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आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बनाएंगी आयुष्मान कार्ड: सीतामढ़ी में 6 लाख 36 हजार लोगों का चयन, 10 दिसंबर तक चलेगा अभियान सीतामढ़ी 18 मिनट पहले

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सीतामढ़ी में 6 लाख 36 हजार लोगों का चयन, 10 दिसंबर तक चलेगा अभियान।

सीतामढ़ी में अब आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बनाएंगी। आपको बता दें कि आयुष्मान ई-गोल्डन कार्ड बनाने के लिए फिर से विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह 10 दिसंबर तक चलेगा। इस बार आशा कार्यकर्ता चयनित लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड भी बनाएंगी। इसके लिए उन्हें विभाग द्वारा अधिकृत किया जा रहा है और यूजर आईडी व पासवर्ड उपलब्ध कराया जा रहा है।

आशा कार्यकर्ता लाभार्थियों के घर-घर जाकर स्वास्थ्य कार्ड बनाएंगी। 10 दिसंबर तक चलने वाले इस अभियान के दौरान सहज वसुधा केंद्र (सीएससी) व अन्य जगहों पर आयुष्मान स्मार्ट कार्ड बनाए जा रहे हैं।

आयुष्मान भारत के जिला समन्वयक साहिब सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत छूटे हुए लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को अधिकृत किया गया है। इसके अलावा विकास मित्र के माध्यम से आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाया जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं को अधिकृत करने से कार्ड बनाने के काम में तेजी आएगी।

70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के बनेंगे कार्ड

आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के चयनित लाभार्थियों का प्राथमिकता के आधार पर कार्ड बनाएंगी। जिले में 10 दिसंबर तक कार्ड बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के कार्ड बनाने की विशेष व्यवस्था की गई है। इस योजना के जिला समन्वयक ने बताया कि अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को इस योजना में शामिल कर लिया गया है।

70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों का कार्ड बनाया जाना है। इसके लिए विशेष काउंटर की व्यवस्था की जा रही है। यह काउंटर पंचायत भवन, प्रखंड कार्यालय, समाहरणालय समेत अन्य जगहों पर बनाए जाएंगे। जिले में शेष तीन लाख 61 हजार चयनित लाभार्थियों के कार्ड बनाए जाने हैं।

दो लाख 75 हजार गरीबों के बने कार्ड

इस योजना के तहत जिले में कुल 6 लाख 36 हजार चयनित गरीबों के कार्ड बनाए जाने हैं। इनमें से दो लाख 75 हजार गरीब लोगों के कार्ड बन चुके हैं। शेष तीन लाख 61 हजार के कार्ड बनने बाकी हैं। इसके अलावा 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के कार्ड बनाए जाएंगे।

 

 

बांका में बर्खास्त होंगे 16 सरकारी शिक्षक, जांच में फर्जी निकली डिग्री

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शिक्षा विभाग ने योग्यता परीक्षा फॉर्म भरने में फर्जी पाए गए 16 शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया है। डीपीओ स्थापना संजय कुमार यादव ने इस संबंध में संबंधित नियोजित समिति के सचिव को पत्र जारी किया है।

अब इन सभी शिक्षकों को नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। पत्र में कहा गया है कि विभाग ने इस बात को गंभीरता से लिया है कि योग्यता फॉर्म भरने के बाद फर्जी साबित हुए ये शिक्षक काउंसलिंग में भी शामिल नहीं हुए। जांच में शिक्षा विभाग ने पहले ही बता दिया था कि इनका पात्रता परीक्षा नंबर दूसरे शिक्षक से मेल खाता है। विभाग ने ऐसे सभी शिक्षकों को अपना पक्ष रखने के लिए पटना बुलाया था।

लेकिन कई बार मौका मिलने के बाद भी संदिग्ध शिक्षक अपना पक्ष रखने पटना नहीं पहुंचे। बाद में विभाग ने संबंधित स्कूल के हेडमास्टर को इन शिक्षकों को विभागीय तौर पर पटना में जांच में उपस्थित कराने का आदेश दिया, लेकिन एक-दो को छोड़कर कोई भी संदिग्ध फर्जी शिक्षक जांच के लिए पटना नहीं पहुंचा। जानकारी के अनुसार इस मामले की जांच शुरू होने के बाद अधिकांश शिक्षक विद्यालय छोड़कर पिछले नौ-दस माह से फरार हैं। विभागीय स्तर पर इनका वेतन भी बंद कर दिया गया है।

दक्षता काउंसिलिंग पूरी होने के बाद विभागीय आदेश पर इन शिक्षकों की खोज शुरू की गई। इसके बाद इन शिक्षकों को फर्जी घोषित कर सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। फर्जी पाए गए सभी शिक्षकों को पंचायत व प्रखंड नियोजन समिति में बहाल कर दिया गया। सेवा समाप्ति की कार्रवाई नियोजन समिति को ही पूरी करनी है। इसके लिए डीपीओ ने सभी नियोजन समितियों को अलग-अलग पत्र जारी किया है।

बिहार विधानसभा के गेट पर पोस्टर लिए तेजस्वी दिखे, स्मार्ट मीटर का विरोध और आरक्षण की मांग 

बिहार विधानसभा के गेट पर पोस्टर लिए तेजस्वी दिखे, स्मार्ट मीटर का विरोध और आरक्षण की मांग

बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है। सत्र के दूसरे दिन विपक्षी नेताओं ने विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया है। वाम दलों के विधायक स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खिलाफ विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं।

विधायक 65 फीसदी आरक्षण की बहाली की भी मांग कर रहे हैं। वाम दलों के अलावा इस विरोध प्रदर्शन में आरजेडी भी शामिल है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव खुद इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं।

आरजेडी विधायक आरक्षण बहाली की मांग को लेकर विधानसभा के गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके हाथों में पोस्टर नजर आ रहे हैं और वे लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।

 

सफलता के 5 नियम जो आपको करोड़पति बना सकते हैं How To Get Rich – 5 Rules Every Rich Person Knows | Sonu Sharma

नमस्कार दोस्तों मैं सोनू शर्मा आज हम बात करेंगे  कि गरीब आखिर और गरीब क्यों होते जा रहे हैं और अमीर और अमीर क्यों होते जा रहे हैं यह खाई दिन बदन बढ़ती ही क्यों जा रही है क्यों दुनिया का 95% पैसा सिर्फ 5% लोगों के पास है और बचा हुआ 5% धन 95%लोगों के पास है और किसी ने बिल्कुल ठीक कहा है कि अगर आप अंबानी ,अडानी,बिल गेट्स ,जेफ बेजॉस ,एलन मस्क, वरन बफेट और भी कई अमीर लोगों से उनका सारा पैसा वापस ले लें और दुनिया के सभी लोगों में बराबर बराबर बांट दें।

तो कुछ सालों में वह पैसा वापस से अंबानी अदानी, बिल गेट्स  ,एलन मास्क और वरन बफेट की जेबों में चला जाएगा और लोग फिर से गरीब हो जाएंगे इस अजीब सी अनसुलझी पहेली को आज मैं बात करूंगा आपको समझाऊंगा  और आखिर में मिस्टर मुकेश अंबानी की बेटी की शादी से आप वो क्या सीख सकते हैं जो 100 किताबें भी आपको नहीं सिखा पाएंगी इसलिए आखिरी तक जरूर देखें।

दो सवालों से शुरू करते हैं पहला सवाल सोची क्या वजह होगी कि 6500 करोड़ के मालिक शाहरुख खान ने अभी तक अपना कोई पर्सनल प्लेन नहीं खरीदा जबकि 400 करोड़ का जेट प्लेन वो आराम से खरीद सकते हैं उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है है दूसरा सवाल आखिर क्या कारण था कि तेल की खोज के बाद जहां दुबई और सऊदी जैसे देश आज अमीर कंट्रीज में गिने जाते हैं वहीं उसी तेल की खोज के बावजूद वेनेजुएला नाम का वह देश बर्बादी के मुकाम पर खड़ा है ।

इन दोनों सवालों का जवाब छिपा है अमीरी के पांच रूल्स में जिससे दुनिया का हर अमीर इंसान चाहे अंबानी हो चाहे जकरबर्ग या रतन टाटा सब कानून की तरह फॉलो करते हैं जिन्हें अपनाकर अमीर और और अमीर हो गए और जिन्हें अनदेखा कर कर गरीब बर्बाद हो रहे हैं तो अमीरों का पहला रूल है अमीर बनिए मत अमीर रहिए भी बहुत लोग अमीर होने के बाद फिर से गरीबी की गर्त में चले जाते हैं ।

जानते हैं क्यों क्योंकि उनके पास टपली नहीं होती कोई बैकअप प्लान नहीं होता साथियों कार में चार नए टायर होने के बावजूद भी कंपनी एक एक्स्ट्रा टायर देती है कि अगर कार बीच रास्ते में पंक्चर हो जाए तो आपके पास एक बैकअप प्लान जरूर होना चाहिए कोई सेफ्टी सपोर्ट होनी ही चाहिए ताकि अचानक आई मुसीबत का आप सामना कर सकें नहीं तो बीच रास्ते मुश्किल में पड़ सकते हैं ।

इसको दूसरे तरीके से भी समझाता हूं जिस टाइ टनिक को कभी ना डूबने वाला जहाज बोला जाता था क्या हुआ उसके साथ जब वह एक आइस वर्ग से टकराया तो उसमें पानी भरने लगा तो लोगों को उसमें से बाहर निकलने के लिए सेफ्टी बोर्ड्स की जरूरत थी और हैरान करने वाली बात यह थी कि टाइ टनिक में उतनी सेफ्टी बोट्स  नहीं थी क्योंकि जिस कंपनी ने टाइटन ने को बनाया उनको ओवर कॉन्फिडेंस था उनको लगता था कि यह जहाज कभी डूबेगा ही नहीं और इसी लापरवाही से 1500 लोग मारे गए ।

