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बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रहे पूर्व आईपीएस आचार्य किशोर कुणाल का निधन

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पटना: इस वक्त की बड़ी खबर राजधानी पटना से आने वाली है. जहां महावीर मंदिर और राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य रहे पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल का निधन हो गया है. किशोर कुणाल को आज सुबह दिल का दौरा पड़ा और उन्हें तुरंत महावीर वत्सला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

जानकारी के मुताबिक पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल का आज सुबह निधन हो गया है. जानकारी के मुताबिक उन्हें दिल का दौरा पड़ा था. जिसके बाद उन्हें तुरंत महावीर वत्सला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. किशोर कुणाल सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी हैं और अयोध्या मंदिर ट्रस्ट के संस्थापकों में से एक थे. उनके निधन की पुष्टि उनके बेटे ने की है.

आईपीएस की सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद आचार्य किशोर कुणाल सामाजिक कार्यों से जुड़ गए और वर्तमान में वे बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष और पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव भी थे. महावीर मंदिर ट्रस्ट बोर्ड पटना में कई स्कूल और कैंसर अस्पताल चलाता है. आचार्य किशोर कुणाल राजधानी पटना में ज्ञान निकेतन जैसे प्रसिद्ध स्कूल के संस्थापक भी हैं. वीपी सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए आचार्य किशोर कुणाल को विश्व हिंदू परिषद और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के बीच मध्यस्थता के लिए केंद्र सरकार ने विशेष अधिकारी नियुक्त किया था।

किशोर कुणाल का जन्म 10 अगस्त 1950 को हुआ था। उन्होंने मुजफ्फरपुर जिले के बरुराज गांव से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। 20 साल बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से इतिहास और संस्कृत में स्नातक किया। वे 1972 में गुजरात कैडर से भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी बने और पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हुए। वहां से वे 1978 में अहमदाबाद के पुलिस उपायुक्त बने। वे संस्कृत के विद्वान भी हैं।

किशोर कुणाल को 1983 में पदोन्नति मिली और वे पटना में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हुए। कुणाल ने 1990 से 1994 तक गृह मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के पद पर काम किया। आईपीएस अधिकारी के तौर पर कुणाल पहले से ही धार्मिक कार्यों से जुड़े हुए थे। 2000 में पुलिस से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने केएसडी संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति का पद संभाला। वे 2004 तक इस पद पर रहे और बाद में वे बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड (बीएसबीआरटी) के प्रशासक बने और प्रचलित जातिवादी धार्मिक प्रथाओं में सुधार की पहल की।

 खुद को मरा दिखाने के लिए युवक को कार में जिंदा जलाया, कर्ज चुकाने से बचने के लिए

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बागपत के एक यूनानी डॉक्टर ने खुद को मरा दिखाने के लिए एक युवक को कार में जिंदा जला दिया। आरोपी का मकसद था कि ऐसा करके वह कर्ज के 20 से 25 लाख रुपये चुकाने से बच जाएगा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

बागपत यूनानी डॉक्टर

देहात कोतवाली पुलिस ने हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा किया है। बागपत के एक यूनानी डॉक्टर ने खुद को मरा दिखाने के लिए एक युवक को कार में जिंदा जला दिया। आरोपी का मकसद था कि ऐसा करके वह कर्ज के 20 से 25 लाख रुपये चुकाने से बच जाएगा।

बागपत यूनानी डॉक्टर

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने पुलिस लाइन में बताया कि 23 दिसंबर को जब्बार अली निवासी बिजोपुरा ने नहर पुल के पास पटरी पर जली हुई कार की सूचना दी थी, जिसके अंदर एक व्यक्ति का जला हुआ शव है।

बागपत यूनानी डॉक्टर

वहीं 26 दिसंबर को गुलजार निवासी खान आलमपुरा ने लिखित शिकायत दी थी कि उसका भतीजा सोनू निवासी पुराना मिड्डा थाना सदर बाजार जिला यमुनानगर 22 दिसंबर से लापता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी।

