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वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को लेकर राबड़ी का सीएम नीतीश पर हमला, जानें क्या कहा

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बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान गुरुवार को विधान परिषद में विपक्षी सदस्यों ने वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक 2024 का पुरजोर विरोध किया और इसका विरोध भी किया. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि वक्फ बोर्ड विधेयक को लेकर नीतीश कुमार की नीति स्पष्ट नहीं है.

राबड़ी देवी ने कहा कि नीतीश कुमार दोनों पक्षों की बात करते हैं. आपको समझना चाहिए कि वह इस संशोधन अधिनियम के बारे में कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कह रहे हैं. इसका मतलब कुछ और हो सकता है. उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए.

राबड़ी देवी ने कहा कि अगर नीतीश चुप रहते हैं तो यह माना जाएगा कि वह इस विधेयक के खिलाफ हैं, लेकिन उनके नेता विधेयक का समर्थन कर रहे हैं. इसका मतलब यह है कि नीतीश कुमार दोनों पक्षों की मां बन गए हैं. इस विधेयक को लेकर पटना में अल्पसंख्यकों द्वारा एक बैठक बुलाई गई थी लेकिन सीएम इसमें शामिल नहीं हुए. उन्हें जाना चाहिए था.

चिराग पासवान ने घायल की मदद की, बीच सड़क पर गाड़ी रोककर युवक को पहुंचाया अस्पताल

चिराग पासवान ने घायल की मदद की, बीच सड़क पर गाड़ी रोककर युवक को पहुंचाया अस्पताल

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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान न सिर्फ अपनी तीखी राजनीति के लिए जाने जाते हैं, बल्कि अपने मानवीय गुणों के लिए भी अक्सर चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर उन्होंने मानवता और संवेदनशीलता दिखाते हुए एक युवक की मदद की है। उन्होंने दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय रहते अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी

दरअसल, चिराग पासवान एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने गया गए थे। गया से पटना आने के दौरान नौबतपुर के वीरपुर गांव के पास एक लड़का दुर्घटना के बाद सड़क पर पड़ा था। घायल युवक को देखते ही केंद्रीय मंत्री ने अपनी गाड़ी रुकवाई। साथ चल रहे लोगों की मदद से उन्होंने युवक को उठाया और गाड़ी में डालकर अस्पताल भिजवाया।

दुर्घटना में घायल युवक का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें चिराग पासवान मदद करते नजर आ रहे हैं। घटना 27 नवंबर की रात करीब 9 बजे की है, जब घायलों को देखकर केंद्रीय मंत्री ने अपनी गाड़ी रुकवाई और उनकी मदद के लिए गाड़ी से उतर गए।

सदन में बैठक व्यवस्था पर भड़के तेजस्वी यादव, बागी राजद विधायकों पर कार्रवाई क्यों नहीं करते स्पीकर?

आज बिहार विधानसभा में सीट व्यवस्था के हिसाब से विधायकों के नहीं बैठने को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने हंगामा किया. आरजेडी विधायक आलोक मेहता ने विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव से पूछा था कि विधायक जहां बैठने की व्यवस्था है, वहां क्यों नहीं बैठ रहे हैं? साथ ही उन बागी विधायकों पर क्या कार्रवाई की जा रही है? इस पर अध्यक्ष द्वारा दिए गए जवाब से पार्टी के नेता संतुष्ट नहीं हुए और वेल में जाकर हंगामा करने लगे. इसी बीच भाई वीरेंद्र उठकर मुख्यमंत्री की सीट के पास पहुंच गए, जिस पर अध्यक्ष ने उन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी है. वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस पर सवाल उठाए हैं.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बैठक व्यवस्था में आरजेडी के बागी विधायक तीन सत्रों से मंत्रियों की सीट पर बैठते आ रहे हैं. नियम के मुताबिक आज भी वे आरजेडी के विधायक हैं, उन्हें हमारे साथ बैठना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि सदन नियम-कायदों से चलता है. बागी विधायकों पर कार्रवाई की मांग करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने उन बागी विधायकों पर कार्रवाई करने के लिए स्पीकर को पत्र भी लिखा है लेकिन इसके बावजूद स्पीकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज भी हमने स्पीकर से मुलाकात कर पूछा लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. हालांकि नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमें अभी भी स्पीकर पर भरोसा है. हमें उम्मीद है कि वह नियमों के मुताबिक सदन चलाएंगे.

नौकरी के साथ अच्छी कमाई के आइडिया | 5 ideas to earn good money with a job || Ideas to earn money

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दोस्तों नौकरी करने के साथ-साथ हम अपने फ्री टाइम में क्या करते हैं यह डिसाइड करता है कि आगे जाकर हमारा फ्यूचर या हमारा करियर क्या होगा क्या हम बाकियों से आगे निकल पाएंगे या एवरेज बनकर ही रह जाएंगे क्योंकि टाइम एक ऐसा एसेट है जिसे पैसों से भी ऊपर रखा जाता है पैसों को तो हम जितना मर्जी बढ़ा सकते हैं लेकिन टाइम को कभी नहीं बढ़ा सकते इसलिए आज हम आपको पांच ऐसे तरीके बताने वाले हैं !

जो आप खाली टाइम में कर सकते हैं और अगर आप इनको लगातार करते हो तो ये आगे जाकर आपका करियर भी बन सकते हैं नंबर वन कुकिंग दोस्तों फूड स्किल जो हमें सिर्फ घर तक ही सीमित रहने वाली स्किल लगती है इसका असली पोटेंशियल क्या है फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री आज के टाइम में वन ऑफ द लार्जेस्ट इंडस्ट्री बन चुकी है और आने वाले टाइम में इसकी रीच 535 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है फ्री टाइम में कुछ यूनिक बनाना सीखकर और अच्छी मार्केटिंग स्किल्स लेकर आप चाहो तो इसे एक बिजनेस बनाकर इसे बहुत आगे तक ले जा सकते हो और ध्यान देना कि हम यहां फूड की बात कर रहे हैं!