यहां भी कोई बैकअप प्लान उनके पास नहीं था तो दोस्तों कुछ भी कभी भी हो सकता है पोम पोई इटली का अपने समय का सबसे स्मृद्धि हाल शहर वहां रहने वाले लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि उनके शहर से मात्र 24 किमी पर एक ज्वालामुखी धधक रही थी एक दिन जब वह फट गई तो उसकी वजह से पूरा शहर और वहां के लोग एक झटके में राख हो गए वहां के सभी लोग इग्नोर मोड में जी रहे थे ।

24 किलोमीटर बहुत दूर है कुछ नहीं होगा और एक दिन सब साफ हो गया ऐसे में 2001 में 11 सितंबर को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की बिल्डिंग में बैठे और काम कर रहे लोगों ने कभी सपने में नहीं सोचा था कि यह इस बिल्डिंग में काम करने का उनका आखिरी दिन होगा मैं आपको यह सब बातें क्यों बता रहा हूं इसलिए क्योंकि मैं समझाना चाहता हूं कि अमीर सिर्फ बनिए मत अमीर रहिए भी दरअसल मैं आपको समझाना चाहता हूं कि जिंदगी में कभी भी कुछ भी हो सकता है।

इसलिए आपके बुरे वक्त के लिए एक बैकअप प्लान जरूर होना चाहिए बहुत लोग इग्नोर की जिंदगी जीते हैं कि कुछ नहीं होगा कुछ नहीं होगा देखिए होने को कोई नहीं डाल सकता लेकिन बैकअप प्लान जरूर बना सकते हैं इसलिए मैं बार-बार कहता हूं इंश्योरेंस सभी को लेनी चाहिए और वह भी ऑथेंटिक और सबसे बढ़िया टर्म इंश्योरेंस ताकि आपके जाने के बाद आपके अपनों का कल भविष्य सुरक्षित रहे।

आपके बच्चों की पढ़ाई बिल्कुल डिस्टर्ब ना हो आपके अपनों पर पैसों से जुड़ा कोई बोझ ना रहे कोई भी पैसा व्यक्ति को नहीं लौटा सकता लेकिन परिवार को जीवन जीने का हौसला जरूर दे सकता है इसके लिए मैं हमेशा रिकमेंड करता हूं टर्म इंश्योरेंस  यहां आपको मिलेगा 2 करोड़ का टर्म सिर्फ 600 से ₹ 70000 के महीने के प्रीमियम पर यहां आपको मिलेंगे 50 से भी ज्यादा कंपनियों के प्लान जिन्हें कंपेयर करके आज ही आप अपने लिए बेस्ट टर्म इंश्योरेंस प्लान कर सकते हैं।

वेबसाइट का लिंक डिस्क्रिप्शन में दे रहा हूं तो आज ही ये वेबसाइट विजिट करें और अपने आने वाले कल को फाइनेंशियली- ई- एक्सप्रेस अपने शौक के हिसाब से बेशुमार दौलत होने के बावजूद शाहरुख खान आज तक प्राइवेट जेट का सपना पूरा नहीं कर पाए जबकि शाहरुख खान चाहे तो अपनी 6500 करोड़ की दौलत में से 400 करोड़ का प्राइवेट जेट आसानी से खरीद सकते हैं बात पैसे की है ही नहीं बात है समझदारी से खर्च करने की शाहरुख कहते हैं कि उनके पास कई बार इतने पैसे आए कि वो प्लेन खरीद लें पर पैसा आने पर उनके सामने दो रास्ते होते थे !

या तो प्लेन खरीद लें या फिर अगली फि फिल्म या किसी बिजनेस में इन्वेस्ट करते हैं और शाहरुख ने हर बार पैसे अपनी अगली फिल्म में लगा दिए दूसरी तरफ जब किसी मिडिल क्लास लड़के की 30000 की नौकरी लगती है ना तो वो 20000 की डाउन पेमेंट देकर 6000 की ईएमआई पर लेटेस्ट कार 🚗 खरीद लेता है किसी गरीब की और अमीर की सोच में सबसे बड़ा फर्क यही है।

शाहरुख को पता है कि उसके पास प्लेन खरीदने के पैसे तो हैं पर शायद अफोर्ड करने के नहीं इसलिए वो 10 करोड़ की रोल्स रॉस तो खरीदते हैं पर 400 करोड़ का प्लेन नहीं गरीब यह नहीं देखता कि वह क्या अफोर्ड कर सकता है वह बस यह देखता है कि वह क्या खरीद सकता है शाहरुख अपनी दौलत के 65% की कीमत के प्लेन को अपनी औकात से बाहर मानते हैं इसलिए अमीर है और जो लोग 12 लाख की साल की कमाई से 25 लाख की गाड़ी खरीदने जा रहे हैं!

वे गरीबी को खुद इनवाइट कर रहे हैं इसलिए कुछ भी खरीदते वक्त यह मत सोचिए क्या मैं इसे खरीद सकता हूं यह पूछिए क्या मैं इसे अफोर्ड कर सकता हूं याद रखिए हाथी खरीदना बड़ी बात नहीं है हाथी पालना बड़ी बात है और मेरा यह पक्का विश्वास है कि जो चीज आप खरीद सकते हैं ये बिल्कुल जरूरी नहीं कि उसे खरीद ही लेना चाहिए अमीर होने का अगला रूल है सेविंग बड़े बुजुर्ग हमेशा कहा करते थे ।

मनी सेव इज मनी अर्न 1920 में वेनेजुएला नाम के एक देश में तेल की खोज हुई साल 1960 आते-आते यह देश बेहद अमीर हो गया इतना अमीर कि वहां पर जरूरत के सामान प्रोडक्शन कॉस्ट से भी सस्ते मिलते थे क्योंकि सरकार हर सामान पर सब्सिडी देती थी फिर 1980 के बाद कई कारणों से तेल से कमाई कम हुई तो सरकार ने लोन ले लिया जब सरकार लोन की किश्त नहीं भर पाई तो कर्ज बढ़ता गया और हालत यह हो गए कि वेनेजुएला की करेंसी गिरते गिरते इतनी गिर गई कि आपकी जेब में रखा एक भारतीय रुपया आज वेनेजुएला के 45 लाख बोलीवर के बराबर है।

40 साल पहले जो देश अमीर था आज दूसरे देशों की भीख का मोहताज हो गया दूसरी तरफ साल 1969 में एक और देश में तेल की खोज हुई नॉर्वे पर नॉर्वे आज दुनिया के सबसे खुशहाल और अमीर देशों में गिना जाता है जिसकी जीडीपी आज यूएई और अमेरिका से भी बेटर है और यह सब कुछ उसी तेल की कमाई से है जिस तेल के होने पर आज वेनेजुएला तबाह है तो सवाल यहां ये उठता है कि ऐसा क्या किया नॉर्वे ने जो वेनेजुएला ने नहीं किया ।

इसका सीधा सा जवाब है दोस्त बचत तिल मिलने के कुछ ही सालों के बाद नॉर्वे की सरकार को समझ आ गया कि तेल के पैसे आज नहीं तो कल खत्म हो ही जाएंगे तो उन्होंने अपनी तेल की कमाई का एक बड़ा हिस्सा बचाना शुरू किया और अपने बचत को फंड में जमा करने लगे फंड का नाम रखा गया नॉर्वे सोबरियट और फिर उसी फंड से इन्वेस्टमेंट की गई और इसी फंड ने नॉर्वे को इतना मजबूत कर दिया कि जब 2008 में दुनिया मंदी से से जूझ रही थी।

नॉर्वे को कोई फर्क नहीं पड़ा यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि सिर्फ सेविंग करके आप अमीर नहीं बनते बल्कि उसको सही जगह इन्वेस्ट करना भी जरूरी है कहते हैं ना पैसा ही पैसे को खींचता है पर जिस तरह चुंबक को डब्बे में बंद करके उसकी शक्ति खत्म हो जाती है उसी तरह पैसे को लॉकर में रखने से पैसे की खींचने की ताकत खत्म हो जाती है नॉर्वे ने क्या किया नॉर्वे ने अपने फंड के 300 मिलियन डॉलर 72 देशों की लगभग 99000 कंपनियां जैसे जैसे जो लोग रियल एस्टेट की नॉलेज रखते हैं।

उन्हें पहले से अंदाजा था कि अयोध्या में राम मंदिर बनते ही जमीन का रेट 000 गज से बढ़कर 0000 गज हो सकता है इसलिए इस नॉलेज की वजह से उन्होंने जमीन में तब इन्वेस्ट किया जब कीमतें कम थी और आज अच्छा खासा पैसा कमा लिया मौके का फायदा कैसे उठाते हैं इसके लिए आपको 1963 में 1963 में लेकर चलता हूं एक बैंक उस वक्त कंपनियों को उनके गोदाम में रखे माल पर लोन देता था बैंक का नाम था अमेरका एक्सप्रेस बैंक से एक कंपनी ने यह कहकर लोन लिया कि हमारे पास 160 मिलियन का ऑयल है।

बैंक वालों ने जाकर गोदाम चेक किया तो तेल के बैरल से भरा हुआ था लोन पास हो गया पर बाद में पता चला कि उन सारे बैरल्स में तेल नहीं पानी था खबर लीक हो गई कि अमेरिका के बैंक के साथ किसी ने ठगी की है बैंक के शेयर एक झटके में आधे हो गए हर आदमी अपना पैसा वापस निकाल रहा था पर एक इंसान ने उसी स्कैंडल के दौरान उसी बैंक में 20 मिलियन डॉलर इन्वेस्ट कर दिए सबने सोचा बेवकूफ होगा पर उस आदमी ने ऊपर से लेकर नीचे तक रिसर्च करके पता किया कि इस ठगी से बैंक की रेपुटेशन को चोट तो पहुंची है ।

इस बैंक का बिजनेस मॉडल एकदम टॉप क्लास है और आज नहीं तो कल वापस बड़ा होगा ही इस आदमी का नाम था वरन बफेट और आज वो उस बैंक के 20 पर से ज्यादा स्टेक ओन करते हैं जिनकी वैल्यू 2023 के डटा के मुताबिक 26.1 बिलियन डॉलर है 1963 में वॉरेन बफेट से भी ज्यादा पैसे कई इन्वेस्टर के पास थे पर वॉरंट को मौके पर चौका मारना आता था और यही वजह है कि अमेरिकन एक्सप्रेस आज उनके पोर्टफोलियो की सबसे बड़ी कंपनी अब चलते हैं ।