बागपत यूनानी डॉक्टर

इसी बीच शुक्रवार को आरोपी डॉक्टर कार जली है या नहीं, यह देखने के लिए मौके पर पहुंचा। वहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बागपत जिले के असारा गांव का रहने वाला है, जो फिलहाल हबीबगढ़ में रहकर क्लीनिक चला रहा था। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया।

बागपत यूनानी डॉक्टर

उसने बताया कि उस पर 20 से 25 लाख रुपये का कर्ज था। कर्ज से बचने के लिए उसने यह साजिश रची। उसने बताया कि मेरी मौत साबित होने पर मेरी पत्नी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर बीमा आदि का पैसा ले लेती। 10 लाख रुपये का पर्सनल लोन भी माफ हो जाता। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल एक डिब्बा और प्लास्टिक के दस्ताने बरामद किए हैं।

बागपत यूनानी डॉक्टर

परिवार को कोई सुराग नहीं दिया।

आरोपी डॉक्टर मुबारिक बेहद शातिर है। सोनू की हत्या के बाद डॉक्टर घर नहीं पहुंचे। तीन-चार दिन तक इधर-उधर घूमते रहे ताकि घरवालों को पता न चले। उन्होंने अपनी पत्नी को भी इस बारे में नहीं बताया।

यहां एक SEO-friendly और गूगल पर रैंकिंग के लिए उपयुक्त FAQ सेक्शन दिया गया है, जिसमें कोई संवेदनशील या विवादास्पद सामग्री शामिल नहीं है:

जानिए सीएम नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने पर तेजस्वी यादव ने क्या कहा

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पटना: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा सीएम नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने की मांग के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इसका समर्थन किया है. एक सवाल के जवाब में तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए, जरूर मिलना चाहिए, इसमें कौन सी बड़ी बात है. हालांकि इस सवाल और जवाब के बीच एक बड़ी बात यह रही कि तेजस्वी यादव ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया और नीतीश कुमार को भी अपने निशाने पर लिया.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी दल के नेता के तौर पर हमने दो बार माननीय मुख्यमंत्री को पत्र लिखा लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया. यह लोकतंत्र है और लोकतंत्र में अगर विपक्षी दल के नेता पत्र लिखते हैं तो मुख्यमंत्री को देना चाहिए, लेकिन वह न तो सदन में कुछ कहते हैं, न बाहर कुछ कहते हैं और न ही मीडिया में कुछ कहते हैं, वह मुख्यमंत्री हैं या क्या हैं?

तेजस्वी यादव ने कहा कि पता नहीं इस राज्य में मुख्यमंत्री है भी या नहीं. पता नहीं कौन मुख्यमंत्री है. चार लोग पूरी सरकार चला रहे हैं, दो यहां (बिहार) और दो वहां (केंद्र) और ये लोग सरकार चला रहे हैं। उन्हें (सीएम नीतीश कुमार) बताना चाहिए कि क्या हो रहा है। इस राज्य में छात्र रो रहे हैं, उनकी सुध लेने वाला कोई क्यों नहीं है। मुख्यमंत्री कुछ नहीं बोलते। न तो सदन में बोलते हैं और न ही सदन के बाहर। वे हमारे पत्र का जवाब भी नहीं देते। यह लोकतंत्र है और उन्हें समझना चाहिए कि एक नेता को विपक्षी दल के पत्र का जवाब देना होता है।

 बिहार के कई जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, लेकिन ठंड में कोई बढ़ोतरी नहीं

BPSC: खान और गुरु रहमान पर बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने कहा- शिक्षक छात्रों को भड़का रहे हैं, SHO तलब

बिहार के कई जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, लेकिन ठंड में कोई बढ़ोतरी नहीं

