मारकर घायल कर दिया. जिसके बाद इलाज के दौरान पत्नी की मौत हो गई.

प्राप्त जानकारी के अनुसार सचिवालय जिले के बथनाहा थाना क्षेत्र के 5 माइल उपमन्यु स्कूल के सामने बेखौफ कॉलेज ने दोस्त पति-पत्नी को उनके घर में घुसकर गोली मार दी. इस घटना में पत्नी की मौत हो गयी है. इस घटना में मृतक की पहचान गायत्री देवी के रूप में की गई है. जबकि उनके पति का नाम श्री नारायण साह है. सैद्धांतिक समस्या गंभीर बताई जा रही है। उन्हें इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इधर, घटना के बाद गुटों के खिलाफ लोगों ने सड़क जाम कर पुलिस प्रशासन की कमर तोड़ दी. ये लोग इस मामले में हिस्सा ले रहे हैं और फैक्ट्रियों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की पुलिस जांच में बरामदगी हुई है. हत्या के आरोप को लेकर कोई खुलासा नहीं किया गया है.

पति-पत्नी को गोली मारने की घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस ने गायत्री देवी के शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल भेज दिया है. वहीं, हत्या की घटना के बाद लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि बाइक सवार हथियारबंद अपराधी ने इस घटना को अंजाम दिया है.

बिहार BPSC पास फर्जी शिक्षक दरभंगा में गिरफ्तार, पूछताछ में बोला- मेरी जगह किसी और ने दी थी परीक्षा

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बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा प्रथम चरण में चयनित शिक्षकों का अंगूठा लगाने का कार्य विगत तीन जनवरी से एमएल एकेडमी में चल रहा है. शुक्रवार को प्रथम चरण के नवचयनित शिक्षकों का अंगूठा छाप यानी पुन: सत्यापन का कार्य किया गया. अलीनगर शुरू हुआ। इस बीच अलीनगर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय अंदौली के शिक्षक फूलन कुमार के अंगूठे के निशान के समय उनका बायोमीट्रिक पहचान सही नहीं पाया गया. बार-बार प्रयास करने के बावजूद उनका मिलान सही ढंग से नहीं हो सका।

इसकी सूचना मिलते ही डीईओ समर बहादुर सिंह के नियंत्रण कक्ष के कर्मी रमण कुमार ठाकुर, परवेज अहमद, आनंद कुमार आदि ने इस फर्जी शिक्षक को अंगूठा छाप कक्ष से निकालकर अलग कमरे में बंद कर दिया. नियंत्रण कक्ष की त्वरित कार्रवाई से अलीनगर के बीईओ एवं संबंधित एचएम को भी बुलाकर नियंत्रण कक्ष में रखा गया। डीईओ ने लहेरियासराय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। उन्होंने केस नंबर और तारीख के साथ रिपोर्ट उपलब्ध कराने की भी बात कही. डीईओ स्तर से जारी पत्र में कहा गया है कि उक्त शिक्षक का बायोमीट्रिक मिलान अंगूठा स्थल पर नहीं हो सका है. कोई भी फोटो मेल नहीं खाया. पूछताछ के दौरान अभ्यर्थी ने स्वीकार किया कि उसकी जगह फुलपरास से कोई व्यक्ति परीक्षा में बैठा था.

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पटना हाईकोर्ट समेत देश के 12 हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, रजिस्ट्रार को भेजा गया ईमेल संदेश

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आतंकी संगठन के नाम से पटना हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार को ई-मेल भेजकर देश के 12 हाई कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई है। पटना हाई कोर्ट समेत देश के 12 हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। बम. इस संबंध में एक आतंकी समूह के नाम से पटना हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार को एक ईमेल संदेश भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि पटना हाई कोर्ट को बम से उड़ा दिया जाएगा. घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन तुरंत हाई अलर्ट मोड में आ गया और पटना हाईकोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पटना के अलावा इलाहाबाद, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, बॉम्बे आदि हाई कोर्टों में भी विस्फोटकों का खतरा है.

खबर मिलते ही पटना पुलिस के तमाम अधिकारी पटना हाईकोर्ट पहुंच गये. शुक्रवार दोपहर हाईकोर्ट में सघन तलाशी ली गई। एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) की टीम ने हाईकोर्ट का कोना-कोना छान मारा. एटीएम के साथ बम निरोधक दस्ता भी मौजूद था. मेटल डिटेक्टर और अन्य उपकरणों का भी उपयोग किया गया। हालांकि, एटीएस टीम को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली.