तो इसका मतलब यह नहीं है कि ये आईडिया सिर्फ लेडीज के लिए है बल्कि जेम्स भी फ्री टाइम में इसे अपना नया करियर ऑप्शन बना सकते हैं और वैसे ही भी आपको पता ही है कि इंटरनेट पर टेस्टी कोड ऑफ मार्केटिंग कितनी तेजी से वायरल हो जाती है और आपने इसके कई एग्जांपल्स भी देखे होंगे नंबर टू इंग्लिश कहने को तो इंग्लिश सिर्फ एक लैंग्वेज है लेकिन इस लैंग्वेज में इतना पोटेंशियल है कि यह आपका करियर भी बन सकती है क्योंकि एक नई लैंग्वेज अपॉर्चुनिटी के नए दरवाजे खोलती है अगर आपको इंग्लिश आती है !

तो आप सिर्फ इंडिया में ही नहीं बल्कि ऑल ओवर द वर्ल्ड कहीं भी काम करने में एलिजिबल हो क्योंकि इंग्लिश ही एक ऐसी लैंग्वेज है जो किसी भी कंट्री की ऑफिशियल लैंग्वेज के बाद बोली और समझी जाती है अगर कोई इंसान फ्लूएंट इंग्लिश बोलता है तो उसे बाकी लोग इंटेलिजेंट मानते हैं!

और उसकी तारीफ भी करते हैं और जिस जि एंप्लॉई को अच्छी इंग्लिश आती है उसे सेल्स और बिजनेस मीटिंग्स में आगे रखा जाता है जिससे उनके प्रमोशन के चांसेस बढ़ जाते हैं इसलिए अपने फ्री टाइम का इस्तेमाल आप इंग्लिश सीखने में भी कर सकते हैं आप चाहे तो कोई कोचिंग सेंटर जवाइन कर सकते हो या फिर  इन्वेस्टिंग इन्वेस्टिंग का मतलब तो आप सब जानते ही होंगे कि कहीं पर अपना पैसा लगाना और वहां से पैसा कमाना इसमें म्यूचुअल फंड स्टॉक एसआईपी ये सब चीजें शामिल होती हैं लेकिन आप शायद सोचते होंगे कि इन्वेस्टमेंट मेरे बस की बात नहीं है!

और मेरे पास इतने पैसे भी नहीं है लेकिन इन्वेस्टमेंट सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं होता और इन्वेस्टमेंट की और भी डेफिनेशन होती हैं जिन पर अक्सर लोगों का ध्यान ही नहीं जाता उसमें सबसे पहले है कि आपकी अपने आप पर की गई इन्वेस्टमेंट आप सोच रहे होंगे कि क्या होता है तो आपको बता दें कि खुद पर इन्वेस्ट करना एक प्रैक्टिस है और आपका एक्सपीरियंस आपकी इनकम और वैल्यू बढ़ाने में हेल्प करती है ये आप चार तरीकों से कर सकते हैं खुद की हेल्थ पर ध्यान देकर खुद को एकजुट करके दूसरे लोगों से रिलेशंस बनाकर और नई हैबिट्स डेवलप करके इन चारों एरियाज पर अगर आप फ्री टाइम देते हो !

तो आप जरूर फास्ट ग्रो करोगे नंबर फोर फैशन डिजाइनिंग दोस्तों इस स्किल को सीखकर आप सिर्फ पैसा ही नहीं बल्कि फेम भी कमा सकते हो जहां लोग आपकी डिजाइनिंग देखकर आपकी तारीफ करेंगे ये वो इंडस्ट्री है जो हर साल 12 पर से ग्रो कर रही है क्योंकि फैशन एक ऐसी चीज है जिसका ट्रेंड कभी खत्म नहीं होता हर बार कोई ना कोई यूनिक डिजाइन मार्केट में आता रहता है तो उसकी डिमांड बढ़ती ही जा रही है इसमें सबसे पहले रिटायरमेंट क्रिएटिविटी होती है यानी आप जितने क्रिएटिव होते हो उतनी सक्सेस आपको मिलती है तो यहां भी आप अपना फ्री टाइम देकर अच्छी तरह कर सकते हो और यह सिर्फ लड़कियों के लिए नहीं बल्कि लड़कों के लिए ये भी एक अच्छा ऑप्शन है!

नंबर फाइव डिजिटल मार्केटिंग ये भी एक ऐसी स्किल है जिसकी आज बहुत डिमांड है ये तो आप जानते ही हैं कि आजकल हम डिजिटली कितना ग्रो कर चुके हैं और हर कंपनी अपने आप को डिजिटली आगे लेकर जा रही है तो कोई ऐसा इंसान जो उन्हें डिजिटली हेल्प करके उनकी सेल्स बढ़ाने के लिए उनकी मदद कर सकता है तो ऐसे लोगों की वे तलाश में रहते हैं और उन्हें वे अच्छी कीमत पर हायर भी करते हैं तो आप अपने फ्री टाइम में इस स्किल को भी सीख सकते हो क्योंकि ये एक फ्यूचर स्किल है !