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पटना: बिहार में आज मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। लेकिन बिहार में अभी कड़ाके की ठंड और शीतलहर की स्थिति संभव नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, आज राज्य के दक्षिणी हिस्सों के अधिकांश जिलों और उत्तर पश्चिम बिहार के कई जिलों में हल्की या मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। लेकिन तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि अगले 4 दिनों के बाद यानी 31 दिसंबर या 2025 की शुरुआत से बिहार में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, पूर्वी बांग्लादेश और उसके आसपास समानांतर से 1.5 किमी ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम 110 नॉट की हवा की गति से समानांतर से 12.6 किमी ऊपर उत्तर पश्चिम भारत में बना हुआ है। इसके प्रभाव से बारिश तो होगी लेकिन ठंडी हवा का प्रवाह बहुत अधिक नहीं होगा। मौसम विभाग ने आज दक्षिण बिहार के सभी 19 जिलों में बारिश या बादल छाए रहने की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, बक्सर, भोजपुर, अरवल में आंधी के साथ हल्की या मध्यम बारिश की चेतावनी दी है। दक्षिण-मध्य राजधानी पटना, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय में कहीं-कहीं बादल छाए रहने, बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है। दक्षिण-पूर्व क्षेत्र के भागलपुर, मुंगेर, जमुई, बांका और खगड़िया में भी बूंदाबांदी के साथ बादल छाए रहने की संभावना है। इसके अलावा उत्तर बिहार के पश्चिमी क्षेत्र के पांच जिलों सारण, गोपालगंज, सीवान, पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण में भी बूंदाबांदी या हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।

BPSC: खान और गुरु रहमान पर बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने कहा- शिक्षक छात्रों को भड़का रहे हैं, SHO तलब 

BPSC: खान और गुरु रहमान पर बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने कहा- शिक्षक छात्रों को भड़का रहे हैं, SHO तलब

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बिहार में पिछले 11 दिनों से अभ्यर्थी BPSC 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इन अभ्यर्थियों को कई शिक्षकों का समर्थन भी मिल रहा है. लेकिन कल शाम को भी देखा गया कि कई छात्रों ने खान सर का विरोध किया और कहा कि वे हमारे आंदोलन में राजनीति करने और हमें कमजोर करने आ रहे हैं. इस विरोध के बाद खान सर वहां से चले गए और कुछ देर बाद यह भी देखा गया कि गुरु रहमान भी मंच पर गिर पड़े. लेकिन, अब प्रशासन ने इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की है और उन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

जानकारी के मुताबिक गर्दनीबाग पुलिस इंस्पेक्टर ने शिक्षक मोहम्मद रहमान को नोटिस भेजकर आज सुबह 11 बजे तक थाने में हाजिर होने को कहा है. पुलिस ने यह भी कहा है कि शिक्षक छात्रों को भड़का रहे हैं और यह कानून के नियमों के खिलाफ है. पुलिस का कहना है कि अगर आपके पास पेपर लीक से जुड़ा कोई ठोस सबूत है तो उसे लेकर आएं और पुलिस को इसकी जानकारी दें वरना आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पुलिस की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि शिक्षक मोहम्मद रहमान को आज 28 दिसंबर को सुबह 11:00 बजे गर्दनीबाग थाने में उपस्थित होना है.

उन्हें गर्दनीबाग थाना प्रभारी संजीव कुमार के स्वलिखित बयान के आधार पर नोटिस भेजा गया है. उनसे कहा गया है कि आप जांच में सहयोग करेंगे. साथ ही गुरु रहमान से कहा गया है कि नोटिस के माध्यम से आपको सूचित किया जाता है कि गर्दनीबाग धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे BPSC अभ्यर्थियों के बीच 70वीं BPSC का पेपर लीक हो गया है और 70वीं BPSC द्वारा आयोजित पीटी परीक्षा को रद्द कर पुनः परीक्षा की मांग की जा रही है.

ऐसे में बीएससी प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के संबंध में आपके पास जो भी साक्ष्य और दस्तावेज हैं, उसे 28 दिसंबर को सुबह 11:00 बजे गर्दनीबाग थाने में उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। इधर, शिक्षक को भी चेतावनी दी गई है कि अगर उनके पास कोई सबूत नहीं है और वे कोई सबूत पेश नहीं करते हैं तो यह समझा जाएगा कि आप जानबूझकर बीपीएससी की छवि खराब कर रहे हैं। वहीं, कल खान सर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचे और उन्हें अपना समर्थन दिया लेकिन छात्रों ने उनका कड़ा विरोध किया और कहा कि खान सर यहां राजनीति करने आए हैं और वे हमारे आंदोलन को दूसरी दिशा में ले जा रहे हैं और हम ऐसा नहीं होने देंगे।