इधर, हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है. पहले हाईकोर्ट परिसर और बाद में कोर्ट रूम की तलाशी ली गई. इस दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति के कोर्ट परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गयी. डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया. पटना के अलावा इलाहाबाद, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, बॉम्बे समेत अन्य हाई कोर्ट में भी विस्फोटक की धमकी मेल के जरिए दी गई थी. सूत्रों के मुताबिक, सुबह छह बजे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के मेल पर विस्फोटक होने का मैसेज आया. हाई कोर्ट के अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. स्थानीय कोतवाली थाने की पुलिस के अलावा एटीएस को भी मौके पर बुलाया गया. शाम पांच बजे तक हाईकोर्ट परिसर में सघन तलाशी अभियान चलता रहा. अचानक एटीएस टीम के पहुंचते ही हाईकोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया. हर कोई जानना चाहता था कि एटीएस यहां क्यों पहुंची।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हाईकोर्ट में विस्फोटक रखने से संबंधित मेल किसने भेजा था. साइबर सेल टीम से भी मदद ली जा रही है। बिहार के अलावा दूसरे राज्यों की पुलिस भी जांच में जुटी है.

मेल में लिखा है: कोर्ट अधिकारियों को भेजे गए धमकी भरे मेल में लिखा है- ‘आपके कोर्ट में विस्फोटक रखे गए हैं. हम ऐसा करते रहेंगे.

 फरवरी में लोकसभा चुनाव की घोषणा, अप्रैल में चुनाव, तीन चरणों में होगा मतदान

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इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. इस संबंध में हर राज्य के चुनाव अधिकारी के साथ विशेष बैठक आयोजित की जा रही है. उम्मीद है कि फरवरी में चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव की घोषणा कर दी जायेगी और आचार संहिता लागू हो जायेगी. सूत्रों की मानें तो अप्रैल में चुनाव हो सकते हैं. तीन चरणों में चुनाव कराए जाने की चर्चा है.

ताजा अपडेट के मुताबिक 11 और 12 जनवरी को सभी राज्यों के चुनाव अधिकारियों के साथ चुनाव आयोग के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि चुनाव की तैयारियां पूरी हैं या नहीं. क्या है ईवीएम की व्यवस्था? कितने चरणों में चुनाव कराना उचित होगा? इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाए कि चुनाव की तारीख किसी त्योहार के दिन न पड़े।

जानकारों का कहना है कि जिस तरह से चुनाव आयोग की ओर से तैयारियां की जा रही हैं, उससे साफ है कि इस बार चुनाव साल 2019 से पहले कराए जा सकते हैं. साल 2019 में चुनाव को लेकर 10 मार्च को घोषणा की गई थी.

बिहार में तीन चरण और देशभर में सात चरण में चुनाव होंगे.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार की 40 लोकसभा सीटों पर तीन चरणों में और पूरे देश में एक साथ चरणों में चुनाव हो सकते हैं. अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर चुनाव आयोग पहले ही दिशानिर्देश जारी कर चुका है. चुनाव आयोग की ओर से साफ कहा गया है कि जिन अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी में तैनात किया जाएगा, उन्हें किसी भी कीमत पर उनके गृह जिले में पोस्टिंग नहीं दी जाएगी.

बिहार के इस सरकारी स्कूल में हर दिन होती है शराब पार्टी, सहरसा के हेडमास्टर बोले- मैं परेशान हूं

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एक तरफ बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, वहीं दूसरी तरफ सहरसा मुख्यालय के महावीर चौक स्थित रूपवती बालिका उच्च विद्यालय के भवन पर भारी मात्रा में शराब की खाली बोतलें पड़ी हुई हैं. शराबबंदी वाले बिहार में शिक्षा के मंदिर में पड़ी शराब की खाली बोतलें शराबबंदी कानून पर सवाल उठा रही हैं.

शराब पीने के बाद स्कूल की छत पर असामाजिक तत्वों द्वारा एक नहीं बल्कि दर्जनों शराब की बोतलें फेंकी जा रही हैं. इतना ही नहीं, आए दिन स्कूल परिसर और उसके आसपास शराब की बोतलें फेंकी मिलती हैं, जिससे यहां पढ़ने आने वाले छात्र-छात्राएं असहज महसूस करते हैं.