और इसका स्कोप फ्यूचर में घटेगा नहीं बल्कि और ज्यादा बढ़ेगा और इससे जुड़ा हुआ काम आप घर बैठकर आप आसानी से कर सकते हो तो दोस्तों हम उम्मीद करते हैं कि इस वीडियो से आपको काफी कुछ सीखने को मिला होगा! हमें अपनी राय कमेंट करके जरूर बताएं! धन्यवाद

सदन में आज भी विपक्ष के हंगामे के आसार, दूसरे अनुपूरक बजट पर होगी चर्चा

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बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही हंगामेदार रहने के आसार हैं. इस बार सदन में प्रश्नकाल लगातार चल रहा है और ऐसा काफी समय बाद हो रहा है. एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी प्रश्नकाल के दौरान सदन में मौजूद हैं. दोनों के बीच इशारों-इशारों में संवाद भी हो रहा है और इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी चल रही हैं. आज भी कई विभागों से सवाल पूछे जाएंगे, इसके साथ ही दूसरे अनुपूरक बजट पर भी चर्चा होगी और सरकार चर्चा के बाद इसे पारित कराएगी

आज प्रश्नकाल में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य कई विभागों से सवाल पूछेंगे. सत्ता पक्ष के सदस्य भी सवाल पूछने में पीछे नहीं हैं. यहां तक ​​कि सत्ता पक्ष के विधायक भी मंत्रियों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं. आज कृषि विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, पीएचडी विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा सहकारिता विभाग से संबंधित प्रश्न सदस्य पूछेंगे तथा विभाग के मंत्री उत्तर देंगे। उसके बाद शून्यकाल भी होगा, जिसमें सदस्य उन विषयों को सरकार के संज्ञान में लाएंगे। उसके बाद ध्यानाकर्षण होगा, जिसमें सदस्यों के प्रश्नों का सरकार द्वारा विस्तार से उत्तर दिया जाएगा। आज भी दो ध्यानाकर्षण प्रश्न सूचीबद्ध हैं।

दूसरे भाग में वित्तीय वर्ष 2024-25 के द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी तथा चर्चा के बाद सरकार उसे पारित कराएगी। शीतकालीन सत्र के पहले दिन 25 नवंबर को उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 2024-25 के लिए 32506.90 करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट सदन में पेश किया गया था।

Khesari Yadav से विवाद के बाद Kajal Raghwani रचाने जा रहीं शादी! जानिए कौन है लड़का, कब कर रही शादी| 

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भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव के साथ
ब्रेकअप को लेकर के चर्चा में आई काजल
राघवानी एक बार फिर से सोशल मीडिया पर
काफी ज्यादा सुर्खियों में है बता द कि
पिछले कुछ वक्त पहले ही काजल राघवानी ने
खेसारी लाल यादव पर धोखा देने के आरोप
लगाए थे खेसारी लाल यादव को लेकर के काजल
दाघ वानी ने ऐसे खुलासे किए।

जिससे ना सिर्फ भोजपुरी इंडस्ट्री हीली बल्कि सोशल
मीडिया पर खेसारी लाल यादव के फैंस भी
पूरी तरीके से सन रह गए काजल राघवानी और
खेसारी लाल यादव के विवाद ने काफी तूल
पकड़ा बता दें कि काजल राघवानी ने ख साई
लाल यादव को लेकर के कई गंभीर आरोप लगाए
जिसमें उन्होंने बताया कि खे साई लाल यादव
अपनी बीवी को छोड़कर काजल राघवानी के साथ
रिलेशनशिप में थे उन्हें शादी का वादा
किया।

और अंत में अपने से मुकर गए इतना ही
नहीं काजल राघवानी ने यह तक बताया था कि
खेसारी लाल यादव लड़कियों के न्यू
पिक्चर्स रखते हैं अपने रूम में स्पाई
कैमरा लगाते हैं और हर लड़की के साथ
रिलेशनशिप में आते हैं इन तमाम आरोपों के
बाद खेसारी लाल यादव भी सामने आए और काजल
राघवानी को जवाब दिया लेकिन इन तमाम चीजों
के बाद भोजपुरी की अदाकारा काजल राघवानी
एक बार फिर से सुर्खियों में है।

बता दें कि सुर्खियों में रहने की वजह है काजल
राघवानी की शादी लेकिन सवाल है कि किससे
खेसारी लाल यादव से तो जवाब है नहीं ब्रेकअप के बाद अब लगता है कि काजल राघवानी अपने लाइफ में आगे बढ़ चुकी
है काजल राघवानी का एक वीडियो सोशल मीडिया
पर काफी ज्यादा वायरल हो रहा है जिसमें
काजल राघवानी से शादी को लेकर के सवाल
किया गया।

बीपीएससी टीचर की कहानी, 7 साल तक नशे में रही: मरियम को सहेली से लगी गांजा और अफीम की लत, अब कोई नहीं कर रहा शादी

कि आखिर काजल राघवानी कब दुल्हन
बनने वाली है रियल लाइफ दुल्हन काजल
राघवानी कब बनेगी और किससे शादी करने वाली
है इसके जवाब में काजल राघवानी ने खुल कर
के बताया कि वो शादी करने जा रही है और वो
लव मैरिज कर रही है लड़का उनके पसंद का है
उन्होंने खुद उस लड़के को पसंद किया है
लेकिन जब लड़के को लेकर के सवाल किया गया
क्या वो लड़का भोजपुरी इंडस्ट्री का है तो
जवाब देते हुए काजल राघवानी ने कहा कि दो
साल का वक्त है।

2 साल बाद ही पता चलेगा कि
आखिर वो लड़का क्या करता है लेकिन बस इतना
बता दूं कि मेरे लिए चांद सूरज तारा सब
कुछ वो लड़का ही है इतना कहते हुए काजल
राघवानी ने बताया कि वो शादी कब कर रही है
बता दें कि इस वीडियो के मुताबिक काजल
राघवानी दो साल बाद शादी के बंधन में
बंधने जाएंगी काजल राघवानी ने साफ कहा है
कि अभी फिलहाल उनके शादी का कोई इरादा
नहीं है लेकिन वो लव मैरिज करेंगी और दो
साल बाद वो शादी करने जा रही है।

ट्रेन की चपेट में आने से एसएसबी जवान की मौत, 3 दिन बाद होनी थी शादी

तब पैसो से डर लगने लगा था | Anamika Joshi | ‪@BattoKiBakwaas‬ Josh Talks Hindi –

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कर्ज जो है ना वह अचानक नहीं होता कर धीरे-धीरे बढ़ता है और कर्ज़ के साथ में एक शर्म जुड़ी है वो भयानक रूप जिसमें बैंक के कॉल्स आते थे धमकियां देते थे वो लोग की आपकी दो बेटियां हैं ना हम देख लेंगे रात को मैं बहुत डर लगता था तो पड़ोसियों को बुला लेते थे इस दौरान 2016 में हमने पापा को को दिया 2017 में बिजनेस बिल्कुल ही अपने अंतिम चरण पे था और 2018 तक मैंने अपनी हेल्थ को दी 30 साल की उम्र में आप समझ सकते हो 50 लाख का कर्ज आपको कैसा महसूस करता है!