 पटना उतरते ही BPSC पर भड़के तेजस्वी यादव, कहा- CM मुझे जवाब तक नहीं दे रहे…

पटना उतरते ही BPSC पर भड़के तेजस्वी यादव, कहा- CM मुझे जवाब तक नहीं दे रहे…

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पटना: तेजस्वी यादव शुक्रवार को पटना पहुंचे। पटना पहुंचते ही तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि बिहार में सरकार कौन चला रहा है। छात्रों पर लाठीचार्ज हो रहा है। लाठीचार्ज से घायल छात्र अस्पताल में भर्ती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों में आंसू दिख रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी मांगें मानने को तैयार क्यों नहीं है? विपक्षी दल के नेता के तौर पर मैंने पत्र लिखा लेकिन उसका जवाब तक नहीं दिया गया।

दरअसल, तेजस्वी यादव ने ये सारी बातें 70वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर बुधवार (25 दिसंबर) को हुए लाठीचार्ज से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहीं। BPSC अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज पर उन्होंने आगे कहा कि सीएम नीतीश कुमार खुद को जेपी का शिष्य कहते हैं, लेकिन छात्रों के लोकतांत्रिक विरोध से नफरत करते हैं। सभी स्वार्थी एनडीए नेताओं का यही हाल है।

डॉ. मनमोहन सिंह जी से सीखें असरदार जीवन जीना | HUMBLE TRIBUTE TO DR. MANMOHAN SINGH | RJ KARTIK

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जमाना ना कर सका उसके कद का अंदाजा वो आसमान था लेकिन सिर झुका कर चलता था भारतीय अर्थव्यवस्था के पितामह भीष्म कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह जी को शत शत नमन !!

डॉक्टर मनमोहन सिंह जी की जिंदगी में एक अजब संयोग रहा जो जन्म से लेकर मृत्यु तक उनके साथ रहा यह संयोग था 26 के अंक का जन्म भी उनका 26 तारीख को हुआ और निधन भी इसी तारीख को हुआ 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के गाह गांव में उनका जन्म हुआ था यह हिस्सा पाकिस्तान में आता है !

डॉ. मनमोहन सिंह जी से सीखें असरदार जीवन जीना | HUMBLE TRIBUTE TO DR. MANMOHAN SINGH | RJ KARTIK

देश का बटवारा हुआ तो इनका परिवार अमृतसर आकर बस गया यहीं से उनके करियर की शुरुआत हुई डॉर मनमोहन सिंह पाकिस्तान के जिस गांह में जन्मे वहां उनके नाम पर एक स्कूल भी है इसे मनमोहन सिंह गवर्नमेंट बॉय स्कूल के नाम से जाना जाता है इसी स्कूल में इन्होंने अपनी पढ़ाई की थी शुरुआती कभी अंधेरे में जीने वाला ये गांव आज आदर्श गांव बन चुका है!

यहां के लोग डॉक्टर मनमोहन सिंह जी को धन्यवाद देते थकते नहीं है आंखों की रोशनी कम होने के बारे में जब उनसे एक सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि लैंप के प्रकाश में पढ़ने से उनकी आंखें कमजोर हो गई थी उर्दू उनकी पहली जुबान थी जब भी उन्हें हिंदी में भाषण देना होता था तो वो उर्दू के ही बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा जाता था 3 साल तक  मनमोहन सिंह जी की सुरक्षा में तैनात रहे !

डॉ. मनमोहन सिंह जी से सीखें असरदार जीवन जीना | HUMBLE TRIBUTE TO DR. MANMOHAN SINGH | RJ KARTIK

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री असीम अरुण ने उनके साथ रहने के दौरान का एक इंस्पिरेशनल किस्सा शेयर किया उन्होंने कहा कि मैं 2004 से लगभग 3 साल तक उनके साथ रहा एसपीजी में पीएम की सुरक्षा का जो सबसे अंदरूनी घेरा होता है क्लोज प्रोटेक्शन टीम उसको लीड करने का मुझे अवसर मिला एआईजी सीपीटी वो व्यक्ति है जो प्रधानमंत्री से कभी दूर नहीं रह सकता ।