अमीरों के सबसे आखिरी रूल की तरफ देखा देखी से बचे सबसे लाइव एग्जांपल आपको यहां देता हूं अपने मुकेश अंबानी साहब के बेटे की टेस्ट मैच जितनी लंबी शादी अभी खत्म हुई है और अंबानी साहब के छोटे बेटे अनंत की चका चौद बड़ी हाई प्रोफाइल शादी देखकर कई लोगों के अंदर भी अंबानी बनने की इच्छा जाग गई होगी कई लोगों ने तो शादी की सगाई से लेकर विदाई तक सिर्फ इसलिए देखी होगी ताकि जान सके कि अंबानी की शादियां कैसे होती हैं ताकि अपनी शादी में भी कुछ इसी तरह से मिलता जुलता कर सके कुछ लोगों ने तो पक्का इरादा कर लिया होगा कि हमारी शादी में भी अंबानी ही की तरह ढेर सारे फंक्शंस होंगे ढेर सारे मेहमान आएंगे।

रेहाना और जस्टिन बी बना से ही इसी तरह के मिलते-जुलते परफॉर्मेंस तो मैं भी पापा को बोलकर करवाऊंगी ही अनंत ने अगर 200 करोड़ की शेरवानी पहनी है तो 34 लाख की तो हम भी पहन सकते हैं भाई साहब हाथ जोड़कर विनती करता हूं इस ट्रैप में मत फसना और इस दिशा में सोचना भी मत बहुत भारी पड़ेगा मोटा भाई ने अगर 5000 करोड़ खर्च किए भी है ना तो उनकी नेटवर्थ का एक परसेंट भी ये नहीं है आप बराबरी करने निकलेंगे तो लोन लेने की नौबत आ जाएगी।

ऐसा ना हो बाद में किस्त भरने के लिए शादी की शेरवानी को ही भाड़े पर देना पड़ जाए और वो मुकेश अंबानी है भाई साहब सांस भी लेते हैं तो उनकी दौलत बढ़ जाती है और कौन जानता है कि बेटी ईशा की शादी में मात्र 700 करोड़ खर्च करने वाले मुकेश अंबानी ने सीधा 5000 करोड़ क्या सोच कर खर्च किए होंगे हो सकता है इसके पीछे मोटा भाई का कोई बड़ा बिजनेस प्लान हो जिसे समझना ना मेरे बस की बात है और ना -ना आपकी इसलिए भूलकर भी कंपैरिजन के चक्कर में अपना फ्यूचर ना बिगाड़ लेना ।

हां शादी का सारा खर्च उन्होंने शगुन के रूप में आपको बिना बुलाए रहिए सीखते रहिए स्वस्थ रहिए और कौन सा टिप पांचों में सबसे अच्छा लगा कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए अगले किसी और शानदार के साथ फिर आपसे मुलाकात करूंगा तब तक स्वास्थ्य का ध्यान रहिए खूब पैसा कमाइए ।

7 Secret Rules To Earn Money 🤑 | Raul Minded

दोस्तों आज से कई साल पहले अगर हम यह कहते कि सिर्फ मेहनत करने से सफलता मिल जाती है तो यह कहना ठीक होता परंतु आज यह कहना ठीक नहीं है क्योंकि आज के टाइम में हर फील्ड में आपको बहुत ज्यादा कंपटीशन देखने को मिलता है और केवल वही व्यक्ति इस भीड़ में आगे निकल पाता है जिसमें अपने आप पर बहुत ज्यादा काबिलियत हो या तो वह अपने अंदर अपनी काबिलियत को बढ़ा ले लेकिन सिर्फ इतना करना काफी है मेरे हिसाब से बिल्कुल नहीं अब कुछ लोग Article के इस पार्ट को स्किप करने की सोच रहे होंगे क्योंकि ऐसे लोगों को हर चीज जल्दी में चाहिए होती है!

लेकिन यह गलती आप बिल्कुल भी ना करना देखो किसी भी काम में सफलता प्राप्त करने के लिए धैर्य और संयम का होना बहुत जरूरी होता है अब इस वीडियो को वही लोग देखें जिनके पास धैर्य और संयम है क्योंकि जिनके पास 10 से 12 मिनट की एक वीडियो को देखने के लिए टाइम नहीं है वे लोग जीवन में कुछ नहीं कर सकते तो चलिए बिना किसी देरी के वीडियो शुरू करते हैं नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस ज्ञानवर्धक कुछ महत्त्वपूर्ण पॉइंट को समझते हैं!

इसके बाद पैसे कमाने के उन सात तरीकों के बारे में बात करेंगे जिससे आपकी जिंदगी बदल सकती है दोस्तों आज के टाइम में टेक्नोलॉजी के साथ-साथ लोगों के काम करने का तरीका और लोगों का दिमाग भी एडवांस हो चुका है दोस्तों मेहनत करने से कोई सफल नहीं होता तो वीडियो को एंड तक पूरा देखना और अच्छे से समझना दोस्तों देखो आज के टाइम में हवाबाजी बहुत ज्यादा होने लगी है जिसे भी देखो वह हवाबाजी करने में बहुत ज्यादा इंटरेस्टेड है कोई इंसान अगर किसी फील्ड में काम कर रहा है मेहनत कर रहा है तो वह मेहनत कम करता है और गाता ज्यादा है अपने दोस्तों को बताना अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करना और अपने करीबियों के पास जा जाकर बताना कि मैं क्या कर रहा हूं!

कितनी मेहनत कर रहा हूं यह सब आपको कभी नहीं करना है आपको लगता है कि मैंने कुछ अचीव कर लिया और जो काबिलियत आप हासिल कर सकते थे वह आप हासिल नहीं कर पाते इसलिए कभी भी दूसरों को जा जाकर तब तक मत बताओ जब तक कि आपका काम आपका प्लान पूरी तरह सक्सेसफुल नहीं हो जाता है क्योंकि अगर आप सबको ऐसे बताते हैं तो कहीं ना कहीं आपके काम पर इंपैक्ट डालेगा और आपको रिजल्ट नहीं मिल पाएगा जो आप चाहते थे या जो आप डिजर्व करते हैं और दोस्तों ऐसा करने से दूसरे लोग आपको घमंडी भी समझेंगे!

उन्हें लगेगा कि यह सिर्फ अपनी बढ़ाई करना जानता है इसे तो मेहनत करना नहीं आता इसलिए हमेशा शांति से अपना काम करो और जब हो जाए तो दूसरों को सिर्फ रिजल्ट दिखाओ रास्ता नहीं और दोस्तों देखिए अगर आपको बहुत ज्यादा सक्सेसफुल बनना है बहुत ज्यादा दूर तक जाना है तो आपके अंदर पेशेंस होना बहुत जरूरी है मान लीजिए कि आपने कोई बिजनेस है स्टार्टअप शुरू करा या फिर एक छोटा you tube महीना दो महीना तीन महीना या चार महीना कर देते हैं और आपको रिजल्ट नहीं मिलता तो ऐसा नहीं है कि आपको गिव अप कर देना है आपको छोड़ देना है आपको यह सोच लेना है कि मुझसे हो नहीं सकता या मैं कर नहीं सकता !

ऐसा करने से आपको कुछ हासिल तो नहीं होगा बल्कि जो आपने तीन से चार महीने अपना टाइम और अपना पैसा और अपनी मेहनत उसमें इन्वेस्ट करी है वह सारी बेकार हो जाएगी इसलिए कभी भी गिव अप ना करें हमेशा अपने ऊपर भरोसा रखें और धैर्य को बनाए रखें क्योंकि वक्त के साथ-साथ आपको समझ में आएगा कि आपको कहां अपने काम में इंप्रूवमेंट करनी चाहिए आप बार-बार गलती कर रहे हैं और उसे सीखकर आप और ज्यादा आगे बढ़ सकते हैं!

बजाए तीन से चार महीने किसी काम में मेहनत करने के बाद आपको यह नजर आए कि आप इसे कर नहीं सकते इस बात का कोई टुक नहीं बनता मेहनत के साथ-साथ अपने काम में इंप्रूवमेंट करते रह जहां आपको लगता है कि आपकी गलती है या  या उस क्षेत्र को इंप्रूव करें उसमें आगे बढ़ें ऐसा करने से आपको आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता फिर आप हार्ड वर्क के साथ-साथ एक स्मार्ट वर्क भी करेंगे जहां आपका दिमाग आपका साथ देगा और शरीर उस काम को कर में मदद करेगा क्योंकि दोस्तों यह वही समय होता है जब पेशेंस आपकी परीक्षा लेता है और तब आप उन हालातों को कैसे हैंडल कर पाते हैं और दोस्तों कई बार हमें लगता है कि हम सोशल मीडिया पर देखते हैं!

कोई इंसान रातों-रात वायरल हो जाता है पूरी दुनिया उसे जानने लग जाती है पहचानने लग जाती है लेकिन दोस्तों इस चीज पर कभी भरोसा ना करें और ऐसा करने की कभी कोशिश ना करें क्योंकि एक रात में मिली हुई सफलता एक रात में जा भी सकती है ऐसे कई एग्जांपल्स हमारे सामने हैं जो फेमस तो रात भर में हो गए लेकिन उनका नाम उनकी शोहरत एक रात में खत्म भी हो गई और दोस्तों एक और बात कभी सीखना बंद ना करें कोई भी व्यक्ति एक बार में दुनिया के बारे में सब कुछ नहीं जान सकता यही सच्चाई है वह बुद्धिमान और सफल व्यक्ति बनने के लिए उसे हमेशा सीखते रहना पड़ता है यहां तक कि 9 साल की उम्र में भी आप सब कुछ नहीं जान पाएंगे तब भी आपके पास सीखने के लिए बहुत कुछ बाकी रहेगा आपको हमेशा किताबें अखबार पढ़ते रहना चाहिए !