हमारी जिंदगी में आना किसी ना किसी चीज का डर बैठा हुआ होता है और वो डर आता है हमारे अनुभवों से ऐसा एक डर मेरे अंदर भी था जो बचपन में बैठ गया कर्ज़ का ऐसा भयानक रूप देखा था की सोच लिया था जिंदगी में कभी कर्ज नहीं होने दूंगी लेकिन कहते हैं मुझे अपना 10 साल का बिजनेस बैंड करना पद जाएगा है मैं हूं अनामिका जोशी मैं एक हिंदी कवि हूं और एक एड फिल्म राइटर और डायरेक्टर भी तुम्हें एक बहुत ही मिडिल क्लास फैमिली से आई हूं आपने कई बार सुना होगा की मिडिल क्लास फैमिली और उसकी परेशानियां तो एक पैसों की तंगी हमारे हमेशा बनी रहे!

परिवार में तो कोई भी चीज बहुत इंतजार के बाद मिलती थी इसलिए हमारे लिए उसकी खुशी भी दोगुनी होती थी मैं आपको एक झलक देना चाहती हूं वो जो तंगी होती है ना उसकी की समाज तोक में नहीं गिनती में आते हैं जितनी जरूर है उसके आधे से कम मैं सब अपना कम चलते हैं एक शांत ज्वालामुखी सपनपता राहत है बस हम फटते नहीं मिडिल क्लास में ऐसा ही चला राहत है कभी लेट फीस के लिए क्लास के बाहर खड़े हो कभी अपने भाव को मजाक में छुपाया है नहीं मुझे नहीं चाहिए का कर अपनी इच्छाओं को दबाया है क्यों दिखाई हो पैसों की कमी को दूसरे त्रिकोण से अगर कंपनसते कर क्या कभी अपनी दोस्ती निभाते ऐसे कुछ बचपन था!

आज मैं हिंदी कवि हूं पर मेरा बचपन ना केरला में बीता मैं केरला के छोटे से जिला और बहुत प्यार था मुझे केरला मेरे अंदर बस हुआ था बचपन का एक दूसरा पहलू पापा नौकरी करते थे लेकिन एक कविता छोड़कर जाते थे और शाम को मम्मी के साथ बैठकर उसे पर डिस्कशन करते थे की इस कविता में क्या सुधार हो सकता है क्या कमी र गई है क्या अच्छा है तो यह माहौल हमेशा बना रहा कविताएं सुनने का पढ़ने का पापा की कविता है और दूसरी नौकरी ढूंढने के लिए उसे उम्र में पापा केरल छोड़कर बाहर चले गए पीछे र गए हम कर्ज जो है !

ना वह अचानक नहीं होता अचानक नहीं आता कहानी और से लेते हैं आपको पता ही नहीं चला की कर्ज का पहाड़ इतना बड़ा कब बन जाता है शायद पापा के साथ भी ऐसा हुआ और यह पहाड़ इतना बड़ा हो जाता है की आप उसके सामने बहुत छोटे हो जाते हैं लेकिन उसका भयानक रूप जब देखने को मिला कर गिरा दिया रात को मैं बहुत डर लगता था तो पड़ोसियों को बुला लेते थे की आप हमारे घर में सो जो तो हमें थोड़ी तसल्ली बनी रहे इस दौरान मैंने मम्मी का ऐसा रूप देखा जो शायद आज मेरी कविता शायद मैं भी भरने लगून ऊंची ऊंची उड़ान शायद छुआओ में अंबर बन जाऊं!

सब की शान पर उनको पता था की शायद कुछ तो रॉक रहा है जान क्या है पीछे शायद कुछ तो रॉक रहा है जान क्या है पीछे यह शायद ही तो रॉक रहा है छोटे मोटे कम करके हमारा हमारा भैया आगे हमेशा बढ़ता रहा की मैं नॉर्थ इंडिया में सरवाइव कैसे करूंगी ऐसे में बहुत जल्दी अपना समाज समेत कर हम जयपुर पहुंच गए जयपुर इसलिए चुनाव क्योंकि वहां पर हमारे रिश्तेदार थे मम्मी के घर वाले थे सपोर्ट सिस्टम था इस दौरान मेरे भैया खड़े हुए पैसा आता है की क्योंकि मैं भैया को देख रही थी!

जूझते हुए सब बनाए रखना के लिए हमारे घर को सर्वाइवल मोड पर जिंदा रखना के लिए तो मैंने अपने आप को पुरी तरह पढ़ाई में जोंक दिया ग्रेजुएशन में सेकंड रैंक लाई उसके बाद में 1 साल टीचर की नौकरी की हम सब में वह हमेशा बना रहा है की हमें पैसा कामना है पैसे के साथ हमारा रिलेशनशिप भारत रहा आपका रिश्ता पैसों के साथ कैसा है ये बहुत जरूरी है समझना उससे आपको पता चला है की आप जिंदगी में किस तरीके से आगे बाढ़ रहे हैं!

अगर आप सोचते हैं की पैसा मुश्किल से आएगा तो पैसा मुश्किल से ही आएगा जैसे तैसे ना मैंने दोस्त बनाए जयपुर में आपको पता है वह केरल से जयपुर आने का धक्का जयपुर में तो एडजस्ट हो गई लेकिन फिर पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली जाना पड़ा जो चेंज मुझे अलेप्पी से जयपुर आने में फूल हुआ था वही मुझे जयपुर से दिल्ली में फूल हुआ कंटिन्यू रही मेरे खाने का तरीका मेरा पहने का तरीका मेरा बोलने का तरीका इन सब पे थोड़े-थोड़े सवाल उठाते रहे मंत्र एक हफ्ते के अंदर मुझे प्यार हो गया पूरा डिप्लोमा जब मैं जयपुर से जो दिल्ली का शिफ्ट था!