यदि एक ही बॉडीगार्ड रह सकता है तो साथ में एक बंदा होगा ऐसे में उनके साथ उनकी परछाई की तरह रहने की जिम्मेदारी मेरी थी डॉक्टर साहब की अपनी एक ही कार थी maruti-suzuki जैसे अपने संकल्प को दोहरा रहे हो कि मैं मिडिल क्लास इंसान हूं ।

डॉ. मनमोहन सिंह जी से सीखें असरदार जीवन जीना | HUMBLE TRIBUTE TO DR. MANMOHAN SINGH | RJ KARTIK

और आम आदमी की चिंता करना मेरा काम है करोड़ों की गाड़ी प्रधानमंत्री की है लेकिन मेरी तो यही लोकतांत्रिक राष्ट्र के 10 वर्षों तक वह प्रधानमंत्री रहे और डॉक्टर मनमोहन सिंह जिन्हें दुनिया भर में जो उनकी आर्थिक विद्वता थी और काम था उसके लिए सम्मान मिला कभी अपने गांव में मिट्टी के तेल से जलने वाले लैंप की रोशनी में उन्होंने पढ़ाई की और आगे चलकर देश के एक प्रतिष्ठित इकोनॉमिस्ट बने डॉक्टर मनमोहन सिंह के जो करियर की अगर मैं बात करूं और ज्यादा जब उस करियर के बारे में बात की गई तो वो समय था 1990 का।

राज्यसभा में अपनी 33 साल की  उनकी लंबी संसद पारी रही और इसकी शुरुआत 1991 में हुई थी 91 का नंबर भी उनकी लाइफ में जो है बड़ा इंपॉर्टेंट है अक्टूबर 1991 में पहली बार वो संसद के उच्च सदन के मेंबर बने थे और यही वो दौर था जब 1991 से 1996 तक वो फॉर्मर प्रधान प्राइम मिनिस्टर नरसिमा राव जी की सरकार में फाइनेंस मिनिस्टर रहे थे और यही नहीं 91 वर्ष की उम्र में उन्होंने 3 अप्रैल 2024 को राज्यसभा से रिटायरमेंट  लिया था ।

2004 से 2014 तक वो 10 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहे फाइनेंस मिनिस्टर रहते हुए डॉ मनमोहन सिंह जी ने 1991 में देश की जो इकोनॉमिक पॉलिसीज थी जो इंडस्ट्रियल पॉलिसीज थी उनकी घोषणा करते हुए इकोनॉमिक रिफॉर्म्स की अ शुरुआत की थी फॉर्मर फाइनेंस मिनिस्टर का ही यह कंट्रीब्यूशन था जिसके सहारे हमारी जो आर्थिक नीतियां थी ।

डॉ. मनमोहन सिंह जी से सीखें असरदार जीवन जीना | HUMBLE TRIBUTE TO DR. MANMOHAN SINGH | RJ KARTIK

वह मजबूत हुई और भारत की जो अर्थव्यवस्था थी वह मजबूत होती चली गई रिजर्व बैंक के वोह गवर्नर थे और वहां से उन्हें फाइनेंस मिनिस्टर बनाया गया तो सवाल बहुत उठे लेकिन उस वक्त जो प्रधानमंत्री थे नरसिंहा राम उन्होंने पूरा विश्वास किया डॉ मनमोहन सिंह जी पर और डॉ मनमोहन सिंह जी को जो फाइनेंस मिनिस्टर बनाया गया तो उनके जो फैसले थे ।

उसने देश की जो अर्थव्यवस्था की हालत हालत थी उसको पूरी तरीके से बदल दिया एक तरीके से उछाला गया हमारे देश की अर्थव्यवस्था में डॉक्टर मनमोहन सिंह जी ने कहा था कि मुझे उम्मीद है कि इतिहास मेरा मूल्यांकन करते समय ज्यादा उदार रहेगा ।

डॉ. मनमोहन सिंह जी से सीखें असरदार जीवन जीना | HUMBLE TRIBUTE TO DR. MANMOHAN SINGH | RJ KARTIK