आप हर रोज कुछ नया सीखेंगे और आपके दिमाग में नए-नए आइडियाज आएंगे जो आपके काम में और आपको अधिक सफलता दिलाने में मदद करेंगे लेकिन सिर्फ एक शर्त पर वह है कि आपको रुकना नहीं है मेहनत तो करनी है लेकिन आपको इसके साथ-साथ अपने दिमाग का अपनी स्मार्टनेस का भी इस्तेमाल करना है और देखना है कि कितने रास्ते आपको आपकी मंजिल तक लेकर जा सकते हैं और उन सभी रास्तों को ट्राई करना है !

अब दोस्तों बात करते हैं उन सात महत्त्वपूर्ण तरीकों के बारे में जिनसे आप आसानी से पैसा कमा सकते हैं दोस्तों कहते हैं कि इस पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा कीमती समय है इसलिए इसे बर्बाद ना करें नहीं तो अंत में आपको पछतावे के अलावा कुछ नहीं मिलेगा पैसे कमाने के उपाय आइए जानते हैं दोस्तों पैसा कमाने के लिए ज्यादातर मामलों में यह देखा जाता है कि लोगों को पैसा कमाने का तरीका ही पता नहीं होता है जिससे वह जीवन में कभी भी सफल नहीं हो पाते हैं धनवान नहीं बन पाते हैं !

धनवान बनने के लिए पैसे कमाने के भी कुछ नियम होते हैं जिसका पालन करना जरूरी होता है जीवन में ज्यादा धनवान बनने के लिए धन को जमा करना और उसे काम पर लगाना आना भी जरूरी होता है तभी आप एक धनवान व्यक्ति बन सकते हैं आइए जानते हैं पैसा कमाने के सात तरीके जो आपको ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने में आपकी मदद कर सकते हैं पैसे कमाने का तरीका जानने से पहले यह जानना जरूरी है कि पैसे को किस प्रकार से कमाया जा सके धनवान बनने के लिए पैसों का होना बहुत जरूरी होता है और पैसा कमाने के लिए पैसा कमाने का तरीका जानना भी बहुत जरूरी होता है तो आइए जानते हैं कि पैसा कमाने के वह सात तरीके जिससे हम यह जानेंगे कि जल्दी पैसा कैसे कमाएं !

दोस्तों पैसा कमाने का पहला जो तरीका वह यह है कि ज्यादा पैसा कमाने पर ध्यान दें अक्सर लोग पैसे बचाने के पीछे जीवन भर भागते रहते हैं लेकिन यह किसी भी तरीके से सही नहीं है पैसा बचाना चाहिए मैं यह नहीं कहता कि आप पैसा ना बचाओ लेकिन पैसे बचाने की बजाय पैसा कमाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए और फिर आप अपने पैसों को ऐसी जगह पर इन्वेस्ट करें जहां से आपको अच्छा रिटर्न मिलता रहे बहुत लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने पैसों को बैंक में रखते हैं ऐसे ही बैंक में पैसे को रखने से कोई फायदा नहीं होता है इसलिए पैसे को सेविंग करने से ज्यादा कहीं पर इन्वेस्ट करने में ज्यादा ध्यान देना चाहिए!

ताकि आप आने वाले समय में खुद को आर्थिक रूप से मुक्त महसूस कर सकें दोस्तों पैसा कमाने का दूसरा तरीका यह कहता है कि पैसों से दो कदम आगे चलें मेरे कहने का मतलब यह नहीं है कि आप पैसे को छोड़कर आगे चले जाओ बल्कि मेरे कहने का मतलब यह है कि ऐसे काम करो जिसमें आपको पैसे के लिए काम ना करना पड़े बल्कि पैसा आपके लिए काम करें यानी अपने पैसे को ऐसी जगह पर लगाओ जहां पर आपको जाने या फिर वहां पर काम करने की जरूरत ना पड़े अगर मैं आपको एक एग्जांपल देकर बताऊं तो जैसे आप कोई घर खरीदकर उसे भाड़े पर दे देते हैं!

अब आपको वहां जाने की या फिर वहां पर काम करने की कोई जरूरत नहीं है हर महीना पैसा खुद बखुदा दे सकोगे अक्सर अमीर लोग कभी भी पैसे के पीछे नहीं भागते बल्कि वह लोग समय को ज्यादा सीखने और समझने में लगाते हैं फिर अपनी मंजिल की रफ्तार को और भी तेजी गति से बढ़ा लेते हैं इन सभी का कामों में मेहनत की भरपूर आवश्यकता होगी से भी अगर आप अपने सपने को बहुत कम उम्र में पूरा करना चाहते हैं तो अभी से मेहनत करना शुरू कर दो दोस्तों पैसा कमाने का तीसरा तरीका यह कहता है कि सीखें और कमाएं पैसा कमाने के लिए पैसे कमाने के पीछे होने वाले सारे गुण को सीखना होगा!

ताकि आप उसे पूरा कर पाएं सीखने या सिखाने में किसी भी तरह से पीछे ना रह और पैसे कमाने के लिए जितना हो सके उतना ज्यादा ज्ञान को अर्जित करें और उसके माध्यम से पैसे कमाएं ताकि आप जो भी स्टार्ट कर रहे हैं उसमें किसी भी प्रकार से कोई कमी ना हो पैसा कमाने के तरीके को जानने के लिए नए-नए लोगों से मिले और मौका मिले तो किसी के बिजनेस के बारे में जितना जान सके उतना जानने का प्रयास करें!

दोस्तों पैसा कमाने का चौथा तरीका यह है कि शुरुआत आज और अभी से ही कर दो अगर जीवन में अमीर बनना है तो पैसे कमाने का तरीका यह भी है किसी भी स्टार्ट एप को शुरू करने में आगे के दिनों पर ना डालकर उसकी शुरुआत जितनी जल्दी हो सके उतनी ही जल्दी शुरू कर दें क्योंकि इस दुनिया में सिर्फ आप ही नहीं रहते हो ऐसे ख्याल सबको आते हैं कल के चक्कर में कहीं आप पीछे ना रह जाओ तो इसीलिए आज और अभी से ही लग जाएं अपने काम पर ऐसा करने से आप आने वाले दिनों में जरूर आर्थिक रूप से मजबूत बन जाएंगे अमीर बनने का पांचवा तरीका यह है कि पैसों का हिसाब किताब रखें !

अगर जीवन में सफल होना है तो आप अी अपने जीवन में जो कुछ भी है उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है लेकिन एक आदत जरूर बनाए रखें वह आदत यह है कि पैसों का हिसाब किताब रखना यह आदत आपके आने वाले दिनों में आपके बहुत ही ज्यादा लाभकारी साबित हो सकती है अपने पैसों का नियमित हिसाब जरूर रखें ताकि आपको यह पता चल सके कि पैसों को कहां कितना इन्वेस्ट या खर्च करना है साथ ही पैसों को खर्च करते वक्त भी उसका हिसाब बनाना बहुत जरूरी होता है कई सारे लोग यहीं पर गलती करते हैं!

वे लोग सारे हिसाब किताब तो रखते हैं लेकिन खर्चे का हिसाब किताब नहीं रखते हैं जिससे उन्हें आने वाले समय में काफी नुकसान देख देखने को मिलता है पैसा कमाने का छठवां तरीका यह है कि बे फिजोल के खर्च से बचो कई लोग ऐसे होते हैं जो अपने पैसों का 80% खर्च अपनी शौक और घूमने फिरने में खर्च कर देते हैं जो कि बहुत ही गलत है यह आदत आपको कभी भी अमीर बनने नहीं देगी बे फिजोल खर्च करने के बजाय अपने पैसों को ऐसी जगह पर खर्च करो जहां आपको जरूरत हो किसी महंगे होटल में जाकर खाना खाने की बजाय पहले यह देख लो!

अपने कैरियर के लिए कुछ जरूरी चीजों की आवश्यकता तो नहीं है अगर है तो पहले अपनी जरूरत की चीजों को ही खरीदो स्टार्ट एप में उपयोग होने वाले सहायक चीजों को खरीदने में ज्यादा ध्यान दो पैसा कमाने का सातवां तरीका यह है कि धैर्य और संयम बनाए रखें दोस्तों आप पैसा कमाने का तरीका तो जान चुके हैं लेकिन इससे कब और कैसे कमाना है यह भी जानना बेहद जरूरी है किसी भी चीज को स्टार्ट करते ही आपको पैसा नहीं मिलने वाला हो सकता है उसमें आप फेल भी हो जाएं या तो यहां नौकरी करना ही बेहतर होगा और अमीर बनने के सपने को भूलना होगा !

क्योंकि जिंदगी भर नौकरी करने से कोई अमीर नहीं बन सकता इसीलिए आपको खुद ही कुछ ना कुछ ऐसा काम करना होगा जहां पैसा आपके लिए काम करता हो लेकिन इसके लिए आपको पहले पैसा कमाना होगा और फिर उस पैसे को ऐसी जगह लगाना होगा जहां दिन प्रतिदिन आपकी इनकम दुगुनी रफ्तार से बढ़ती जाए तो दोस्तों आज आपने जाना पैसा कमाने के सात तरीकों के बार बारे में यानी कि पैसा कमाने के ऐसे तरीके जिसमें पैसा कमाने के कुछ नियम आपको बताए गए हैं कि पैसे को कैसे कमाया जाता है और अमीर कैसे बनते हैं दोस्तों अगर आपको इस Article से कुछ भी सीखने को मिला हो तो इसे लाइक करें शेयर करें !आपका बहुत-बहुत धन धन्यवाद

आईपीएल मेगा ऑक्शन: ऋषभ पंत आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने, लखनऊ ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा; स्टार्क का रिकॉर्ड टूटा

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2025 के लिए मेगा ऑक्शन चल रहा है। शुरुआत में 12 मार्की खिलाड़ियों पर बोली लगाई गई थी। इस बार मार्की खिलाड़ियों की लिस्ट में सात भारतीय और पांच विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। ये सभी खिलाड़ी क्रिकेट जगत में काफी लोकप्रिय हैं, इन्होंने पिछले कुछ सालों में टी20 क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। सभी की निगाहें ऋषभ पंत पर थीं। नीलामी से पहले पंत को दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने रिलीज कर दिया था। उन पर बड़ी बोली लगनी तय थी और हुआ भी वही। लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम ने पंत को 27 करोड़ रुपये में खरीदा।