वह इसलिए शायद मैं उसे एक्सपीरियंस को अच्छे से निभा पे क्योंकि वो मेरे साथ हमेशा बना रहा और हम दोनों ने फैसला लिया की हम एक एडवरटाइजिंग एजेंसी खोलेंगे मिलकर अब आप सोचिए की दो कॉपीराइट्स एक एडवरटाइजिंग एजेंसी खोल रहे हैं जिसमें कोई डिजाइनर है ही नहीं तो हमने बड़े मुश्किल तरीके से एक साल निकाला जिसमें हम डीपी ऑपरेटर के पास जाकर हमारे क्लाइंट्स के लिए डिजाइंस बनाते थे और हमारी एजेंसी में सांस फुक्ते जा रहे थे और धीरे-धीरे हमारी टीम बड़ी होने लगी और 5 साल हमने एडवरटाइजिंग एजेंसी चलाई अगले 5 साल हमने लाइसेंस का कम शुरू किया उसे दौरान हमने बड़े-बड़े नाम के साथ कम किया हमने जस्टिन बीबर के लिए हमने आमिर खान प्रोडक्शंस के लिए रेड चिलीज प्रोडक्शंस के लिए ए आर रहमान के लिए और एक दिन जब पता चला!

तो वही पहाड़ सामने आकर खड़ा हो गया और हम वापस से छोटे हो गए वापस से बोलना फूल करने लगे वह भयानक रूप जिसमें बैंक के कल आते थे धमकियां देते थे वह लोग हमारे परिवार के पास तक भी कॉल्स पहुंच रहे थे हमारे घर के बाहर हुआ कर खड़े हो रहे थे सर सब कुछ रिपीट बोर्ड में चल रहा था इस दौरान 2016 में हमने पापा को को दिया 2017 में बिजनेस बिल्कुल ही अपने अंतिम चरण पे था जहां हमें समझ में ए गया था की एक और महीना एक और दिन बिजनेस चलने का मतलब है और कर्ज और 2018 तक मैंने अपनी हेल्थ को दी यह डिप्रेशन शब्द में नहीं जानती की उसे वक्त क्या होता है आज मैं पलट के देख कर बोलती हूं की हां मैं डिप्रेस्ड बिस्तर से उठाती नहीं थी !

वह टीवी पर वह आता है ना की स्टार ढाबा के कहना है की हर उलझन का कोई नाम नहीं होता है हर उलझन का कोई नाम नहीं होता है हर परेशानी का सही अंजाम नहीं होता है कुछ भी नहीं सुहाता जब मां खाली सा होता है कुछ रस नहीं आता जब दिल अंदर से रोटा है समझ नहीं पता खुद को क्या छह रही है जिंदगी तुम्हारे ख्याली पुलाव से जिंदा मा जाते हैं अनजान तुम्हारी सोच उसे मजबूर कर जाते हैं ऐसे ही मजबूरी में उसे वक्त महसूस कर रही थी जो कर्ज चल रहा था 30 साल की उम्र में आप समझ सकते हो 50 लाख का कर्ज आपको कैसा महसूस करता है पैरों तले जमीन खिसक जाति है पापा के जान के बाद जो भी दर्द था उसको बांटने की कोशिश की समझना की कोशिश की की डर तो नहीं जाता पर दर्द से दिल कैसे करना चाहिए!

और एक प्यारी सी कम्युनिटी मिली मुझे जो औरतें को वित्तीय तरीके से वह स्वतंत्र हो पे उसके तरीके बताती है मेरे लिए इसलिए जरूरी था की मुझे पैसों से बहुत डर लगता था और इसलिए मैंने सर भर जो पैसों से रिलेटेड है वह अपने पार्टनर पर दाल दिया था 2018 तक मेरी तबीयत इतनी बिगड़ना ग गई थी की हमने एक फैसला लिया रीजन वही था 18 साल बाद सब रिपीट हो रहा था तो एक दिन ट्रक में समाज भारत हमने दिसंबर 15 2018 को हमने डिसाइड किया की हम जयपुर शिफ्ट हो रहे हैं और यह मेरा सुरेंद्र मोड था जहां पर मैंने सवाल ही नहीं उठाया जयपुर शिफ्ट हो रहे हैं ठीक है दिसंबर 2018 29 तारीख को हम जयपुर पहुंच गए जो छोड़ चुकी थी बहुत पहले चली गई थी और मैं इंग्लिश कॉपीराइट हिंदी में राइटिंग करने के मौके बहुत कम ही आते थे!

ऐसे में एक दोस्त था जयपुर में जो एक इवेंट कर रहा था मदर दे कहानी और शायरी सुनने वाली थी उसने मुझे पूछा की तुम मां पर कुछ लिखो और वहां पर सुनाओ मुझे समझ में आज तक यह नहीं आता किस दोस्त ने मुझे यह क्यों बोला ना उसने मेरी कोई कविता पड़ी थी ना सनी थी ना पता था की शायरी करती हूं पर वो शायद होता है ना यूनिवर्स प्लेन करती है सब कुछ उसने मुझे पूछा और मैंने इवेंट के एक दिन पहले तक कुछ नहीं लिखा मुझे लगा ऐसे ही कैजुअल बोल दिया होगा अगले दिन इवेंट था इवेंट में क्योंकि डेरी हो रही थी मी परफॉर्म कर रही थी और वक्त निकाला जा रहा था तो फैसला हुआ की मुझे पोयम नहीं है क्योंकि वक्त ही नहीं है मैं बड़ी खुश क्योंकि वैसे भी दरी हुई थी वैसे भी शमी हुई थी तो मुझे ग रहा था की बहुत अच्छा की मुझे डर कर वो कविता सुनाना ही नहीं पड़ेगी !