स्कूल के प्राचार्य का कहना है कि प्रतिदिन शाम ढलने के बाद असामाजिक तत्व शराब पीकर स्कूल परिसर और स्कूल की छत पर शराब की खाली बोतलें फेंक देते हैं. सुबह स्कूल पहुंचकर साफ-सफाई की जाती है। स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से भी शिकायत की है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

गौरतलब है कि बिहार में 1 अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू है. इसे लेकर बिहार सरकार पर कई बार सवाल उठ चुके हैं. इस कानून को लेकर जीतन राम मांझी कई बार सवाल उठा रहे हैं. वह कई बार सरकार से इस कानून को वापस लेने की मांग भी कर चुके हैं. इसके अलावा बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने भी इस कानून की समीक्षा करने की बात कही है.

पिलरों पर खड़ा होगा दरभंगा एम्स, नीचे बनेगा बेसमेंट और पार्किंग, पीएम करेंगे शिलान्यास.

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खंभों पर खड़ा होगा दरभंगा एम्स का ढांचा: दरभंगा एम्स को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और बिहार की नीतीश सरकार के बीच समझौते के बाद अब डिजाइन पर काम किया जा रहा है. अब इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि दरभंगा एम्स का स्वरूप कैसा होगा. प्राथमिक जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि दरभंगा एम्स को पिलर पर खड़ा किया जाएगा और नीचे बेसमेंट और पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी ताकि इलाज के लिए आने वाले लोगों को वाहन पार्क करने में कोई असुविधा न हो.

दरभंगा एम्स पर संजय कुमार झा ने कहा कि बिहार सरकार ने दरभंगा एम्स के लिए नये डिजाइन का प्रस्ताव दिया है. इसमें कहा गया है कि इमारत का ढांचा खंभों पर ही खड़ा किया जाएगा. इस डिजाइन में नीचे बेसमेंट और पार्किंग तैयार की जाएगी. वहीं, मिट्टी भराई के लिए बिहार सरकार ने जो 309 करोड़ रुपये आवंटित किये थे, वह राशि एम्स निर्माण एजेंसी को दी जायेगी.

ताजा अपडेट के मुताबिक दरभंगा के शोभन में एम्स के नए डिजाइन को मंजूरी मिल गई है. दरभंगा एम्स मामले पर केंद्र सरकार राज्य सरकार के प्रस्ताव पर सहमत हो गई है. राज्य सरकार के प्रस्ताव के बाद केंद्र सरकार ने निचली भूमि का पुनर्गठन शुरू कर दिया है. केंद्र की ओर से जल्द ही टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी जायेगी. बिहार सरकार ने शोभन बाइपास में बिहार के दूसरे एम्स के निर्माण का नया प्रस्ताव 7 दिसंबर 2023 को केंद्र को दिया था.

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और संयुक्त सचिव सुधीर कुमार नये प्रस्ताव को लेकर दिल्ली गये थे. उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत को प्रस्ताव सौंपा था। उसमें राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की सभी जरूरी शर्तें मान ली थीं. इसमें दरभंगा एम्स तक फोरलेन कनेक्टिविटी, जमीन समतल कर बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करना शामिल है। केंद्र से अनुरोध किया गया कि दरभंगा में ऐसे डिजाइन का एम्स बनाये जो स्थानीय जरूरतों को पूरा कर सके.

हमें अलग मुस्लिम राष्ट्र चाहिए, बिहार के प्रोफेसर ने लगाए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे

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PATNA/SIWAN: बिहार के एक मुस्लिम प्रोफेसर अपने फेसबुक पोस्ट को लेकर चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. ये रहते भारत में हैं लेकिन नारे पाकिस्तान और बांग्लादेश जिंदाबाद के लगाते हैं. उनका कहना है कि भारत में रहने वाले मुसलमानों को एक अलग मुस्लिम राष्ट्र की जरूरत है. उनके इस पोस्ट ने बिहार की राजनीति में हंगामा मचा दिया है. प्रोफेसर साहब मूल रूप से बिहार के सीवान के रहने वाले हैं और जेपी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. प्रोफेसर का नाम खुर्शीद आलम उर्फ लाल बाबू बताया जा रहा है. जयप्रकाश विश्वविद्यालय की इंजीनियरिंग इकाई, नारायण कॉलेज, गोरिया कोठी सीवान में सहायक प्रोफेसर हैं।

अपने पोस्ट में प्रोफेसर साहब ने लिखा है कि मैं दोनों सरकारों से अपील कर रहा हूं कि भारतीय मुसलमान पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़ा एक अलग देश चाहते हैं. प्रोफेसर साहब के मुताबिक भारत में रहने वाले मुसलमानों को असहमति का अधिकार नहीं दिया गया है.