2016 के बाद पहली बार पंत दिल्ली के अलावा किसी दूसरी टीम के लिए खेलते नजर आएंगे। पंत हाल ही में शानदार फॉर्म में हैं। भारतीय स्टार बल्लेबाज ने आईपीएल मेगा ऑक्शन में तहलका मचा दिया है।

इससे पहले श्रेयस अय्यर आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। श्रेयस के लिए नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच कड़ी टक्कर थी, लेकिन पंजाब ने उन्हें 26.75 करोड़ रुपये में खरीदा। आईपीएल 2024 के विजेता कप्तान श्रेयस अय्यर को कोलकाता नाइट राइडर्स ने रिटेन नहीं किया। इसके बाद वे नीलामी में आए और आईपीएल के सबसे महंगे क्रिकेटर बन गए। आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में उन पर पैसों की बारिश हुई और उन्होंने नीलामी में सबसे महंगे खिलाड़ी के तौर पर मिशेल स्टार्क का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्हें पंजाब किंग्स की टीम ने 26.75 करोड़ रुपये में खरीदा। उन्होंने 2024 में केकेआर के लिए ट्रॉफी जीती। आपको बता दें कि, श्रेयस के लिए सबसे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच टक्कर हुई थी।

इसके बाद कोलकाता ने अपना नाम वापस ले लिया और फिर पंजाब किंग्स ने एंट्री की। फिर दिल्ली और पंजाब के बीच उन्हें खरीदने की होड़ मच गई। इस तरह उन्होंने 20 करोड़ और फिर स्टार्क और 25 करोड़ का आंकड़ा पार किया। इतना ही नहीं, वे आईपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी भी बन गए। पहली बार किसी खिलाड़ी के लिए 25 करोड़ रुपये से ज्यादा की बोली लगाई गई। पिछले साल मिनी ऑक्शन में मिशेल स्टार्क को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 24.75 करोड़ रुपये में खरीदा था। इस बार वे 11.75 करोड़ रुपये में दिल्ली में शामिल हुए।

श्रेयस अय्यर को अब पंजाब किंग्स ने 26.75 करोड़ रुपये में खरीदा है। आखिर तक दिल्ली कैपिटल्स ने श्रेयस पर बोली लगाई, लेकिन पंजाब के पास बड़ा पर्स है। ऐसे में उन्होंने श्रेयस अय्यर को चुना, जो कप्तानी भी करेंगे। वे पहले भी दिल्ली कैपिटल्स टीम की कप्तानी कर चुके हैं और फाइनल में जगह बना चुके हैं। वे इस साल केकेआर को चैंपियन बना चुके हैं। ऐसे में पीबीकेएस के लिए यह अच्छी डील है।

ट्रेन की चपेट में आने से एसएसबी जवान की मौत, 3 दिन बाद होनी थी शादी 

बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनी बीजेपी: विधानसभा उपचुनाव के बाद अब बीजेपी के पास 80 विधायक

ट्रेन की चपेट में आने से एसएसबी जवान की मौत, 3 दिन बाद होनी थी शादी

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बांका निवासी एसबी जवान उज्ज्वल कुमार चौधरी उर्फ ​​गोल्डेन की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। 26 वर्षीय उज्ज्वल शनिवार की देर शाम नाथनगर के रामपुर खुर्द स्थित धानुक टोला में हादसे का शिकार हो गया। वह बांका के टाउन थाना क्षेत्र के चमरेली चंदन नगर निवासी हलधर प्रसाद चौधरी का पुत्र था।

उज्ज्वल की 27 नवंबर को शादी होनी थी। वह खुद ही अपनी शादी के लिए मेहमानों को आमंत्रित करने निकला था। उज्ज्वल की मंगेतर की मां ने बताया कि शादी के लिए घर पर रिश्तेदार पहुंचने लगे थे। घर में खुशी का माहौल था, लड़के के परिजन 25 नवंबर को बारात लेने आने वाले थे, लेकिन अब हादसे के बाद घर में मातम पसरा है। दो साल पहले उज्ज्वल की एसएसबी में नौकरी लगी थी और उसकी पहली पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश में हुई थी। जिसके बाद वह फिलहाल दानापुर में तैनात था।

उज्ज्वल कुछ दिन पहले ही शादी के कारण गांव आया था। सभी रिश्तेदार भी उज्ज्वल की शादी की तैयारियों में जुटे थे। एक रिश्तेदार ने बताया कि उज्ज्वल जब भागलपुर आने के लिए बस में चढ़ा था, तो उसने कहा था कि वह नाथनगर थाने के पास एक दंत चिकित्सक के पास जा रहा है। उज्ज्वल की मौत की खबर सुनकर उसकी मंगेतर अपने भाई के साथ पहुंची, जो शव देखकर बदहवास हो गई।

बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनी बीजेपी: विधानसभा उपचुनाव के बाद अब बीजेपी के पास 80 विधायक 

बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनी बीजेपी: विधानसभा उपचुनाव के बाद अब बीजेपी के पास 80 विधायक

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बिहार में चार सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों के बाद अब बीजेपी बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. पहले बीजेपी के पास 78 विधायक थे, लेकिन अब तरारी और रामगढ़ विधानसभा सीटों पर बीजेपी की जीत के बाद बीजेपी के पास 80 विधायक हैं, जबकि आरजेडी के पास सबसे ज्यादा 79 विधायक थे, लेकिन दो सीटें हारने के बाद आरजेडी के पास 77 विधायक रह गए हैं.

जेडीयू के पास पहले से ही 45 विधायक थे, जो अब बेलागंज सीट जीतने के बाद 46 विधायक हो गए हैं. सीपीआई-एमएल के पास 12 विधायक थे, लेकिन तरारी सीट हारने के बाद सीपीआई-एमएल के पास 11 विधायक हैं. जीतन राम मांझी की चार सीटें बरकरार हैं. देखा जाए तो 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में विपक्षी महागठबंधन और भी कमजोर हो गया है. पहले महागठबंधन के पास 115 विधायक थे,

जो अब घटकर 112 विधायक रह गए हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल एनडीए के पास 128 विधायक थे, जो अब बढ़कर 131 विधायक हो गए हैं। वर्तमान में विधानसभा की 243 सीटों में से सत्तारूढ़ दल भाजपा के पास 80, जदयू के पास 46, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के पास 4 और निर्दलीय सुमित सिंह के पास 131 विधायक हैं। जबकि महागठबंधन में राजद के पास 77, कांग्रेस के पास 19, भाकपा (माले) के पास 11, भाकपा के पास 2, माकपा के पास 2 और एआईएमआईएम के पास 1 विधायक हैं, इस प्रकार विपक्ष में कुल 112 विधायक हैं।

What is credit card क्या आप भी लेना चाहते है? Reality and Facts | Debit card vs Credit Card

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बैंक अकाउंट में पैसे ना हो फिर भी सामान खरीद सकते हैं तो यह सिर्फ और सिर्फ क्रेडिट कार्ड से पॉसिबल है कहीं फोन पे google पे बेनिफिट भी देता है तो एक तरफ कुछ नुकसान भी होता है क्रेडिट कार्ड एक तरफ से बहुत ज्यादा फायदा भी पहुंचाता है तो बहुत ज्यादा नुकसान भी करता है ऐसे में समझना ये जरूरी है कि आखिर क्रेडिट कार्ड क्या होता है और डेबिट कार्ड से ये कैसे अलग होता है दोस्तों मैंने शुरुआत में बोला ना कि अगर आपके बैंक अकाउंट में पैसा नहीं है।

फिर भी खरीददारी करना है तो ये सिर्फ और सिर्फ क्रेडिट कार्ड से पॉसिबल है अदर वाइज कोई चीज फोन पे पर लेंगे तभी पॉसिबल है दूसरा कोई ऑप्शन नहीं होता है या कोई आपका जान पहचान है तो दे दे लेकिन कभी फोन पे पर कोई चीज जानते हैं मार्केट में ट्रांसफर करने की जरूरत पड़ जाती है।

आपके बैंक अकाउंट में पैसा नहीं है जिससे लिंक्ड है तो ऐसे में सोचेंगे यार अब क्या करें तो यह भी पॉसिबल है कि क्रेडिट कार्ड अगर आपके पास है तो अगले को ट्रांसफर कर सकते हैं तो मन में एक आता है ना कि आखिर कैसे हो जाता है ।

यह आप सभी को ऑलरेडी पहले से क्रेडिट कार्ड के बारे में थोड़ा बहुत तो जरूर मालूम होगा किसी का आप सुने होंगे कि अरे फलाने के पास क्रेडिट कार्ड है लेकिन असल में जानते हैं कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल क्या होता है और इसकी एक आदत खराब होने के कारण जो है।

लोग इसका बहुत ज्यादा खम याज भी भुगत होता है तो दोस्तों क्रेडिट कार्ड कुछ नहीं है बैंक के द्वारा या किसी एन वी एफसी के द्वारा जो है एक ऐसा कार्ड इशू किया जाता है जिसमें एक लिमिट तय किया जाता है कि आप उतने तक का खर्च जो है बिना पैसे आपके पास रहते हुए भी कर सकते हैं और ये पैसा देगा कौन तो क्रेडिट कार्ड इशू करने ने वाली कंपनी देगी ।

यह कंपनी कहती है कि आपको मैं एक क्रेडिट कार्ड देता हूं जिसको मतलब एक कार्ड देता हूं इसको क्रेडिट कार्ड कहते हैं और इसमें आपको एक लिमिट तय करता हूं जैसे कि हर चीज का एक लिमिट होता है ना जैसे बैंक अकाउंट है तो आप में जितना पैसा होता है उतना तक तो स्पेंड कर सकते हैं।

ना जैसे अगर आपके अकाउंट में ₹1 लाख है तो आप कहीं जाते हैं कोई भी चीज खरीदारी करने के लिए तो ₹1 लाख तक तो खर्च कर ही सकते हैं लेकिन अगर अकाउंट में जीरो बैलेंस है तो कुछ नहीं खर्च कर सकते इसी तरह से जब आपको क्रेडिट कार्ड इशू किया जाता है ।