  • सफलता के 5 नियम जो आपको करोड़पति बना सकते हैं How To Get Rich – 5 Rules Every Rich Person Knows | Sonu Sharma
  • यूनिवर्स और मेक परफॉर्मेंस था वह अपनी माइक ठीक कर रहे थे तो दोस्त ने आके बोला की जब तक यह माइक तूने कर रहे हैं तो मां के सुना दो तुम्हारी कितनी लंबी कविता है मैंने लड़की नहीं नहीं रहने दो रहने दो पर मेरा पार्टनर मेरा भाई सपना मुझे धक्का दिया और आज अगर आप वीडियो देखोगे ना तो मेरा हाथ कहां पर है वो पन्ना कहां पर है पर सामने मां बैठी थी जिनके लिए वो कविता मैंने लिखी थी तो उनको देखकर और साड़ी मां को ध्यान में रखते हुए कपडे होठों से ही सही काटते हाथों से ही सही मैंने वो कविता सुना दी कविता सुनने के बाद जब मैं वापस अपने चेयर पर आए तो कुछ लोग रो रहे थे कोई आकर गले मिल रहा था किसी ने हाथ से मेरे ऊपर ना ले लिया की यह पन्ना मुझे चाहिए!

तब पैसो से डर लगने लगा था | Anamika Joshi | ‪@BattoKiBakwaas‬ Josh Talks Hindi –

मुझे ज्यादा कुछ समझ में नहीं रहा था तो जो कविता थी उसके चंद लाइन ऐसे थी की वह गलत कैसे हो शक्ति है भला वो मां है तो गलत कैसे हो शक्ति है भला परवरिश में कोई कमी ना र जाए नौकरी करनी चाहिए तो बच्चों ने रॉक दिया कुछ घर पर ही करना चाहा तो सबने टॉक दिया तुम भला अपना वक्त बच्चों से कैसे छन शक्ति हो तुम मां हो तुम भला अपने लिए कैसे जी शक्ति हो बचपन से हम बच्चों ने मां पर कुछ ऐसा प्यार जाते की मां को हमेशा सही करने के लिए मजबूर ही पाया और इस कविता के आगे में एक्सप्लेन करती हूं की मैन किस तरीके से हमेशा सही करने की कोशिश की मैं चाहती थी की कविताकर हमने जो गलती की है ना उसके करण उनके लिए गलती करने के कुछ पैसे नहीं बच्ची है!

और इसी चीज को लेकर वह कविता लिखी वहां से मेरी जर्नी नौकरी करता रहा और एक वक्त आया पर एक हिम्मत है की अब गलतियां से सिख कर उसे डर से निकालना है और यह कभी बिजनेस नहीं करेंगे आज हम तीसरा बिजनेस हमारा शुरू कर चुके हैं जिसका नाम उटपटांग फिल्म बना चुके हैं जिसमें हमने लेंस कार्ड के लिए मूवी बनाई है बैंक ऑफ बडौदा के लिए मूवी बनाई है महीने का हमारा 5 से 6 लाख का रिवेन्यू राहत है और बस कोशिश यही है की इस रिवेन्यू को बढ़ते जैन हमारा कर्ज याद है 50 लाख का वो आज 5 लाख पर है वह भी बहुत उम्मीद है!

की साल खत्म हो जाएगा और जो भी लोग आज कर्ज से जूझ रहे हैं ना उनको बस यही कहना है की एक-एक कम उठाते जो कोई भी पहाड़ इतना बड़ा नहीं है की वह आपसे ऊंचा हो जाए आप कभी भी छोटे मत फूल करो खुद को आपकी जो ज़िद है ना वह बड़ी रखो सब कुछ छोटा लगेगा तो जो ऐसे लोग हैं जो मानते ही नहीं है फिर जितने की कोशिश करते हैं तो उन पर कुछ लिखा है की जब तुम बार-बार हर कर भी हो जाते हो उठ खड़े जब तुम बार-बार हर कर भी हो जाते हो उठ खड़े तारक खुद को देते हो की नाम करने हैं बड़े आदते जो रो के रोज उनसे तुम लड़े हर अधूरी कोशिशें के नापते हो तुम जेड हर बहाने तोड़े दम कम बस गई बात है सही की रोज गिरते सब यहां पर शिखर पर है वही जो पीछे ख्वाबों के पढ़े जो पीछे ख्वाबों के बड़े जो भी कविता है आज मैं लिखती हूं!

वह सब मेरे अनुभवों से आई है तो आप देखेंगे की मैं जेंडर इक्वलिटी पर वूमेन और फाइनेंस पर मेंटल हेल्थ पर इन सब पर इन सब टॉपिक को छुट्टियां अपनी कविताओं के थ्रू आज मां तुम भी गलत हो शक्ति हो जो कविता है और आखिर तुम होते कौन हो जो रिलेशनशिप पर कविता है इस पर 50 मिलियन से भी ज्यादा व्यूज हैं और इस कविताओं को आप तक लाने के लिए मैंने वह नाम सुना जिससे मैं जिंदगी भर भक्ति रही और आज मैं भक्तों के नाम से ही जानी जाति हूं कई लोग मुझे पूछते हैं की आपका वैसे नाम क्या है और आप सुन रहे थे!अगर आप इस Article के और तक ए गए हैं तो मेरी तरह आप भी इंस्पायर जरूर हुए होंगे!

