दक्षता परीक्षा का विरोध करने वाले शिक्षक होंगे बर्खास्त, एक्शन में केके पाठक, नया आदेश जारी

शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को दिया निर्देश, दक्षता परीक्षा के खिलाफ प्रदर्शन करने पर दर्ज होगा केस दक्षता परीक्षा को लेकर बिहार के लाखों नियोजित शिक्षक और शिक्षा विभाग आमने-सामने आ गये हैं. शिक्षकों ने जहां इस परीक्षा को पटना हाई कोर्ट में चुनौती दी है, वहीं आंदोलन के जरिए इस परीक्षा का विरोध करने का भी फैसला किया है. शिक्षकों का साफ कहना है कि हम किसी भी सूरत में योग्यता परीक्षा नहीं देंगे, चाहे हमारे पास नौकरी हो या नहीं. बिहार सरकार अपने बनाये नियमों का उल्लंघन कर रही है और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. उधर, शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है कि जो शिक्षक इस परीक्षा में शामिल नहीं होंगे या किसी भी तरह के आंदोलन में हिस्सा लेंगे, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

विभाग ने जिलाधिकारियों को लिखे पत्र में कहा है कि प्राप्त जानकारी के मुताबिक नियोजित शिक्षकों ने 13 फरवरी को दक्षता परीक्षा का बहिष्कार कर विधानसभा के सामने प्रदर्शन करने की घोषणा की है. 13 फरवरी को स्कूल खुले हैं. ऐसे में अगर शिक्षक स्कूल छोड़कर विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे तो यह स्पष्ट हो जायेगा कि वे स्कूलों में शिक्षण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं. यदि आपके जिले में नियोजित शिक्षकों द्वारा किसी भी प्रकार का विरोध कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, तो इसे आईपीसी की धारा 141 के तहत अवैध सभा मानें और आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही आईपीसी की धारा 186, 187 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए. साथ ही ऐसे विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले शिक्षकों की पहचान कर उनके विरुद्ध विभागीय नियमों के आलोक में कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाये. माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव ने इस संबंध में जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है.

परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये जा रहे हैं

दक्षता परीक्षा के लिए शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लिये जा रहे हैं. परीक्षा 26 फरवरी से शुरू होगी. राज्य के साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने के लिए उनकी योग्यता परीक्षा ली जा रही है. परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले राज्य कर्मचारी होंगे और विशेष शिक्षक कहलाएंगे। प्रत्येक शिक्षक को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए तीन मौके दिए जाएंगे। तीनों बार परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया गया है.

शिक्षकों को तीन जिलों का विकल्प भरना होगा

प्रत्येक शिक्षक को दक्षता परीक्षा में शामिल होने के लिए तीन जिलों का चयन करने के लिए भी कहा जा रहा है। परीक्षा के बाद तैयार की गई मेरिट सूची के आधार पर शिक्षकों को पसंदीदा जिले में स्कूल आवंटित किए जाएंगे। विशेष शिक्षकों को बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित शिक्षकों की तर्ज पर वेतनमान और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही उन्हें वेतन सुरक्षा का लाभ भी दिया जाएगा.

योग्यता परीक्षा नियमों को हाईकोर्ट में चुनौती

पटना. शिक्षक दक्षता परीक्षा नियमावली को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी है. यह आवेदन बिहार विद्यालय विशेष शिक्षक नियमावली, 2023 के नियम 3 और 4 को अवैध, भेदभावपूर्ण, अनुचित और संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के खिलाफ घोषित करने के लिए दायर किया गया है। याचिका में कोर्ट से परीक्षा के लिए आवेदन भरने पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है. इसके अलावा याचिका के जरिए 26 फरवरी से होने वाली परीक्षा पर रोक लगाने का भी अनुरोध किया गया है. आवेदक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि यह नियम के विरुद्ध है.

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