जो क्रेडिट कार्ड कंपनी आपको देती है चाहे वह बैंक हो या दूसरी कंपनी हो तो यह लोग जो है आपके जो है बहुत सारे डाटा के बेस पे बहुत सारे रिक्वायरमेंट और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के बेस पे यह तय करते हैं कि आपकी क्रेडिट कार्ड का लिमिट कितना होना चाहिए।

जैसे कि किसी को 15000 भी हो सकता है किसी को 50000 भी हो सकता है किसी को 1 लाख हो जाएगा किसी को 5 लाख 2 लाख 3 लाख जैसे भी हो आपके जो है जितने भी डाटा है उस डटा को एनालाइज करने के बाद यह लिमिट तय किया जाता है कि इतना तक अगर आपको दिया जाए तो इतने लिमिट तक के पैसे को आप कहीं भी ऑनलाइन खर्च कर सकते हैं।

या जहां पे भी क्रेडिट कार्ड एक्सेप्ट किया जाता है वहां खर्च कर सकते हैं आपको कोई नहीं रोकने वाला है आपके बैंक अकाउंट में हो या ना हो लेकिन यह क्रेडिट कार्ड कंपनियां जो है आपके बदले में यह पैसे देगी आपके मन में ये सवाल आएगा अरे वाह बहुत बढ़िया बात है अकाउंट में पैसा नहीं फिर भी खर्च कर सकते हैं।

लेकिन सवाल आएगा कि यार जान पहचान वाले तो जल्दी पैसा नहीं देते हैं ये कंपनी वाले पैसा कैसे दे देते हैं आखिर यह जब भी पैसा ट्रांस ट्रांसफर करेंगे किसी को क्योंकि रूप जो क्रेडिट कार्ड जब से आया है तब से आप फोन पे google पे ट्रांसफर होता है तो वह जो पैसा देगा वह क्रेडिट कार्ड कंपनी देती है ।

अब आपको जब भी क्रेडिट कार्ड कंपनी क्रेडिट कार्ड देगी ना तो बहुत सारे लिमिट दय करेंगे बहुत सारे टर्म एंड कंडीशन होगा और उसी में आपको जो फैसिलिटी मिलेगा वो मिलेगा कि कितने टाइम पीरियड तक जो है आप बिना कोई चार्जेज का बिना कोई मतलब कि ट्रांजैक्शन फी का कुछ भी आपको नहीं देना है ।

बस आप इस्तेमाल कर लीजिए जैसे मेरे केस में 55 दिन का जो है टाइम पीरियड मिला है जहां पे मैं आराम से यूज कर सकता हूं 55 दिन मतलब 54 दिन तक तो इस्तेमाल कर सकता हूं 55 में दिन जो है मुझे हर हाल में जो पैसा मैंने इस्तेमाल किया है उसको अकाउंट में क्रेडिट कार्ड के अकाउंट जो एक अकाउंट नंबर जनरेट होगा उसमें जो कार्ड नंबर होगा उस पे जो है।

पेड कर देना होगा मतलब सीधी से समझ लीजिए कि मैं 55 दिन का उधारी लिया अगर उधारी नहीं दे पाए तो इसके बाद किस्त में कन्वर्ट कर दिया जाता है तो सपोज कि आपके पास अगर क्रेडिट कार्ड रहता है और कहीं इमरजेंसी पर जाता है तो क्या फायदा हो जाएगा ।

फायदा यह हो जाएगा कि आप जो है उतने पैसे जितना जरूरत है जितना लिमिट है उस लिमिट के दायरे में आप इस इस्तेमाल कर लीजिए आपको जो एक महीने डेढ़ महीने जो भी टाइम पीरियड मिलता होगा उस टाइम पीरियड तक में आप टेंशन फ्री रहिए जैसे किसी से उधार लेकर कोई काम कर लिए और इसके बाद पैसे को चुका दिए अगर नहीं चुका पाए।

तब जाकर के ये कंपनियां जो है क्रेडिट कार्ड कंपनी ईम में कन्वर्ट करने का ऑप्शन देगी कि चलो कोई बात नहीं आप पैसा नहीं चुका पाए आपको फाइन देने की जरूरत नहीं है आप जो है पैसे को किस्त में आप जो है एज ए लोन की तरह जो है रेट ऑफ इंटरेस्ट वहां पे लगेगा ।

और जो भी किस्त आप बनाएंगे उस किस्त में पैसे को चुका दीजिए और अगर मिस कर गए तो फिर फाइन लगना शुरू हो जाएगा और हैवी पेनल्टी भी लगेगा तो दोस्तों कहीं ना कहीं एक बेनिफिशियल यह हो जाता है कि आपको जरूरत है और जरूरत के समय जब कोई आपका रिलेटिव दोस्त नहीं देता है।

पैसा तो ऐसे में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके आप काम कर सकते हैं नुकसान यह है कि आपका बिहेवियर हैबिट खराब हो गया तो आपको पेनल्टी भी देना पड़ सकता है तो ये आप पे डिपेंड होता है कि आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कैसे करते हैं डेबिट कार्ड जब तक आपके अकाउंट में पैसा है ।

ये 4 सच्ची कहानी आपकी सोच बदल देगी || dr vikas Divyakirti best Hindi motivational speech 2024

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मैं सच्ची कहानियां सुनाना पसंद करता हूं झूठ बोलने से बचता हूं मैं आपको तीन चार छोटी छोटी कहानियां सुना रहा हूं यह सारी कहानिया सच्ची है एक एक प्रतिशत सच्ची है पर मैं किसी का नाम नहीं लूंगा जिनकी कहानी उनका नाम नहीं लूंगा उनकी प्राइवेसी का मामला है पर हां सच्ची कहानी है अच्छी बात है कि इन कहानियों के किरदार हम लोग नहीं बने ईश्वर करे हम कभी ना बने लेकिन कहानिया सच्ची है जब मैं दिल्ली आया था 90 में मैं हरियाणा के शहर से भिवानी से दिल्ली आया था पढ़ने के लिए मेरे ड्रीम कॉलेज में हंसराज भी एक था पर मेरा संयुक्त से मेरा एडमिशन जाकिर हुसैन में हुआ मेरे अंक ठीक थे यहां हो सकता था !

पर मैं तो नई दिल्ली स्टेशन पर उतरा बाहर निकला पता लगा वहीं एक कॉलेज है वही एडमिशन ले लिया मैंने तो लोगों ने कहा कि र कैंपस बड़ा अच्छा होता है मैंने क्या फर्क पड़ता है कॉलेज कॉलेज होता है छो यही छो में सिखाने आया हूं आप लोगों को ठीक है स्टेशन से निकले वही कॉलेज है मैंने घर जाना होगा तो आराम से कॉलेज से निकल जाएंगे क्या रखा कैंपस में पर मेरा एक दोस्त जो मेरे साथ ही आया था उसी शहर से उसने एडमिशन हंसराज कॉलेज में लिया मैं और वह स्कूल के डिबेटर थे डिबेटिंग में हम लोग स्कूल टाइम से काफी एक्टिव थे डीयू में तो यहां भी एक्टिव रहे डीयू में मैंने करीब पा साल डिबेटिंग की मेरा ख्याल है !

कि लगभग मतलब तीन चार 400 डिबेट मैंने जीती होंगी डीयू में कुछ हरी भी होंगे लेकिन मैंने खूब डिबेट वो मेरा दरअसल दाना पानी था रोजी रोटी मेरी वही थी कॉलेज के दिनों में घर से पैसे में लेता नहीं था मिलते भी नहीं थे देना क्या था म ऐसी स्थिति भी नहीं थी उस समय मेरे घर में की मिल सके तो डिबेटिंग मेरा रोजगार था एंप्लॉयमेंट था मेरा उससे काम चल जाता था आराम से उसका भी चल जाता था व हंसराज से था मैं जाकर हुसैन से था हम खूब डिबेट से मिलते थे!

अक्सर ट्रॉफी या तो हम जीते थे या वो जीतता था कोई भी रूम पर ही आती थी क्योंकि हम रूम मेट थे एक साथी रहते थे वो मुझसे योग्यताओं के मामले में 21 था बल्कि अगर व 21 था तो मैं 15 ही रहा हगा या 12 रहा हूंगा 22 या 21 तो नहीं रहागा बसे बेहतर था योग्यताओं में बड़ा अच्छा व्यक्ति था ग्रेजुएशन के बाद मैंने एमए हिंदी साहित्य में एडमिशन लिया जबकि बीए ऑनर्स एसटी में किया था मैंने उसने तय किया कि वो कुछ और करेगा प्रोफेशनल कोर्स करेगा नौकरी करेगा तो वो चला गया दिल्ली से मैं दिल्ली में रहा फिर मैं एमए के बाद तैयारी करने लगा यूपीएससी की तब तक मैं यूजीसी जेआरएफ कर चुका था !

पहला अटेंप्ट दिया प्रीलिम्स हो गया मेंस मेरा 96 के मेंस की बात कर रहा हूं मेंस शुरू होने वाला था दो दिन रह गए थे करीब 10 दिन पहले वो मेरे पास आया हुआ था दिल्ली में मिलजुल के अच्छे से बात करके गया था उन दिनों उसका एक प्रेम संबंध कहीं हमारे ही एक मित्र के साथ चल रहा था हम सब दोस्त थे तो उनमें से दो लोगों का आपस में अफेयर था मुझे नहीं पता क्या हुआ लेकिन मेरे मेन एग्जाम से दो दिन पहले रात को 12 बजे एक फोन आया और यह बताया गया कि मेरे दोस्त ने फंदा लगाकर अपनी जीवन ला समाप्त कर ली है व दिल्ली से दूर था !

कहीं और जिस व्यक्ति के बारे में मेरी राय यह थी कि उतना जीवट वाला कोई हो नहीं सकता जो जिंदगी से हार सकता ही नहीं जिसके होने से कई लोग हमेशा जीता हुआ महसूस करते हैं वह चुपचाप एक बंद कमरे में जिंदगी से हर गया मैं आज तक नहीं समझ पाया कि ऐसा कैसे हुआ बाद में टटोला उसके पेरेंट से बात हुई भाई से बात हुई उन्होंने उसकी याद में एक सोशल वर्क शुरू किया ताकि किसी और बच्चे को ऐसा ना करना पड़े तो जो हल्का हल्का अनुमान हुआ वो कि शायद कुछ ऐसा था रिलेशनशिप में जो नहीं संभल पाया था और रिश्ता टूट ना जाए इसका दबाव बहुत ज्यादा था और व दबाव झेल नहीं पाया इस उम्र में ऐसा ऐसा फेज आता है !