तब पैसो से डर लगने लगा था | Anamika Joshi | ‪@BattoKiBakwaas‬ Josh Talks Hindi –

दोस्तों आपको पता है हम सब बड़े सपना देखते हैं लेकिन हम में से कुछ ही लोग हैं जो अपने सपना को पूरा कर पाते हैं और आपने कभी नोटिस किया जो भी लोग अपने गोल को अचीव कर पाते हैं उनमें एक कमेंट्स के होते हैं वो क्या है अच्छी कम्युनिकेशन स्किल और इंग्लिश बोलने के साथ यहां पे हमें डेली वोकैबलरी ग्रामर रीडिंग राइटिंग प्रैक्टिस के साथ-साथ अपने ही जैसे लाखों स्टूडेंट के साथ इंग्लिश में बात करने के अभी मौका मिलता है इससे हम अपने इंग्लिश की फ्लुएंसी जो है वो इंप्रूव कर सकते हैं तो चलिए आज ही अपने सपना की और पहले कम लेते हैं भारत के नंबर वन स्पोकन इंग्लिश

बीपीएससी टीचर की कहानी, 7 साल तक नशे में रही: मरियम को सहेली से लगी गांजा और अफीम की लत, अब कोई नहीं कर रहा शादी

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‘मेरा नाम मुकेश (बदला हुआ नाम) है। मैं गोपालगंज का रहने वाला हूं। पढ़ाई के लिए पटना आया था। दोस्तों के साथ नशे की लत लग गई। 7 साल कैसे गुजर गए, पता ही नहीं चला। जब होश आया तो नशा छोड़ पढ़ाई शुरू कर दी। आज मैं बिहार में सरकारी टीचर हूं। बच्चों को पढ़ाई करने और नशे से दूर रहने को कहता हूं।’

साल 2007 की बात है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल के बाद मैं आगे की पढ़ाई और नौकरी की तैयारी के लिए पटना आया था। गोपालगंज से बस से पटना छोड़ने मेरे पिता आए थे। रास्ते भर मुझे सपने दिखा रहे थे कि पटना जाकर कुछ बड़ा करना है। मैं भी सोचने लगा, खूब पढ़ाई करूंगा। दिन-रात मेहनत करूंगा। बैंकिंग की तैयारी करूंगा। अगर पीओ में सेलेक्ट नहीं हुआ तो क्लर्क की परीक्षा जरूर पास करूंगा। यही सब सोचते हुए मैं पटना के मीठापुर बस स्टैंड पहुंच गया।

‘मीठापुर बस स्टैंड से मैंने ऑटो पकड़ी और करबिगहिया पहुंचा और वहां से पैदल ही पोस्टल पार्क स्थित लॉज पहुंचा, जहां गांव का ही एक लड़का पहले से रहता था। वहां कमरा तय हुआ और पढ़ाई शुरू हुई। कुछ दिन बाद रात में पढ़ाई करते हुए जब मैं बाथरूम गया तो एक लड़का पास में खड़ा होकर गांजा पी रहा था। उसे अनदेखा करते हुए मैंने अपना काम खत्म किया और कमरे में चला गया। लेकिन, वह लड़का रोज रात में गांजा पीता था। जिसकी गंध मेरे कमरे तक आती थी। धीरे-धीरे मेरी उस लड़के से बातचीत होने लगी। वह लड़का भी कॉम्पिटिशन की तैयारी करने पटना आया था।’

‘रात में पढ़ाई करते हुए मुझे नींद आती थी। जिसके कारण मैं अपनी जरूरत के अनुसार पढ़ाई नहीं कर पाता था। धीरे-धीरे मेरी पढ़ाई में रुचि खत्म होने लगी। अब मेरे मन में दुविधा होने लगी कि क्या करूं। इसी बीच बैंकिंग का फॉर्म भरने का समय आ गया। मैंने फॉर्म भी भर दिया। लेकिन, पढ़ाई और तैयारी न होने के कारण रिजल्ट में मेरे बहुत कम अंक आए। वहीं लॉज में गांजा पीने वाले लड़के को मुझसे ज्यादा नंबर मिले। मैं सोचने लगा कि गांजा पीने के बाद भी उसने इतने अच्छे नंबर कैसे लाए।

एक रात मैंने उस लड़के से पूछा कि उसने इतने अच्छे नंबर कैसे लाए। उसने मुझे बताया कि मैं 3 साल से गांजा पी रहा हूं। गांजा पीने से दिमाग शांत होता है। मैं दूसरी चीजों के बारे में नहीं सोचता और पढ़ाई पर ध्यान देता हूं। मैं रात में गांजा पीता हूं और इसके प्रभाव में पूरी रात पढ़ाई करता हूं। इसे पीने के बाद पढ़ाई में मेरी रुचि बढ़ जाती है।

‘यह सब सुनकर मुझे भी गांजा पीने का मन हुआ। फिर मुझे घर की याद आई। अगले दिन वह मेरे कमरे में गांजा लेकर आया और बनाने लगा। वह कह रहा था कि परीक्षा आ रही है, अब मुझे दोनों समय पीना पड़ेगा। तभी मैं दोनों समय पढ़ाई कर पाऊंगा।’

‘उसने मुझसे पूछा कि बाथरूम के पास कुछ लोग हैं, क्या मैं तुम्हारे कमरे में ही गांजा पी सकता हूं। धुआं खिड़की से भी बाहर आएगा। मैं मना नहीं कर सका। वह मेरे कमरे में ही गांजा पीने लगा। इसी बीच उसने गांजा मेरी ओर बढ़ाते हुए कहा कि ले लो, इस बार भोले बाबा तुम्हारा भी भला करेंगे। पता नहीं मुझे क्या हो गया। उसके आग्रह पर मैंने भी गांजे का एक कश लिया और उसे वापस कर दिया। फिर मैंने लगातार 3-4 कश लिए।’

‘इसके बाद वह अपने कमरे से चला गया। मैं बिस्तर पर लेट गया। मुझे पढ़ाई करनी है। मुझे नौकरी करनी है। मुझे अपने माता-पिता का सम्मान बढ़ाना है। मुझे घर की हालत सुधारनी है। यही सोचते-सोचते 4 घंटे कब बीत गए, पता ही नहीं चला। शाम को मुझे भूख लगी। मैं बाहर गया और 2 की जगह 4 समोसे खाए और अपने कमरे में आकर शाम को सो गया। सुबह उठा।’

‘इसके बाद गांजा पीना, फिर मिठाई खाना, सोचना और सोना ऐसे ही चलता रहा। एक दिन लॉज वाला लड़का अपने गांव चला गया। मेरे पास गांजा नहीं था। उस रात मैं न सोया, न पढ़ाई की। खाने का भी मन नहीं कर रहा था। किसी तरह रात गुजरी। सुबह जब लड़का आया तो मैं उसके साथ कंकड़बाग ऑटो स्टैंड पर गांजा खरीदने गया. वहां 30, 50 और 100 रुपये के पैकेट थे. लड़के ने 30 रुपये वाला मांगा. मैंने सोचा कि रोज पीना ही है, चलो 100 रुपये का पैकेट खरीद लेते हैं. अब मुझे दुकान के बारे में भी पता चल गया. रोज गांजा पीना मेरी जिंदगी बन गई.”