क्योंकि मीडिया ने विपक्ष ने तो जो है बहुत सारी आलोचना की थी बराक ओबामा ने कहा था कि जब मनमोहन सिंह बोलते हैं तो पूरी दुनिया सुनती है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी जब राज्यसभा में रिटायरमेंट वाला दिन था तो एक प्रेरणादायक उदाहरण जो है वो कहा था ।

डॉक्टर मनमोहन सिंह जी का जो जीवन है हमें बताता है कि सादगी और ज्ञान के साथ बड़े से बड़ा टारगेट आप अचीव कर सकते हैं उनकी जो जर्नी है वो हम याद करती कि चाहे जितने स्ट्रगल आ जाएं जितनी कठिनाइयां आ जाएं ईमानदारी से और कड़ी मेहनत से आप हर चुनौती को पार कर सकते हैं ।

उनके जीवन से जुड़ा एक और इंटरेस्टिंग किस्सा है और  जब लोकसभा का चुनाव आया 1999 का तो डॉक्टर मनमोहन सिंह को लगा कि बड़े नेता उनके साथ हैं उनका काम भी अच्छा रहा है बतौर फाइनेंस मिनिस्टर तो यह चुनावी रणनीति में उतरने का सही समय है तो उन्होंने सोचा कि ठीक है लोकसभा चुनाव लड़ते हैं और उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए दक्षिणी दिल्ली के साउथ दिल्ली की जो लोकसभा सीट थी ।

उसको चुना वहां पर मुस्लिम और सिख जो है इनको मिलाकर आबादी पर 50% के करीब थी मुस्लिम जो हैं वो कांग्रेस के परंपरागत वोटर रहे हैं और सिख जो कम्युनिटी है व सरदार मनमोहन सिंह जी से कनेक्ट फील करती थी तो यह सोच करके उन्होने लगा कि ये सीट सबसे सेफ है और यहां से व चुनाव जीत जाएंगे बीजेपी ने उनके सामने वीके मल्होत्रा जी को उतारा जो कि स्टेट लेवल के लीडर थे !

और उन्होंने जनसंघ से जो है अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत की थी 1967 में वो मुख्य कार्यकारी पार्षद चुने गए थे और तब इस पद की हैसियत मुख्यमंत्री से कम नहीं थी इसलिए लोग उन्हें दिल्ली का पहला मुख्यमंत्री भी कह देते थे तो वीके मल्होत्रा जी जब सामने आए तो जब चुनाव हुआ तो उसमें हार हो गई डॉक्टर मनमोहन सिंह जी की उससे पहले की अगर बात करें ।

तो डॉक्टर मनमोहन सिंह जी को चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी की ओर से 20 लाख मिले थे उनके पास कई फाइनेंसर्स ने आने की कोशिश की लेकिन वो सबसे दूर उन्होंने कहा कि पैसे की क्या जरूरत है पार्टी के कार्यकर्ता ही चुनाव जिता देंगे ।

तो चंदा लेना उनके उसूलों के खिलाफ था लेकिन तब एक नेता ने आक के कहा कि हम चुनाव हार रहे हैं कार्यकर्ता साथ नहीं है पैसा चाहिए बहुत सारी व्यवस्थाएं करनी है हमें चुनावी कार्यालय खोलना है लोगों के खाने पीने का इंतजाम करना है ।

बिना पैसे के सब नहीं होगा थोड़ा गौर किया उसके बाद उन्होंने जो थी वो व्यवस्था को संभाला और चुना चुनाव के लिए चंदा इकट्ठा किया फाइनेंसर्स भी मिले तब जाकर के चुनाव का जो है खर्चा उठा चुनाव होने के बाद उन्होंने पार्टी फंड के जो ₹ लाख बचे हुए थे वो वापस लौटा दिया चुनाव का जब रिजल्ट आया तो उन्हें धक्का लगा क्योंकि वह 30000 वोट से चुनाव हार गए थे ।

जो बीजेपी के कैंडिडेट थे विजय मल्होत्रा जी उन्हें 26000 वोट मिले और कांग्रेस के जो कैंडिडेट थे डॉक्टर मनमोहन सिंह जी इनको 21000 वोट मिले और कहते हैं कि इतने निराश हो गए कि उन्होंने डिसाइड किया कि अब कभी लोकसभा का चुनाव लडूंगा ही नहीं लेकिन आप नियती का खेल देखिए।