प्रोफेसर खुर्शीद आलम के विवादित पोस्ट को देखकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई की मांग की है. इस संबंध में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कुलसचिव प्रो. (डॉ.) रंजीत कुमार को एक ज्ञापन सौंपा है. बताया गया है कि नारायण महाविद्यालय, गोरियाकोठी के राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसर खुर्शीद आलम के फेसबुक अकाउंट पर देश विरोधी पोस्ट किया गया है, जिसमें देश को तोड़ने और मुसलमानों के लिए एक और नया देश बनाने का आह्वान किया गया है.

एबीवीपी ने जांच बिठाई है और राष्ट्रविरोधी विचार रखने वाले प्रोफेसर के खिलाफ राष्ट्रविरोधी मामला दर्ज किया है और उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश विश्वविद्यालय कार्य सह प्रमुख रजनीकांत सिंह, विश्वविद्यालय संयोजक प्रशांत सिंह, विश्वविद्यालय शोध प्रमुख हिमांशु कुमार, प्रभाकर कुमार शामिल हैं। उधर, भाजयुमो के प्रदेश क्षेत्रीय प्रभारी राजीव तिवारी ने भी इस मामले में विश्वविद्यालय से कार्रवाई की मांग की और कहा कि जब तक इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होगी, छात्र आंदोलन करेंगे.

बिहार में खुलेआम बन रहा है फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, हस्ताक्षर की जगह लिखा है एडीएम!

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सर्टिफिकेट जांचने सदर अस्पताल पहुंचे दो लोग, सदर के नाम पर बन रहा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बिहार के मुजफ्फरपुर में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है. बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर समेत पूरे बिहार में फर्जी जीवन प्रमाणपत्र बनाने वाला सिंडिकेट रैकेट सक्रिय है. घटना की जानकारी मिलने के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने दावा किया है कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वालों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल के नाम पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है. शुक्रवार को दो लोग फर्जी जन्म प्रमाणपत्र लेकर अस्पताल कार्यालय पहुंचे. यहां जांच में इसे फर्जी करार दिया गया। मामला सामने आने के बाद दोनों वहां से भाग गए.

स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर डेढ़ बजे दो व्यक्ति अस्पताल कार्यालय पहुंचे. उन्होंने प्रमाणपत्र दिखाया और इसके बारे में पूछताछ की। जब प्रमाणपत्र की जांच की गई तो उस पर किया गया हस्ताक्षर फर्जी पाया गया. अस्पताल स्टाफ ने दोनों लोगों से कई बार पूछा कि उन्हें यह सर्टिफिकेट किसने दिया है, लेकिन दोनों बिना जवाब दिए चले गए। सदर अस्पताल से जुड़े लोगों ने बताया कि अस्पताल में जन्म या मृत्यु होने पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक इसका प्रमाण पत्र बनाते हैं. जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के रजिस्ट्रार उपाधीक्षक होते हैं। अस्पताल में आये प्रमाण पत्र पर उपाधीक्षक का हस्ताक्षर फर्जी पाया गया. सिविल सर्जन डॉ. ज्ञान शंकर ने बताया कि यह प्रमाणपत्र कहां से बन रहा है, इसकी जांच करायी जायेगी.

अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चे को ही यहां से प्रमाणपत्र मिलता है। अस्पताल स्टाफ ने बताया कि पिछले साल करीब 20 फर्जी सर्टिफिकेट पकड़े गये थे. प्रमाणपत्र के सत्यापन के समय इस फर्जीवाड़े का पता चल रहा है। सदर अस्पताल के पैड पर फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोगों को वापस किया जा रहा है. सदर अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल ही जारी करता है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार सदर अस्पताल ही नहीं बल्कि पीएचसी व सीएचसी के भी फर्जी प्रमाणपत्र का मामला सामने आया है.

हस्ताक्षर की जगह एडम लिखा है

फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच में पता चला है कि उस पर उपाधीक्षक के हस्ताक्षर की जगह एडम लिखा हुआ है. इसे इस तरह लिखा गया है कि तुरंत पता नहीं चलता कि यह उपाधीक्षक का हस्ताक्षर नहीं है. जन्म प्रमाण पत्र किसी के फर्जी सॉफ्टवेयर से बनाया जा रहा है, जिससे एक नजर में यह असली लगता है।