मेरी जिंदगी के 7 साल ऐसे ही गुजर गए. मैं भारी मन से खाली हाथ गांव लौट आया. जब मैं गांव से गोपालगंज जाता था तो कभी-कभी गांजा पी लेता था. गांव वाले भी मुझे ताने मारने लगे. मेरे साथ के लड़कों ने कहीं सेटिंग कर ली थी. मुझे भी बुरा लगने लगा था. घर से भी ये सुनकर मैं तंग आ गया था. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं. इसी बीच मेरे पिता की मौत हो गई. जिसके बाद मेरी दुनिया थम गई. मैंने खुद अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी. इसलिए मैं 11 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकला. इस बीच रिश्तेदार आते और मेरी नौकरी के बारे में पूछते। मुझे बुरा लगता। गांजा पीना छोड़ने के कुछ दिन बाद मुझे लगा कि गांजा पिए बिना भी रहा जा सकता है।’

  1. इसके बाद मैंने गांजा पीना पूरी तरह से छोड़ दिया। फिलहाल मैं बिहार सरकार के एक मिडिल स्कूल में शिक्षक हूं। मेरी शादी हो चुकी है। मेरी दो बेटियां हैं। गांजा छोड़ने के बाद मेरी जिंदगी में काफी बदलाव आया। अगर मैंने गांजा नहीं छोड़ा होता तो शायद मैं थककर आत्महत्या कर लेता।’

विधानसभा की कार्यवाही आज भी हंगामेदार रहने के आसार, सरकार पेश करेगी खेल विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक

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बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं, आज प्रश्नकाल में सदस्यों द्वारा कई विभागों के सवाल पूछे जाएंगे। दूसरे हाफ में सरकार की ओर से खेल विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2024 और बिहार सरकारी परिसर आवंटन, किराया, वसूली एवं बेदखली संशोधन विधेयक 2024 भी पेश किया जाएगा।

विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी। प्रश्नकाल में ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग और श्रम संसाधन विभाग से संबंधित सवाल लिए जाएंगे। उसके बाद शून्यकाल होगा और फिर ध्यानाकर्षण में भी सरकार सदस्यों के सवालों का विस्तृत जवाब देगी।

दूसरे हाफ में सरकार की ओर से दो विधेयक पेश किए जाएंगे। बिहार सरकार परिसर आवंटन, किराया, वसूली एवं बेदखली संशोधन विधेयक 2024 पेश किया जाएगा। इसे भवन निर्माण विभाग द्वारा पेश किया जाएगा। हाल ही में पशुपति पारस द्वारा सरकारी आवास लेने को लेकर काफी विवाद हुआ था। सरकारी आवास को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है और उसी को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा यह विधेयक लाया जा रहा है।

तेजस्वी यादव ने शराबबंदी पर उठाए सवाल

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मंत्री बोले- सभी पर होगी कार्रवाई शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर नंद किशोर यादव ने सभी विधायकों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दीं।

उसके बाद तरारी से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक विशाल प्रशांत ने विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही आगे बढ़ते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कार्यस्थगन प्रस्ताव पर स्पीकर से चर्चा की मांग की, लेकिन स्पीकर ने इसे प्रश्नकाल के बाद उठाने का सुझाव दिया। प्रश्नकाल के दौरान राजद विधायक मुकेश कुमार यादव ने पूछा कि स्कूलों में ई-शिक्षा ऐप पर उपस्थिति दर्ज करनी है, लेकिन कई तरह की कठिनाइयां आ रही हैं।

रविवार को छुट्टी होती है, लेकिन उर्दू स्कूल में पढ़ाई होती है। इसका जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि ऐप को ठीक किया जा रहा है, गड़बड़ी ठीक होने तक सिर्फ 6 फीसदी तक वेतन नहीं काटने का निर्देश दिया गया है। राजद विधायक रामानुज प्रसाद ने जहरीली शराब से मौत का मामला उठाया। इस पर जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि 2016 से अब तक 156 लोगों की मौत हो चुकी है. इस पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि ये सिर्फ तीन जिलों के आंकड़े हैं. उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि बिहार में शराब कहां से और कैसे आ रही है और बड़े लोगों पर क्या कार्रवाई की गई है?

जवाब देते हुए श्रवण कुमार ने कहा कि समीक्षा करने के बाद अगर कोई त्रुटि होगी तो हम उसे सुधारेंगे. मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि कानून का राज है. शराब के किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा. चाहे बिहार का हो या बिहार से बाहर का, यहां तक ​​कि विदेश का भी, सबके खिलाफ कार्रवाई होगी. बिहार विधानसभा के सभी सदस्यों ने शराबबंदी के समर्थन में शपथ ली थी कि शराब नहीं पिएंगे और न ही कारोबार करने देंगे, लेकिन विपक्ष के लोग आरोप लगाते हैं लेकिन शराब बेचने के बारे में कोई जानकारी नहीं देते. हम समीक्षा करेंगे और कार्रवाई भी करेंगे.

आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बनाएंगी आयुष्मान कार्ड: सीतामढ़ी में 6 लाख 36 हजार लोगों का चयन, 10 दिसंबर तक चलेगा अभियान सीतामढ़ी 18 मिनट पहले 

बांका में बर्खास्त होंगे 16 सरकारी शिक्षक, जांच में फर्जी निकली डिग्री