कि उनका जो उन्हें लग रहा था कि सियासी करियर खत्म हो गया है तब 2004 में वो देश के प्रधानमंत्री बन गए एक एक्सपर्ट ने मुझे बताया कि डॉक्टर मनमोहन सिंह जी ने तब जो वो कैंडिडेट थे उनको कॉल करके बधाई दी थी बहुत रेयर होता है कि हारने के बाद आप जीते हुए व्यक्ति को कॉल करके बधाई दे बड़ा इंटरेस्टिंग यह मुझे वाकया लगा जब उनके कॉलेज के दौर की बात चलती है।

तो उनके जो सीनियर्स थे उनके कॉलेज के साथी थे वो कहते हैं कि न साल कॉलेज की डिबेट टीम का हिस्सा रहे और वो अपनी बातचीत से दूसरों को प्रभावित करने की शैली शुरू से रखते थे डिबेट के दौरान भी बहुत कम शब्दों में अपनी बात रखते थे शांति से बात रखते थे लेकिन उनके शब्द इतने प्रभावशाली होते थे कि बहुत कम बोलते हुए भी डिबेट में उन्हें पहला इनाम मिल जाता था ।

वह फर्स्ट आते थे हिंदू कॉलेज में भी डॉक्टर मनमोहन सिंह जी का जो अधिकतर समय था वो लाइब्रेरी में ही बीतता था हां कभी कुछ दोस्त वगैरह के साथ में लॉन में बैठ जाते थे और अगर कभी फिल्मी बातें चल जाती तो वो थोड़ा उसमें कम इंटरेस्ट लेते थे वो शर्मा जाते थे फिल्मी हीरोइन की बातें हीरोज की बातें सुनकर के तो थोड़ा वो इनसे मूवी से दूर रहते थे ।

डॉक्टर मनमोहन सिंह जी का वहां जो रोल नंबर था वो 19 था सीरियल नंबर 1420 था पढ़ाई में इतने होशियार थे कि कॉलेज ने उनकी आधी फीस माफ कर रखी थी ग्रेजुएशन में इकोनॉमिक्स पॉलिटिकल साइंस और पंजाबी जो है उनके सब्जेक्ट्स थे डॉक्टर मनमोहन सिंह जी का जो करियर रहा है जो उनकी जीवन की अगर हम बात करें उनकी जीवन शैली रही है।

डॉ. मनमोहन सिंह जी से सीखें असरदार जीवन जीना | HUMBLE TRIBUTE TO DR. MANMOHAN SINGH | RJ KARTIK

वो सादगी से भरी हुई रही है सौम्यता से भरी हुई रही है वो मुस्कुराते अपना काम करते चले गए और जैसा उन्होंने कहा कि इतिहास मेरा मूल्यांकन उदार होकर करेगा तो इतिहास हमेशा उन्हें याद रखेगा कि जो भी उन्होंने आर्थिक निर्णय लिए वो वाकई में देश के लिए असरदार थे डॉक्टर मनमोहन सिंह जी को हम सभी की ओर से शत शत नमन अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि ।।

डॉ. मनमोहन सिंह जी से सीखें असरदार जीवन जीना | HUMBLE TRIBUTE TO DR. MANMOHAN SINGH | RJ KARTIK

 

प्रशांत किशोर की चेतावनी के बाद मचा हड़कंप, घर पहुंची पुलिस! कहीं मत जाना?

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पटना: बिहार में BPSC परीक्षा को लेकर छात्रों का गुस्सा जारी है. छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं. छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है. इस बीच जन सुराज अभियान के मास्टरमाइंड प्रशांत किशोर ने BPSC छात्रों के साथ मार्च निकालने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

इस बारे में उन्होंने कहा कि बिहार में हर दूसरे दिन लाठी चल रही है. सरकार को इसकी जानकारी कैसे नहीं है? अगर ऐसा है तो हम अभी से उनके साथ खड़े हैं. देखते हैं वो कैसे लाठी चलाते हैं.