कई बार आता है यह कहानी है हंसराज कॉलेज से ही जुड़ी है इसलिए मैंने सोचा कि वही से बात शुरू करू नाम जैसा कि मैंने कहा मैं नहीं बताऊंगा तो नाम बताने का मतलब भी नहीं और वो जिसकी मैं कहानी सुना रहा हूं आप लोग के जन्म से पहले की बात है आप तो सब 21 सदी वाले बच्चे होंगे ना जनही होंगे आप सब लोग तो तो यह तो बहुत पुरानी बात है एक दूसरी कहानी सुनाता हूं मैं आपको दो तीन कहानिया सुनाऊंगा !

फिर उन सबका सार निकाल लेंगे साथ हम दूसरी कहानी यह है कि जब मेरा सिलेक्शन हो गया 97 में मतलब 96 अटम में पहली बार में मेरा सिलेक्शन हो गया था मैं एक्सटेंशन लेकर तैयारी रहा था और डीयू में मैं पढ़ा भी रहा था उस समय तब मैं शायद डीएवी कॉलेज में था या अग्रेस मैंने दो जगह पढ़ाया डीयू में तो उनमें से किसी कॉलेज में पढ़ा रहा था उस समय में तो उस समय एक लाइब्रेरी है कैंपस में सेंट्रल रेफरेंस लाइब्रेरी आप जानते होंगे सीआरएल बोलते हैं जो विवेकानंद जी की स्टैचू सामने ही वो लाइब्रेरी है उस लाइब्रेरी में नीचे सब बैठ के पढ़ते हैं और टॉप फ्लोर प रिसर्च फ्लोर है जहां एमफिल पीएचडी वाले बच्चे पढ़ते हैं मैं उस समय शद पीएचडी कर रहा था य एमफी खत्म हुई थी वही बैठता था पढ़ता था !

रोज कई दोस्त पढ़ते थे हम लोग वहां हम सुबह 8:00 बजे लाइब्रेरी खुलते ही व घुसते थे रात को एक बजे निकलते थे लाइब्रेरी बंद होने के समय तो वहां एक छत थी छत पर छोटी सी कैंटीन थी जहां हम लोग जब जब बोर होते थे दिन में तीन चार बार जाकर चाय पीते थे चाय पी ली बिस्किट खा लिया थोड़ी गप्पे मार ली व सब बहा करते थे तो मेरे बहुत सारे दोस्त थे उनमें से कई लोग अब बहुत सीनियर सिविल सर्वेंट्स हैं कुछ लोग प्रोफेसर्स है डीयू में दो बच्चे थे मुझसे जूनियर तीन चार साल जूनियर थे बड़े प्यारे बच्चे थे मुझे उस समय तक पढ़ाई लिखाई का शौक अच्छा खासा हो गया था तो वह रोज मेरे साथ बैठते थे!

केवल बात करने के लिए किसी मुद्दे पर बहस करनी है तो बहस होती थी समझते से फिर मुझे पता लगा कि वो रिलेशनशिप में है रिश्ते में है दोनों ने शादी भी कर ली उनकी योजना डीयू में पढ़ाने की थी या सिविल सर्विस की भी थी शायद पता नहीं मेरा इंटरेक्शन बहुत ज्यादा उसके बाद रहा नहीं उनसे क्योंकि मैं सर्विस में चला गया था इतने जिज्ञासु बच्चे से दोनों इतने जिज्ञासु कि उनसे मिलकर तबीयत खुश हो जाती थ हर चीज जानने का मन करता था उनका हर विषय पढ़ने का मन करता था एकदम जीवन से भरे हुए बच्चे आंखों में चमक ऐसे फिर दोनों की शादी हुई तो मैं शादी में जा नहीं पाया क्योंकि मेरा रिश्ता सिर्फ लाइब्रेरी में एक घंटा गप मारने वाला था !

उससे ज्यादा था नहीं रिश्ता उनके साथ फिर सुनता रहता था कि मैं सब बढ़िया चल रहे पढ़ाई कर रहे हैं तैयारी कर रहे हैं इंटरकास्ट मैरिज की उन लोगों ने खूब हंगामा हुआ दोनों घर में तलवारें खींच गई किसी तरह से तलवारें संभाली गई मैनेज हुआ दोनों साथ रहने लगे और फिर तीन चार साल के बाद एक दिन मैंने खबर सुनी कि उस बच्ची ने फंदा लगा के जीवन लीला समाप्त कर ली यह बात भी दिल्ली विश्वविद्यालय की उस दौर के सब लोग इस कहानी को जानते हैं मेरे ख्याल से दोनों कहानी आपके प्रिंसिपल मैडम जानती होंगी !

नहीं ध्यान कर पा रही हो तो मैं उनको जैसे ही नाम बोलूंगा अकेले में वो तुरंत समझ जाएंगे मैं किसकी बात कर रहा हूं मैं आज तक नहीं समझ पाया कि ऐसा क्या हुआ होगा तो बाद में अनुमान जो हुआ वो यह इंटरकास्ट मैरिज परिवार का दबाव समाज का दबाव आपस के दबाव टॉक्सिक रिलेशनशिप अंत में उस दबाव को न झेल पाना और जीवन समाप्त कर देना यह हुआ यह दो घटनाए हैं एक तीसरी घटना यह है कि दिल्ली में आज से 25 साल पहले घटना घटी आप लोग तोत बस पैदा हुए होंगे घुटनों में चल रहे होंगे !

उससे पा सा साल पहले की बात रही होगी यह घटना दिल्ली के सब सीनियर लोग जानते हैं जिनकी उम्र 35 40 साल है व सब जानते हैं घटना को मोबाइल फोन में वीडियो नया नया आया था उस समय अब तो आपके हर फोन में वीडियो है अब तो सामने भी है ताकि आप वैसा वाला मुह बना के सेल्फी सके पाउट बोलते हैं ना मैं उसको देसी भाषा में सूर जैसा मुंह बोलता हूं और वैसा ही बनता भी है क्यूट क्यूट सा सवर जैसा मुंह बना के लोग सेल्फी खिच वाते हैं उससे बोलते पाउट तब तो कैमरा फोन में पहली बार आया था !

तब लोग अभ्यस्त नहीं थे अब जैसे आप लोग कितने अभ्यस्त होंगे हम भी होने लग गए अब तो अब हम किसी से बात करते हैं तो हम ये एज्यूम करके चलते हैं कि उसने फोन में कुछ ना कुछ ऑन कर रखा होगा या तो आवाज रिकॉर्ड करेगा या वीडियो बनाएगा तुम कितने केयरफुल हो के बोलते हैं कितने कॉन्शियस रहते हैं और सर्विलांस सोसाइटी की सबसे बुरी बात यह है कि हम हमेशा चौकन रहते हैं हम सहज हो ही नहीं पाते सहज रूप से दो लोग बात कर ले हो ही नहीं पाता तो मैं तो अपने ऑफिस में कई बार ऐसा करता हूं!

जब हम तीन चार लोग बैठते हैं इनफॉर्मल बातचीत के लिए हम सब अपना अपना फोन कमरे के बाहर छोड़ के आ जाते हैं फिर दो घंटे बात करते हैं इस भय से मुक्त होकर कि कहीं कोई और तो नहीं कर रहा ये हालत है आज की उस जमाने में तो फोन थे मोबाइल फोन आया था भारत में लगभग 1995 के आसपास पहली बार बड़ा महंगा था ₹1 प्रति मिनट इनकमिंग ₹1 प्रति मिनट आउट गोइंग ये रेट से उस समय और फोन वो थे जिनसे आप कील भी ठोक सकते हैं वैसे वाले फोन थे बटन वाले फोन थे पहली बार किसी कंपनी ने फोन में कैमरा लगा दिया !

यह बात उस समय के लोग नहीं समझते थे जब भी नई तकनीक आती है उसको समझने में टाइम लगता है जो पहले समझते हैं फायदा उठा लेते हैं जो थोड़ा लेट समझते हैं वह उसका नुकसान उठाते हैं उस समय दिल्ली के एक प्रसिद्ध स्कूल में 11वी 12वीं क्लास के दो बच्चों में आपस में कोई रिलेशनशिप रही होगी वो दोनों किसी ऐसी सिचुएशन में थे जो सिचुएशन बहुत ही प्राइवेट किस्म की थी बहुत निजी किस्म की थी जिसको पब्लिक नहीं कर सकते कुछ कुछ फिजिकल रिलेशनशिप जैसा मामला था उस दुष्ट लड़के ने लड़कों के इतिहास को कलंकित लड़को का इतिहास वैसे भी कलंकित ज्यादा है उसे और कलंकित करते हुए उस पूरे सिचुएशन का वीडियो बना लिया ऐसे मामलों में दुर्भाग्य है!

मैं लड़का हूं इसलिए लड़के पवित्र थोड़ ना हो जाएंगे है इतिहास कलंकित तो है उसका वीडियो बना लिया और दुष्टता का चरम स्तर निभाते हुए वह वीडियो अपने दोस्त को शेयर कर दिया यह कह के किसी और को दिखाना मत जैसा कि होता है अओ की दुनिया में हर अफवा एक व्यक्ति एक को ही बताता है यह कह के किसी और को मत बताना और अगला व्यक्ति भी अगले को यही कह के बोलता किसी और को मत बताना और इस तरह से पूरे शहर को खबर होती है और सबको लगता है कि सिर्फ मुझे पता है वो वीडियो ये फैल गया नए-नए फोन आए थे!

