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14 या 15 फरवरी को सरस्वती पूजा के दिन महासंयोग बन रहा है। जानिए पूजा करने का शुभ समय और समय कब है।

14 या 15 फरवरी को सरस्वती पूजा के दिन महासंयोग बन रहा है। जानिए पूजा करने का शुभ समय और समय कब है।

माघ माह के शुक्ल पक्ष पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा की तैयारी पटना में जोरों पर चल रही है. इस साल पटनावासी 14 फरवरी को वसंत पंचमी के मौके पर दुरुधरा और केदार योग में देवी विद्या की पूजा करेंगे. वसंत पंचमी तिथि 13 फरवरी को दोपहर 2.41 बजे से शुरू हो रही है। जबकि इसका समापन 14 फरवरी को दोपहर 12.10 बजे होगा. ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे और अन्य शास्त्र विशेषज्ञों का मानना है कि 14 फरवरी को उदयातिथि होने के कारण मां सरस्वती की पूजा विशेष फलदायी होगी। पूजा का शुभ समय 14 फरवरी को सुबह 10.35 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक है. इस तिथि को अबूझ मुहूर्त भी माना जाता है।

अर्थात इस दिन सभी शुभ कार्य किये जा सकते हैं। नए काम की शुरुआत के लिए यह दिन सबसे शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से भक्तों को मां शारदा से बुद्धि, विद्या और बुद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन को मां सरस्वती का प्राकृतिक दिन भी माना जाता है और इस दिन से ही वसंत ऋतु की शुरुआत भी मानी जाती है। वसंत पंचमी को लेकर शहर में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। मूर्तियों का निर्माण तेजी से बढ़ गया है। सालिमपुर अहरा, मछुआटोली, न्यू बाइपास के दक्षिणी मोहल्ले से लेकर बेली रोड तक सरस्वती की प्रतिमा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पूजा समितियों द्वारा मुहल्लों में बैनर लगाये गये हैं.

14 फरवरी को चंद्रमा और ग्रहों की अच्छी स्थिति

ज्योतिषियों का कहना है कि 14 फरवरी को चंद्रमा दूसरे और बारहवें भाव में अच्छी स्थिति में है। इसके अलावा चारों भावों में कई ग्रहों की मौजूदगी का भी संयोग बन रहा है। इन संयोगों के कारण इस दिन दुरुधरा और केदार जैसे योग बन रहे हैं और मां सरस्वती की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। इस दिन हर व्यक्ति को सरस्वती चालीसा, सरस्वती जी के बीज मंत्र ‘ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नम:’ का जाप करना चाहिए। साथ में सरस्वती गायत्री मंत्र का जाप करना लाभकारी रहेगा। मां सरस्वती के हाथों में पुस्तक, फल, कमंडल, वीणा और माला है।

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