उन्होंने कहा कि अगर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं तो वो आपकी सरकार से अनुमति लेकर लोकतांत्रिक तरीके से कर रहे हैं. सरकार को छात्रों से बात करनी चाहिए, उनकी समस्याओं को समझना चाहिए. लेकिन आपको लाठी चलाने का अधिकार किसने दिया है. हम इसका विरोध करते हैं और जब भी छात्र मार्च निकालेंगे तो प्रशांत किशोर और जन सुराज के साथी उनके साथ उस मार्च का नेतृत्व करने जाएंगे. क्योंकि हम यह भी देखना चाहते हैं कि पुलिस लाठीचार्ज कैसे करती है और अगर लाठीचार्ज हुआ तो उसे भी परिणाम भुगतना पड़ेगा।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के निधन पर बिहार के नेताओं ने जताया शोक, सीएम नीतीश समेत कई नेताओं ने जताया दुख

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के निधन पर बिहार के नेताओं ने जताया शोक, सीएम नीतीश समेत कई नेताओं ने जताया दुख

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पटना: मनमोहन सिंह का निधन राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है. इतिहास उन्हें न सिर्फ याद रखेगा बल्कि उनका दीवाना भी रहेगा. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार देर रात अंतिम सांस ली. पूरे देश में शोक का माहौल है. बिहार के नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया. सीएम नीतीश कुमार, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव समेत अन्य नेताओं ने श्रद्धांजलि दी.

सीएम नीतीश कुमार ने मनमोहन सिंह के निधन पर दुख जताया. सीएम ने कहा कि वे एक कुशल राजनीतिज्ञ और अर्थशास्त्री थे. उनके नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली. यह भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है. सीएम ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की.

आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने मनमोहन सिंह को याद किया. उन्होंने उनके साथ किए गए कार्यों को भी याद किया. आपको बता दें कि लालू यादव मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहने के दौरान रेल मंत्री बने थे. उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह ने आधुनिक और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी. उनका जाना व्यक्तिगत क्षति है. उनका भरपूर स्नेह मुझे निरन्तर प्राप्त होता रहा। ऐसे विनम्र और महान व्यक्ति के साथ काम करना मेरा सौभाग्य था।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सरदार डॉ. मनमोहन सिंह जी ने दशकों तक हमारी अर्थव्यवस्था, देश की ऐतिहासिक प्रगति और विकास की अध्यक्षता की। उनकी बुद्धिमत्ता, सहनशीलता, दूरदर्शिता, विनम्रता और समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। कहा कि इतिहास न केवल मनमोहन सिंह को याद रखेगा बल्कि उनका दीवाना भी होगा।

बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन की खबर बेहद दुखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और इस कठिन समय में प्रियजनों को शक्ति प्रदान करें।

डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन की खबर दुखद है। भारतीय राजनीति में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके समस्त शोकाकुल परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शोक संवेदना व्यक्त की। मनमोहन सिंह जी के निधन की खबर से स्तब्ध हूँ। कहा कि उनका निधन देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। देश ने एक महान अर्थशास्त्री और कुशल नेता खो दिया है। उनकी सोच, दूरदर्शिता और ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों में उनके अभूतपूर्व योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

 

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सीएम नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा दो दिनों के लिए स्थगित, जानें वजह

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 27 और 28 दिसंबर की प्रगति यात्रा स्थगित कर दी गई है. उन्हें आज शुक्रवार को मुजफ्फरपुर जाना था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल शनिवार को हाजीपुर जाने वाले थे. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर देश में सात दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है. इस कारण सीएम की प्रगति यात्रा का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है.

आपको बता दें कि सीएम के आज के दौरे को लेकर मुजफ्फरपुर में सारी तैयारियां कर ली गई थीं. यहां तक ​​कि शहर का रूट भी डायवर्ट कर दिया गया था. कई सड़कों को भी बंद कर दिया गया था. नीतीश कुमार के दौरे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं. लेकिन देर रात पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद अचानक यात्रा में बदलाव का फैसला लिया गया है.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के कारण बिहार के सभी नेता अपने कार्यक्रम रद्द कर रहे हैं. मिली जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।

 

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