वो फोन कम लोगों के पास थे कैमरे वाले फोन तो फोन से कितना फैलता ज्यादा नहीं फैला लेकिन उस समय दिल्ली की कुख्यात मार्केट हुआ करती थी पालिका बाजार अभी भी है पर तब वो कुछ और कामों के लिए कुख्यात हुआ करते थी अब तो कपड़े मिलते हैं तब कपड़ों के साथ कई चीज और मिलती थी वहां जैसे गंदी फिल्मों की सीढ़ी चाहिए हो! तो वहां मिलती थी ग्रे मार्केट में चोरी छिपे इस वीडियो को सीडी में कन्वर्ट करके लोगों ने वहां से खरीदा लाखों करोड़ों की संख्या में नए-नए टेलीविजन चैनल प्राइवेट आए थे और प्राइवेट टीवी चैनल को खबरों की भूख इतनी होती है! कि वह खबर के लिए जान दे सकता है और जान ले भी सकता है किसी की 2400 घंटे इस खबर पर इस चीज पर खबरें चल रही थी सारे चैनल्स में कि यह वो लड़का है जिसने ऐसा किया यह वो लड़की है यह वो स्कूल है स्कूल की प्रिंसिपल से बात करेंगे इससे बात करेंगे व जो बच्ची थी जिसकी इसमें कोई गलती नहीं थी!

सिवाय इसके कि वह किसी एक लड़के से प्रेम करती थी जो कि उस उम्र में बच्चे कर बैठते हैं इसके लिए बहुत चिल्प बचानी चाहिए बच्चों को आप हर बात पर अपराधी नहीं मान सकते उस बच्चे की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने अपने दोस्त पर भरोसा किया जो भरोसे के लायक था नहीं व नीच किस्म का व्यक्ति था जिसने उस संबंध की गरिमा को समझा नहीं उस बच्ची के घर के बाहर 2400 घंटे न्यूज चैनल से कैमरे खड़े रहे घर से कोई भी निकले 50 कैमरे पीछे आप बताइए आपकी बेटी कैसी आप बताइए आपकी बहन कैसी है अंत में उस पिता ने अपनी बच्ची को इस देश से बाहर भेज  दिया!

उसके कुछ दिन बाद की जो खबर टीवी चैनल से नहीं दिखाई उसके पिता ने आत्महत्या कर ली यह तीसरा इंसीडेंस है यह सारी खबरें सच्ची बता रहा हूं मैं इनम से एक भी झूठ नहीं है झूठी कहानियों से मोटिवेशन दिया जा सकता है मैं जानता हूं पर जब सच्ची कहानियां है तो मैं झूठ क्यों बोलू सारी सच्ची कहानियां बता रहा हूं मैं आपको एक चौथी कहानी जो आप में से कई लोगों की होगी मेरा एक स्टूडेंट है सिविल सर्वेंट है सीनियर लेवल पे है करीब 40 साल का है उसने आज तक शादी नहीं की क्या उसकी शादी करने की इच्छा नहीं थी पूरी इच्छा थी फिर क्यों शादी नहीं की भाई कुछ लोग तो होते कि शादी करनी ही नहीं कोई मिशन है योगी जी है मोदी जी है ठीक है उनका तो मिशन है!

ममता जी है उनका मिशन है पर जिसका जीवन में ऐसा कोई मिशन नहीं है और जिसको प्रेम करने का मन भी करता हो वह तो शादी करता है आमतौर पर उसने शादी क्यों नहीं की जानते जब 25 26 की उम्र उ में था जब वो मेरा विद्यार्थी भी था एक दिन मेरे पास आ ग बोले कि सर एक बात करना चाहता हूं मुझसे मेरे स्टूडेंट्स ऐसी बातें खूब करते हैं पर्सनली आ के अब तो मैं टाइम कम दे पाता हूं पहले तो य सब होता रहता था क्लास के अलावा एकदम रोता हुआ आया आंखों में आंसू भरे हुए बहुत सारे अरे क्या हो गया भाई तो फिर उसने किसी का नाम बताया कि सर वो वही मेरी स्टूडेंट थी!

कि सर उसे स रिलेशनशिप थी उसने धोखा दिया है मुझे अच्छा धोखा देने वाली कहानिया मुझे बहुत अपील नहीं करती मेरा मानना है कि दोनों पक्षों की गलतियां होती हैं आप केवल अपने पर्सपेक्टिव से सोच सोच के धोखा धोखा करते रहते हैं ऐसा थोड़ ना होता है भाई कुछ तो मजबूरियां रही होंगी कोई यूं ही बेवफा नहीं होता कुछ तो वजह होगी ना आप थोड़ा उसकी वजह उसका भी तो उसकी कहानी भी तो सुनी है और मैं जब जब दोनों कहानियां सुनता हूं !

मुझे लगता है कि मामला ग्रेह है आप किसी एक उठ नहीं सकते इसने ऐसा किया दोनों की गलतिया होती है ऐसा थो कि एक की होती है बहरहाल इन भाई साहब को ऐसा लगा कि धोखा हो गया उनके साथ तो मैंने चलो कोई बात नहीं यार हो गया तो हो गया तू नहीं कोई और सही ऐसा क्या है इतनी बड़ी दुनिया है आ अरब की आबादी है उस समय भी छ सात अरब तो थी मैंने कहा साढ़े अरब 350 करोड़ में कोई तो होगी तुम्हारे लिए ऐसा क्या है कोई और देखेंगे पर वो थोड़ा ज्यादा सेंटीमेंटल था उस समय धीरे-धीरे पता नहीं उसके मन में क्या बैठ गया उसके मन में यह बैठा कि दुनिया की सारी लड़कियां धोखेबाज होती है ऐसे मूर्खों की कमी नहीं है दुनिया में ऐसे बहुत मूर्ख है दर्शन की दुनिया में इसे अवैध सामान्य करण कहते हैं !

इलिसिट जनरलाइजेशन इसका मतलब बहुत छोटे सैंपल के बेस प यह समझ लेना कि ये थरी पूरे ब्रह्मांड पर लागू होती है एक लड़की ने धोखा दिया मान लीजिए दिया धोखा इसने दिया कि उसने दिया कि किसीने दिया जो भी कहानी हो एक सैंपल से यह मान लेना कि सब ऐसे होते हैं और उसके बाद से उसने कम से कम 10 बार कोशिश की 10 लोगों से मिला बातचीत की शादी के लिए डेटिंग तो क्या करेगा 40 की उम्र में लेकिन हां बातचीत करके देखा कि शायद रुचिया मिल जाए स्वभाव मिल जाए तो शादी के बारे में सोचे हर बार तीन चार पांच मीटिंग के बाद वापस जाता है अब तो मैंने पूछना बंद कर दिया है जब तक मैं पूछता था बोलता था कि सर तीन चार मीटिंग के बाद लगता कि यह भी वैसे ही है मैंने कहा भूल जाओ भाई उसे भूल जाओ बात खत्म हो गई उसके बच्चे घूम रहे हैं !

आजकल स्कूल में अब तुम कम से कम शादी तो कर लो वो भाई साहब आज तक अकेले हैं और अब तो बाजार में मूल्य भी कम हो गया उनका अब विकल्प ज्यादा नहीं मिलते हैं अब जो विकल्प मिल रहे हैं वहां उसकी रुचि और कम हो गई है तो पूरी संभावना है कि वह जीवन अकेले ही गुजरेगा उसका एक अंतिम एग्जांपल देकर फिर मैं निष्कर्ष की तरफ बढूंगा मैं एक आईएएस ऑफिसर को जानता हूं दो आईपीएस को जानता हूं बहुत योग्य लोग देश के सबसे अच्छे संस्थाओं से पढ़े हुए लोग प्रॉपर आईएस प्रॉपर आईपीएस में नौकरी कर वाले लोग और इन तीनों ने अपना जीवन समाप्त कर लिया नौकरी में रहते हुए क्यों क्योंकि नौकरी और घरेलू जो दो विधाए थी उनको झेल नहीं पा रहे थे ना झेल पा रहे थे !

ना भूल पा रहे थे लेट गो नहीं कर पाए तो गिव अप कर दिया और इसलिए मुझे अक्सर लगता है कि चीज सिखाते हैं बच्चों को हिस्ट्री इकोनॉमिक्स लिटरेचर वह सब ठीक है उनका भी महत्व है शायद उससे ज्यादा महत्व इस चीज का है कि यह समझे कि अपने इमोशंस को कैसे मैनेज करना है जब जीवन में ऐसा लगे कि सब खत्म हो गया है जब जीवन में लगे कि बहुत टॉक्सिक किस्म की लाइफ हो गई है उससे बाहर कैसे निकले शायद यह सबसे महत्त्वपूर्ण लेसन होता है जो हम सबको सीखना चाहिए मैंने कहीं से सीखा नहीं है ना मैंने ऐसी किताबें पढ़ी है!

हालांकि मैंने दो किताबें मंगवाई है पिछले हफ्ते पढ़ी नहीं है अभी तक तो मैं किताबों के बेस में नहीं जानता कैसे सीखते हैं लेकिन जिंदगी से तुम सीख सकते हैं इन कहानियों का सबका एक ही सार है वजह अलग-अलग है एक व्यक्ति ने इसलिए अपना जीवन समाप्त किया कि वो रिश्ता उसके हाथ से छूट रहा था एक ने इसलिए जीवन समाप्त किया कि रिश्ता बन गया था पर समाज के दबाव घर के दबाव मैनेज नहीं कर पाए एक ने जिंदगी भर शादी नहीं की सिर्फ इसलिए कि वह पुरानी यादों को भूल नहीं पाया अरे एक बार गलती हो गई तो हो गई आगे तो संभावना जीवन में है !

भाई क्यों इतना हावी रखने उस दिमाग के ऊपर कुछ लोग देश की सबसे अच्छी नौकरी में होकर हर पैमाने पर सफलता की हर कसम खरा उतरने के बाद जीवन नहीं बचा पाए क्योंकि दूसरों की नजर में आप बहुत सफल हो जाए अपनी नजर में शुन्य हो तो फिर जीवन कैसे बने जीवन कैसे बचे इन सारी कहानियों का मूल भाव एक ही है अगर आप खुद को हैंडल नहीं कर सकते तो दुनिया को क्या हैंडल करेंगे दुनिया को हैंडल करने से पहले खुद को हैंडल करना सीखना पड़ता है और उसका सबसे आसान जो राम बाण उपाय है उसको बोलते हैं द आर्ट ऑफ लेटिंग गो जाने दो वह अफसाना जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुमकिन उसे एक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ना अच्छा साहिर ने लिखा

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