CM नीतीश का तेजस्वी को झटका, मंत्रालय बंटते ही बिहार में मचा घमासान, जानिए पूरा मामला

बिहार में नीतीश सरकार की बड़ी कार्रवाई, चार महत्वपूर्ण आयोग एक साथ भंग, जानें वजह बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद राज्य के चार महत्वपूर्ण आयोगों को एक साथ भंग कर दिया गया है। नीतीश सरकार ने अति पिछड़ा आयोग, महादलित आयोग, राज्य अनुसूचित जाति आयोग और राज्य अनुसूचित जनजाति (एसटी) आयोग को भंग करने का फैसला किया है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गयी है. इन आयोगों में राजद और जदयू से जुड़े 19 नेता थे.

बिहार में सरकार बदलने के बाद इन आयोगों का नये सिरे से पुनर्गठन किया जायेगा. बताया जा रहा है कि बीजेपी के सरकार में शामिल होने के बाद राज्य के राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं जिसके चलते यह फैसला लिया गया है. गौरतलब है कि शुक्रवार को सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को हटा दिया गया था और इसके अलावा 20 सूत्री कमेटी को भी भंग कर दिया गया था. शनिवार को नीतीश सरकार ने राज्य के सभी चार महत्वपूर्ण आयोगों को भंग करने का फैसला लिया है. जानकारी के मुताबिक समान प्रशासन विभाग के सचिव मोहम्मद सोहेल ने इनसे संबंधित अलग-अलग अधिसूचना जारी की है. जनहित एवं प्रशासनिक दृष्टि से आयोग के इन सदस्यों को उनके पद से मुक्त कर दिया गया है।

बता दें, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में महागठबंधन से नाता तोड़कर राज्य में एनडीए की सरकार बनाई है. अब कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों को फिर से जिलों का प्रभारी बनाया जाएगा. इसके साथ ही नीतीश कुमार की सरकार ने सभी 38 जिलों की 20 सूत्री समितियों को भी भंग करने का अहम फैसला लिया है.

बता दें, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में महागठबंधन से नाता तोड़कर राज्य में एनडीए की सरकार बनाई है. अब कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों को फिर से जिलों का प्रभारी बनाया जाएगा. इसके साथ ही नीतीश कुमार की सरकार ने सभी 38 जिलों की 20 सूत्री समितियों को भी भंग करने का अहम फैसला लिया है.

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