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दरभंगा से प्रकाशित विश्वविद्यालय पंचांग जारी, जानें विवाह-मुंडन-गृह प्रवेश के लिए कब है शुभ दिन

विश्वविद्यालय पंचांग जारी, जानें विवाह-मुंडन-गृह प्रवेश के लिए कब है शुभ दिन 2024-2025

22 जुलाई से शुभ कार्यों के लिए उपयोगी होगा नया विश्वविद्यालय पंचांग:

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से प्रकाशित सर्वमान्य विश्वविद्यालय पंचांग के 47वें अंक का विमोचन शनिवार को कुलपति कार्यालय कक्ष में किया गया। कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में जारी वर्ष 2024-25 का पंचांग 22 जुलाई से 10 जुलाई 2025 तक आम लोगों के लिए उपयोगी रहेगा।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. पांडेय ने कहा कि विश्वस्तरीय इस विश्वविद्यालय पंचांग की कई विशेषताएं हैं। सभी धार्मिक व सामाजिक कार्य अब आसानी से किए जा सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पंचांग सभी कर्मकांडों में सहायक होगा।

व्याकरण विभागाध्यक्ष सह प्रकाशन प्रभारी डॉ. दयानाथ झा ने संचालन करते हुए नए पंचांग की विशेषताएं बताईं।

ज्योतिष विभागाध्यक्ष सह पंचांग निदेशक डॉ. कुणाल कुमार झा ने पूर्व कुलपति एवं पंचांग के संस्थापक पूर्व प्रतिकुलपति डॉ. रामकरण शर्मा को याद करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से ही संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 1978 से लगातार विश्वविद्यालय पंचांग का प्रकाशन किया जा रहा है। सभी वक्ताओं ने पंचांग के मुख्य संरक्षक पूर्व कुलपति ज्योतिषाचार्य डॉ. रामचंद्र झा सहित सभी गणितज्ञों एवं सहायकों को बधाई दी।

आपको बता दें कि श्रावण मास के कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अगले वर्ष के आषाढ़ शुक्ल पक्ष की गुरु पूर्णिमा तक इस वर्ष के लिए उपयोगी पंचांग के अनुसार इस बार न तो मलेमास की संभावना है और न ही ग्रहण की संभावना है। वर्ष पांच और धन्य 11 बताया गया है।

पीआरओ निशिकांत ने बताया कि विक्रम संवत 2081-82 और शक वर्ष 1946-47 के लिए जारी पंचांग में धर्मशास्त्रतत्त्व के सभी निर्णयों को शामिल किया गया है।

वर्ष 2023-24 का पंचांग 21 जुलाई 2024 तक ही मान्य है। पंचांग विमोचन के अवसर पर कुलसचिव डॉ. दीनानाथ साह, उप कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार झा, डॉ. रेणुका सिंहा, डॉ. पवन कुमार झा, डॉ. दिलीप कुमार झा, डॉ. विनय मिश्र, डॉ. घनश्याम मिश्र, डॉ. शंभू शरण तिवारी, विभूति नाथ झा, अमरनाथ शर्मा, प्रकाशन विभाग के डॉ. अनिल कुमार झा, सुशील कुमार झा उर्फ बौआजी, कुंदन भारद्वाज, अभिषेक कुमार आदि उपस्थित थे। महत्वपूर्ण शुभ तिथियां

  विवाह के शुभ मुहूर्त

नवंबर 2024 18, 22, 25 और 27 हैं तथा दिसंबर में 1, 2, 5, 6 और 11, जनवरी 2025 में 16, 19, 20, 23, 24, 29, 30, फरवरी में 2, 3, 6, 7, 16, 19, 20, 21, 24, 26, मार्च में 2, 3, 6, 7, अप्रैल में 16, 18, 20, 21, 23, 25, 30, मई में 1, 7, 8, 9, 11, 18, 19, 22, 23, 25, 28, जून में 1, 2, 4 और 6 हैं।

मुंडन की तिथियां

नवंबर में 18, 20 हैं 2024, दिसंबर में 5, 6, 11, जनवरी 2025 में 31, फरवरी में 3, 7, 10, 17, मार्च में 6, 10, अप्रैल में 17, 30, मई में 8,9,28, जून में 5, 6, 26, 27, जुलाई में 2, 4.

गृहारंभ तिथियाँ जुलाई 2024-2025

जुलाई में  22, 24, अगस्त में 15, अक्टूबर में 21, नवंबर में 14, 18, 20, दिसंबर में 7, 11, 12, फरवरी 2025 में 8, 15, मार्च में 10, अप्रैल में 16, मई में 3, 8, 10, जून में 5, 6, 7 हैं।

गृहप्रवेश (घरवाश)की तिथियाँ

अगस्त 2024 में 10, 14, 15, नवम्बर में 7, 8, 11, 13, 14, दिसम्बर में 7, 11, 12, फरवरी में 3, 6, 7, 8, 10, मार्च में 6, 8, 10, मई में 3, 7, 8, 9, 10, जून में 4, 5, 6, 7 हैं।

द्विरागमन की तिथि

नवम्बर 2024 में 18, 20, दिसम्बर में 5, 6, 8, 11, 12, फरवरी 2025 में 16, 17, मार्च में 2, 3, 5, 6, 7, 9, 10, अप्रैल में 18, मई में 1, 4, 7, 8, 9, 11, 12 है।

सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना

पंचांग निदेशक डॉ. कुणाल ने बताया कि इस बार सूर्य राजा और बुध मंत्री की भूमिका में रहेंगे। इसके चलते बिजली गिरने, सामान्य से अधिक वर्षा के साथ बुखार और अन्य बीमारियों की प्रबल संभावना है। सर्पदंश की घटनाएं बढ़ सकती हैं। चोरी और तस्करी में भी वृद्धि की संभावना है।

शासक और प्रशासक कुशलता और शिष्टाचार से पेश आएंगे। इस वर्ष विवाह, उपनयन, मुंडन, गृहारंभ, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों की तिथियां मौजूदा वर्ष से अधिक हैं। इसलिए शहनाई पहले से अधिक बजेगी।

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